अगस्त 1, 2026

दिल्ली

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने आज नई दिल्ली में स्वदेशी रूप से विकसित एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (एक्सडब्ल्यूजी) डीजल लॉन्च...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए 36,441 करोड़ रुपये के संयुक्त परिव्यय के साथ विस्तारित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संघों (एएनएसएफ) को बढ़ी हुई सहायता को मंजूरी दे दी है। यह युवा विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए खेलों की शक्ति का उपयोग करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। यह आजादी के बाद से देश का सबसे महत्वाकांक्षी खेल विकास कार्यक्रम है। खेलों के प्रति देश के युवाओं की आकांक्षाओं को काफी बढ़ावा दिया गया है और आने वाले दशक में इसका परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा। स्वीकृत परिव्यय पिछली खेलो इंडिया योजना की तुलना में लगभग आठ गुना है, जो खेलों को युवा विकास, राष्ट्र-निर्माण और वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में भारत के उद्भव की आधारशिला बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संशोधित योजना को स्कूल के खेल के मैदानों और गांव के खेल के मैदानों से लेकर ओलंपिक पोडियम तक प्रत्येक प्रतिभाशाली युवा भारतीय के लिए एक सहज मार्ग बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि भूगोल, आर्थिक पृष्ठभूमि या अवसरों की कमी के कारण कोई भी खेल प्रतिभा अनदेखी न रहे। खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह योजना 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए देश की दावेदारी सहित भारत की दीर्घकालिक खेल महत्वाकांक्षाओं के लिए एक मजबूत नींव रखते हुए शिक्षा, फिटनेस, प्रौद्योगिकी और श्रेष्‍ठ प्रदर्शन प्रशिक्षण के साथ खेलों को एकीकृत करती है। हर प्रतिभाशाली युवा को उत्कृष्टता का मार्ग: पहली बार, प्रतिभा की पहचान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता और ओलंपिक की तैयारी तक हर स्तर पर युवा खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए एक व्यापक एथलीट विकास मार्ग बनाया गया है। यह योजना एक एकीकृत राष्ट्रव्यापी खेल इकोसिस्‍टम स्थापित करती है जिसमें राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई), खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र (केआईसीओई), भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी), खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त अकादमियां (केआईएए), खेलो इंडिया केंद्र (केआईसी) और सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियां (वाईएससी) शामिल हैं। साथ में, ये संस्थान देश भर में विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल विज्ञान सहायता और आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करेंगे। स्कूली खेल इकोसिस्‍टम को मजबूत करने के लिए, सरकार ने दो नई पहल- खेलो इंडिया फीडर स्कूल (केआईएफएस) और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय (केआईयूवी) शुरू की हैं, जो खेल को मुख्यधारा की शिक्षा के साथ एकीकृत करेंगे और प्रतिभाशाली बच्चों की प्रारंभिक पहचान और व्यवस्थित पोषण को सक्षम करेंगे। भारत के एथलीट पूल का लगभग दस गुना विस्तार: इस योजना के तहत एक बड़ा सुधार मौजूदा खेलो इंडिया एथलीट कार्यक्रम के साथ-साथ इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट (ई-केआईए) श्रेणी का निर्माण है। यह संरचित एथलीट विकास इकोसिस्‍टम का लगभग दस गुना विस्तार करेगा, जिससे हजारों अतिरिक्त युवा एथलीटों को पेशेवर कोचिंग, वैज्ञानिक सहायता और दीर्घकालिक सलाह के तहत लाया जाएगा। प्रतिभा पहचान विकास समितियों, क्षेत्रीय समितियों, प्रतिभा स्काउट्स, उच्च प्रदर्शन निदेशकों और उच्च प्रदर्शन प्रबंधकों को शामिल करते हुए एक मजबूत राष्ट्रव्यापी प्रतिभा पहचान का ढांचा देश भर में होनहार एथलीटों की निरंतर पहचान, ट्रैकिंग और विकास सुनिश्चित करेगा। यह योजना जमीनी स्तर की प्रतियोगिताओं से खेलो इंडिया और बाद में टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) तक एक स्पष्ट प्रगति का मार्ग भी स्थापित करती है, जिससे योग्य एथलीटों को उच्चतम स्तर पर पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और व्यापक समर्थन प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सके। अधिक प्रतियोगिताएं, अधिक अवसर: इस...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विख्यात साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंशी...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ग्लासगो राष्‍ट्रमंडल खेल 2026 में पुरुषों के +110 किलोग्राम भारोत्‍तोलन स्‍पर्धा में रजत पदक जीतने पर...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो राष्‍ट्रमंडल खेल 2026 में महिला डिस्कस थ्रो स्‍पर्धा में कांस्‍य पदक जीतने पर सीमा को...

जमीनी स्तर के नवाचार हमारी जरूरतों के प्रति अधिक अनुकूल होते हैं क्योंकि उनमें स्थानीय अनुभव, वैज्ञानिक सोच तथा व्यक्तिगत...

