आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने आजीवन वंचितों के उत्थान के लिए काम किया।समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी माधवराव बागल की जयंती पर उन्हें सादर नमन। उन्होंने वंचितों के उत्थान के लिए काम किया।गदर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले क्रांतिकारी और सेनानी रासबिहारी बोस को उनकी जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने आजाद हिंद फौज के गठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।क्रांतिकारी और गदर पार्टी में शामिल होने वाले सबसे कम उम्र के सदस्य करतार सिंह सराभा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। 19 साल की उम्र में स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका के लिए उन्हें फांसी दे दी गई थी।वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश बलों के खिलाफ अपने क्षेत्र का नेतृत्व करने वाले क्रांतिकारी डेलन शाह गोंड को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि।भारत में क्रांतिकारी विचारों के जनक माने जाने वाले बिपिन चंद्र पाल को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक बुराइयों को दूर करने के लिए प्रयास किए थे।क्रांतिकारी और सैनिक नायक केहर सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि। वह ब्रिटिश शासन से भारत को स्वतंत्रता दिलाने के उद्देश्य से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गठित आज़ाद हिंद फौज में शामिल हुए थे।अंग्रेजों के खिलाफ कुकी विद्रोह में शामिल स्वतंत्रता सेनानी लूंखोलाल कुकी को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी बुध सिंह को देश की श्रद्धांजलि।स्वतंत्रता सेनानी और वकील भीमबोर देवरी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनके प्रयासों से, असम प्रांत को भारत गणराज्य में शामिल किया गया था।मातृभूमि की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी सुखदेव थापर को उनकी जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र का कोटि-कोटि नमन।नमक सत्याग्रह सहित कई आंदोलनों में भाग लेने वाले क्रांतिकारी बैकुंठ शुक्ला को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने ही फणींद्र नाथ घोष की हत्या की थी जिसके सरकारी गवाह बनने से भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी हुई थी।क्रांतिकारियों में नई जान फूंकने वाला नारा ‘इंकलाब जिंदाबाद’ देने वाले कवि और स्वतंत्रता सेनानी हसरत मोहानी को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि।साल 1954 में 14 मई यानी आज के दिन हाउस ऑफ पीपुल्स का नाम लोकसभा रखने की घोषणा की गई थी।स्वतंत्र भारत के इतिहास में 13 मई का दिन विशेष महत्व रखता है। साल 1952 में 13 मई के दिन प्रथम लोकसभा का प्रथम सत्र शुरू हुआ था।केरल विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाली पहली व्यक्ति और स्वतंत्रता सेनानी रोसम्मा पुन्नूस को उनकी जन्म जयंती पर सादर नमन। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा।भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी आसफ अली को उनकी जयंती पर देश का नमन। उन्होंने बम फेंकने के मामले में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त का वकील के रूप में बचाव किया था।मातृभूमि को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने के लिए पहले स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत साल 1857 में आज ही के दिन यानी 10 मई को हुई थी। देश के लिए बलिदान देने वाले वीर क्रांतिकारियों को कृतज्ञ राष्ट्र का नमन।22 सितम्बर 1887 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कम्बोज में जन्म। समाज सुधारक और शिक्षाविद। जन शिक्षा के एक मजबूत समर्थक थे। 09 मई 1866 को रत्नागिरी में जन्म। समाज सुधारक और महात्मा गांधी के राजनीतिक संरक्षक जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अनुकरणीय नेतृत्व प्रदान किया।उत्साही राष्ट्रवादी के रूप में चर्चित भाई बालमुकुंद को उनकी पुण्यतिथि पर देश की भावभीनी श्रद्धांजलि। वह दिल्ली बम मामले में शामिल थे जहां उन्होंने वायसराय पर बम फेंका था।देश को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ देने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी रवींद्र नाथ टैगोर को उनकी जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र का कोटि-कोटि नमन। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने देशभक्ति गीतों और कविताओं से युवाओं को प्रेरित किया था।क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी प्रीतिलता वाद्देदार को उनकी जन्म जयंती पर नमन। उन्होंने ब्रिटिश वर्चस्व के प्रतीक चटगांव के पहाड़तली यूरोपीय क्लब पर हमला करने वाली टीम का नेतृत्व किया था।स्वतंत्रता से जुड़े कई आंदोलनों में भाग लेने वाले क्रांतिकारी और वकील भूलाभाई देसाई को उनकी पुण्यतिथि पर देश का नमन। उन्हें राजद्रोह के आरोपी आईएनए सैनिकों के बचाव के लिए याद किया जाता है।