वीरता, त्याग और बलिदान की पर्याय CISF आधुनिकता को अपनाकर राष्ट्र की सुरक्षा की ढाल बनी हैअपनी स्थापना के 56...
गृह मंत्रालय
मोदी सरकार में डिजिटल इंडिया गरीबों को सस्ता अनाज देने के क्षेत्र में पदार्पण कर रहा हैसेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी...
गृह मंत्री ने सभी स्वाधीनता सेनानियों व मजबूत लोकतंत्र की नींव रखने वाले संविधान निर्माताओं को भी नमन कियाप्रधानमंत्री नरेन्द्र...
मोदी सरकार विकसित भारत में एक मजबूत हेल्थ इकोसिस्टम बनाने के लिए कटिबद्ध है, इसमें डॉक्टरों की भूमिका निर्णायक रहने...
स्वदेशी उद्योग बनाने से लेकर नि:स्वार्थ परोपकार तक, रतन टाटा जी ने दिखाया कि सच्ची सफलता देश की सेवा में...
हमारी सीमाओं की रक्षा करने से लेकर संकट के समय नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने तक...
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज 11,718.24 करोड़ रुपये की लागत से भारत की जनगणना 2027 कराने के प्रस्ताव को मंजूरी...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में, भारत सरकार एक सुरक्षित, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित आपराधिक न्याय प्रणाली का निर्माण कर...
भारत सरकार ने 16 जून 2025 को आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया तंत्र को मज़बूत करने के लिए तीन नई प्रमुख पहलों, अर्थात् आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एकीकृत नियंत्रण कक्ष (आईसीआर-ईआर), एनडीईएम लाइट 2.0 मोबाइल ऐप और असम बाढ़ जोखिम क्षेत्रीकरण एटलस का शुभारंभ किया। i. आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एकीकृत नियंत्रण कक्ष (आईसीआर-ईआर) आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एकीकृत नियंत्रण कक्ष (आईसीआर-ईआर) अत्याधुनिक अवसंरचना, आपदा-प्रतिरोधी सुविधा है। आईसीआर-ईआर का उद्देश्य लगभग वास्तविक समय में सूचना प्राप्ति, रणनीतिक स्तर की निगरानी, स्थितिजन्य जागरूकता और तैयारी एवं प्रतिक्रिया गतिविधियों से संबंधित प्रभावी निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। आईसीआर-ईआर को समर्थन देने वाली प्रमुख तकनीकी रीढ़ों में से एक राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन डेटाबेस (एनडीईएम), संस्करण 5.0 है। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन - राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (इसरो-एनआरएससी) ने विकसित किया है। यह प्लेटफ़ॉर्म विशेष रूप से भारत भर में प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन में आईसीआर-ईआर की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डेटा और आपदा-विशिष्ट जानकारी के रीयल-टाइम प्रसारण के लिए पूर्वानुमान लगाने वाले संगठनों की सेवाओं को एपीआई के माध्यम से एकीकृत किया गया है। इससे राहत और बचाव कार्यों, क्षति आकलन, आपदा जोखिम विश्लेषण आदि में मदद मिलेगी। आईसीआर-ईआर राज्यों/केंद्रीय एजेंसियों के साथ प्रतिक्रिया की निगरानी और समन्वय कर रहा है और 24×7 कार्यरत है। ii. एनडीईएम लाइट 2.0 ऐप यह इसरो-एनआरएससी द्वारा विकसित राष्ट्रीय आपातकालीन डेटाबेस ऐप का हल्का संस्करण है। एनडीईएम मोबाइल ऐप राहत एवं बचाव अधिकारियों और जमीनी स्तर के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को लगभग रीयल-टाइम संचालन में सहायता करेगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से आपदा-विशिष्ट अलर्ट जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन अधिकारियों की मदद करेंगे। iii. असम बाढ़ जोखिम क्षेत्रीकरण एटलस यह असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र द्वारा बाढ़ शमन प्रयासों में सहायता के लिए विकसित महत्वपूर्ण नियोजन उपकरण है। असम बाढ़ जोखिम एटलस बाढ़ के मैदानों में विकासात्मक गतिविधियों को नियंत्रित करने, फसल बीमा, बाढ़ नियंत्रण संरचनाओं की योजना बनाने और बाढ़ राहत एवं बचाव केंद्रों के निर्माण में उपयोगी है। एनडीईएम 5.0 जियोपोर्टल खुला है और देश के किसी भी उपयोगकर्ता द्वारा राज्य/ज़िला/तहसील और ग्राम स्तर से इसे एक्सेस किया जा सकता है। असम बाढ़ जोखिम एटलस देश के किसी भी उपयोगकर्ता द्वारा एनडीईएम 5.0 जियोपोर्टल या आईसीआर-ईआर से डाउनलोड के लिए खुला है। गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
सरकार ने अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 19 जिलों के उत्तरी सीमा से...
स्वतंत्रता दिवस, 2025 के अवसर पर पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड और नागरिक रक्षा (एचजी एंड सीडी) तथा सुधारात्मक सेवाओं के...
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, "पुलिस" राज्य का विषय है और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपने पुलिस बलों...