पीएमकेएसवाई योजना से खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना मजबूत हुई, 37.76 लाख किसान ला‍भान्वित, 9.16 लाख रोजगार सृजन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर दिलीप...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में रजत पदक जीतने पर मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने उनकी...

प्रधानमंत्री ने नागरिकों के हितों की रक्षा के उपायों को तेज़ी से लागू करने के लिए, सभी घटनाक्रमों की नियमित...

भारतीय नौसेना के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) द्वारा निर्मित आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल जल में चलनेवाले जहाजों (एएसडब्ल्यू...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीतने...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 की महिला 69 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ज्ञान...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर सभी वन्यजीव प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि...

युवा मामले एवं खेल मंत्रालय राष्ट्रीय युवा कोर (एनवाईसी) योजना के तहत 5,465 युवा स्वयंसेवकों की तैनाती के माध्यम से जमीनी स्तर पर युवाओं की...

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों का अनावरण किया है। इनका...

टॉय बिज़ इंटरनेशनल 2026 में 400 भारतीय ब्रांडों का प्रदर्शन, घरेलू बिक्री और निर्यात के अवसरों को बढ़ावासरकारी पहलों से...

भारत की अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र रणनीति के अंतर्गत अमृतसर दूसरा स्पोक एयरपोर्ट बना नागर विमानन मंत्रालय ने आज अमृतसर से...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर शर्मिला को बधाई दी...

पैरा पावरलिफ्टर को केंद्रीय खेल मंत्री से 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला; झंडू ने कहा कि जब प्रधानमंत्री...

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने देश भर में पात्र शहरी लाभार्थियों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से लैस हर मौसम...

माईगॉव के माध्यम से 6.32 करोड़ से अधिक नागरिकों की सहभागिता केंद्र सरकार ने माईगॉव (एमवाईजीओवी) प्लेटफॉर्म की शुरुआत नागरिक...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भारोत्तोलन में भारत के लिए एक और पदक जीतने पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की। उन्होंने ग्लासगो...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर इसके सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ...

जोशी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज कर्तव्य भवन में...

भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत, आईएनएस सुदर्शनी, लोकयान 26 के तहत 25 जुलाई 2026 को अमेरिका के बोस्टन से...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूरा देश भारत की सुरक्षा के प्रति...

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। हमारे जीवन में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिन्हें याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज 2026 विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने स्वर्ण पदक...

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई, 2026 को दिल्ली क्षेत्र में जींद–सोनीपत रेलखंड पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अब तक यह ट्रेन 1,200 किलोमीटर से अधिक की सफल यात्रा पूरी कर चुकी है, जिससे 3,200 लीटर से अधिक डीज़ल की बचत हुई है। यह हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया से ट्रेन के भीतर ही बिजली उत्पन्न करती है। इस प्रक्रिया से ट्रेन को चलाने के लिए आवश्यक विद्युत ऊर्जा प्राप्त होती है तथा उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प (Water Vapour) निकलती है। इसमें न धुआँ निकलता है और न ही टेलपाइप से कार्बन उत्सर्जन होता है, जिससे यह वर्तमान में उपलब्ध रेल प्रणोदन (Rail Propulsion) की सबसे स्वच्छ तकनीक बन जाती है। यह परियोजना भारतीय रेल के नेतृत्व में विकसित एक पूर्णतः स्वदेशी पहल है। 10 कोच वाली इस ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार हैं, जो संयुक्त रूप से 2,400 किलोवाट शक्ति प्रदान करती हैं। इसके साथ लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियाँ तथा हाइड्रोजन सिलेंडर भी लगाए गए हैं। इस परियोजना के तहत जींद में भारतीय रेल की पहली समर्पित हाइड्रोजन भंडारण सुविधा स्थापित की गई है। यहाँ 500 Bar तक के दाब (Pressure) पर ग्रीन हाइड्रोजन का भंडारण तथा 350 Bar के दाब पर ईंधन भरने की व्यवस्था है। इस सुविधा की कुल भंडारण क्षमता लगभग 3,000 किलोग्राम है। ट्रेन में सुरक्षा के लिए अनेक स्वतंत्र प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं, जो हाइड्रोजन रिसाव, अधिक तापमान, आग और धुएँ का स्वतः पता लगाती हैं। इनके साथ स्वचालित शट-ऑफ सिस्टम, निरंतर वेंटिलेशन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का अनुपालन तथा सभी अनिवार्य परीक्षण और सत्यापन भी सुनिश्चित किए गए हैं। जींद–सोनीपत रेलखंड पर सफल परिचालन के बाद जल्द ही इसका परीक्षण दिल्ली मार्ग पर भी प्रारंभ किया जाएगा। भारत की हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वदेशी हाइड्रोजन रेल इकोसिस्टम की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना सतत, शून्य-उत्सर्जन (Zero Emission) रेल परिवहन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है तथा भविष्य में इसके व्यापक विस्तार और स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की मजबूत आधारशिला रखती है।

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