भारत में विदेशी पर्यटकों सहित पेशेवरों, कुशल श्रमिकों, व्यापारियों, छात्रों जैसे अन्य विदेशी नागरिकों की वैध आंतरिक आवाजाही के लिए...
पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2025 से बढ़ाकर 15 अगस्त, 2025 कर दी...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार आपदा के समय बिना किसी भेदभाव के राज्यों के साथ मजबूती...
गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार-2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें 15 मार्च 2025 से...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक और अन्य आपदाओं के दौरान राज्य सरकारों के साथ कंधे...
गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार-2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें 15 मार्च 2025 से...
केन्द्रीय गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) ने जनता को ऑनलाइन बुकिंग धोखाधड़ी के बारे में सचेत किया है। विशेष रूप से ऐसे मामलों को लेकर सचेत किया गया है, जिनमें देश में धार्मिक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को निशाना बनाया जा रहा है। यह धोखाधड़ी नकली वेबसाइटों, भ्रामक सोशल मीडिया पेजों, फेसबुक पोस्ट और गूगल जैसे सर्च इंजनों पर Paid विज्ञापनों के माध्यम से की जा रही हैं। इन घोटालों में पेशेवर दिखने वाली लेकिन नकली वेबसाइटें, सोशल मीडिया प्रोफाइल और व्हाट्सएप खाते बनाकर निम्नलिखित सेवाओं की पेशकश की जाती है: * केदारनाथ, चार धाम के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग * तीर्थयात्रियों के लिए गेस्ट हाउस और होटल बुकिंग * ऑनलाइन कैब/टैक्सी सेवा बुकिंग * होलीडे पैकेज और धार्मिक यात्राएं संदेह किए बिना लोग इन पोर्टलों के माध्यम से भुगतान करने के बाद, अक्सर तब ठगे जाने का एहसास करते हैं जब बुकिंग की कोई पुष्टि या सेवा प्राप्त नहीं होती और संपर्क के लिए दिए गए नंबर पहुंच से बाहर (Unreachable) हो जाते हैं। लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है: 1. कोई भी भुगतान करने से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता की हमेशा जांच करें। 2. गूगल, फेसबुक या व्हाट्सएप पर “प्रायोजित” या अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से पहले सत्यापन करें। 3. बुकिंग केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टलों या विश्वसनीय ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से करें। 4. ऐसी वेबसाइटों की तुरंत शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: www.cybercrime.gov.in पर करें या किसी धोखाधड़ी के मामले में 1930 पर कॉल करें। 5. केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग https://www.heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से की जा सकती है। 6. सोमनाथ ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट https://somnath.org है और गेस्ट हाउस बुकिंग उसी के माध्यम से की जा सकती है। इन घोटालों को रोकने के लिए, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र बहु-आयामी रणनीति अपना रहा है: * स्कैम सिग्नल एक्सचेंज (Scam Signal Exchange) - स्कैम सिग्नल नियमित रूप से आईटी मध्यस्थों जैसे गूगल, व्हाट्सएप, फेसबुक के साथ साझा किए जा रहे हैं ताकि सक्रिय रूप से पता लगाया जा सके। * प्रवर्तन (Enforcement) - साइबर अपराध हॉटस्पॉट्स की पहचान की जा रही है और जिन...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार मणिपुर में चिरस्थायी शांति बहाली के लिए प्रतिबद्ध है और इसके...
वर्ष 2024 के दौरान आई बाढ़/अचानक बाढ़, भूस्खलन, चक्रवाती तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए आंध्र प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना...
पवित्र त्रिवेणी संगम पर सामाजिक समरसता और सद्भाव के प्रतीक ‘महाकुंभ’ में पूज्य संतजनों के सान्निध्य में स्नान कर अभिभूत...
हम नार्को Terror के पूरे Ecosystem को ध्वस्त करने के लिए संकल्पित हैंआज शुरू हुए ज़ब्त मादक पदार्थों के विनष्टीकरण...
गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा विकसित भारतपोल पोर्टल का शुभारंभ किया।...
बैठक में अखिल भारतीय स्तर पर CCTNS 2.0, NAFIS, जेलों, अदालतों, अभियोजन और फॉरेंसिक के ICJS 2.0 के साथ एकीकृत...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के Security Scenario में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है और BSF के...
'केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक' विशेष अभियान, जांच, खुफिया जानकारी और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य को मान्यता एवं...
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी...
सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में 5 नये जिले बनाने का निर्णय किया है। ये हैं- जांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा...
‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि देता हूँ, जिन्होंने इतिहास के सबसे क्रूर प्रकरण के दौरान...
आगामी 9 से 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा लहराकर https://harghartiranga.com वेबसाइट पर अपनी सेल्फी अपलोड करें: अमित शाहप्रधानमंत्री...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के क्षेत्र में वैश्विक और क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिका...
गृहमंत्री अमित शाह ने पूर्व राष्ट्रपति और जाने माने वैज्ञानिक भारत रत्न से सम्मानित डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम...
‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (एनएमबीए) के तहत सरकार के प्रयासों से नशे की लत के मामलों का बेहतर ढंग से...
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस), धारा 106 की उप-धारा (2) के प्रावधान को छोड़कर, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस),...