क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी अतुलकृष्ण घोष को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। वह चर्चित क्रांतिकारी जतींद्र नाथ मुखर्जी के सहयोगी और अनुशीलन समिति के सदस्य थे।साल 1950 में आज के दिन चंदन नगर भारत सरकार के अधीन आया था। 1948 में फ्रांसीसी गणराज्य भारत सरकार के बीच समझौते में यह निर्णय हुआ था।एक स्वतंत्रता सेनानी पत्रकार और क्रन्तिकारी। भारत की अंतिम सरकार में राष्ट्रपति थे, जिसने 1915 में काबुल से प्रथम विश्व युद्ध के दौरान निर्वास में भारत सरकार के रूप में कार्य किया।कॉलेज छोड़कर स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वाले स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार बालकृष्ण शर्मा को उनकी पुण्यतिथि पर कृतज्ञ राष्ट्र का नमन। वह आजादी की लड़ाई में 6 बार जेल गए और संविधान सभा के लिए मनोनीत हुए थे।28 अप्रैल 1916 को बाल गंगाधर तिलक ने बेलगाव में प्रथम होम रूल लीग की स्थापना की। ब्रिटिश भारीतय सरकार से स्वशासन प्राप्त करने के लिए।मधुसूदन दास का जन्म 28 अप्रैल 1848 को हुआ । वकील और समाज सुधारक । ओडिशा के पहले स्नातक और वकील थे।उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से ताल्लुक रखने वाले स्वतंत्रता सेनानी साजिद अली खान को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि।समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए काम करने वाली गांधीवादी अंजना देवी को उनकी पुण्यतिथि पर देश का नमन। उन्होंने कई स्वतंत्रता आंदोलनों में भाग लिया और इस दौरान जेल भी गयीं।असम के गोलाघाट से एक प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्त्ता और स्वतंत्रता सेनानी असहयोग आन्दोलन में भाग लिया था26 अप्रैल 1892 को जन्म स्वतंत्रता सेनानी , समाज सुधारक और राजनीतिज्ञऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण अमृतसर संधि 25 अप्रैल 1809 को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और सिख साम्राज्य के संस्थापक महाराजा रणजीत सिंह के बीच हुई थी।21 अप्रैल 1908 को पंजाब के बठिंडा में जनम स्वतंत्रता सेनानी जिन्होंने स्वदेशी आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन और नमक सत्याग्रह में सक्रिय भूमिका निभाई22 अप्रैल 1930 को जलालाबाद पहाड़ियों में 22 हज़ार सैनिकों की एक पूरी रेजिमेंट को केवल 54 क्रांतिकारियों द्वारा पराजित कर दिया गया1857 के भारतीय स्वतंत्रता के पहले संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी और लोहरदगा जिले के मुखियाराजस्थान के अलवर जिले में बहरोड़ क्षेत्र में जन्मसमाज सुधारक जिन्होंने औरतों को समाज में बराबरी का हक दिलवाने के लिए काम कियाबंगाल के चटगांव में 18 अप्रैल 1930 को पुलिस और सहायक बलों के शस्त्रागार पर छापा मारने का प्रयास किया गया था।क्रांतिकारि, पत्रकार और अरविन्द घोष के छोटे भाईक्रन्तिकारी और स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे तात्या टोपे झाँसी की रानी की मदद करने आए और उनके साथ ग्वालियर शहर पर कब्ज़ा कियातेलुगू पुनर्जागरण आंदोलन के जनक कहे जाने वाले कंदुकूरि वीरेशलिंगम पंतुलु को उनकी जन्म जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र का कोटि-कोटि नमन। वह आंध्र के राजा राममोहन राय के रूप में जाने जाते हैं ।भारत के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी पुण्यतिथि पर देश का भावपूर्ण नमन। वह भारत की संविधान सभा के लिए चुने गए थे और उनके जन्मदिन को देश शिक्षक दिवस के रूप में मनाता है।स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले गांधीवादी स्वतंत्रता सेनानी शंभू दत्त शर्मा को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि।पीड़ितों, महिलाओं और गरीबों के अधिकारों के पक्षधर बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनकी जन्म जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र का कोटि-कोटि नमन। वह भारत के प्रथम कानून मंत्री बने और सभी क्षेत्रों में लोकतंत्र के पक्षधर थे।जलियाँवाला बाग हत्याकाण्डपेरिस इंडियन सोसाइटी के संस्थापक सदस्य और स्वतंत्रता सेनानी सरदार सिंह जी राणा को उनकी जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। वह स्वतंत्रता से जुड़ी कई घटनाओं में शामिल थे और वह इंडियन होम रूल सोसायटी के उपाध्यक्ष भी रहे थे।प्रख्यात समाज सुधारक और विचारक ज्योतिबा फुले को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने लड़कियों के लिए पहला स्वदेशी रूप से संचालित स्कूल खोला और युवा विधवाओं के लिए एक आश्रम की स्थापना की थी।संग्राम के दौरान तीन बार जेल जाने वाले स्वतंत्रता सेनानी और भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्हें गांधी जी द्वारा शुरू किए गए व्यक्तिगत सत्याग्रह में हिरासत में लिया गया था।महाराष्ट्र के औरंगाबाद से ताल्लुक रखने वाले स्वतंत्रता सेनानी अमीन साहब खुर्द को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन। उन्होंने वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था और कई जगह अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी।भारत की आजादी की लड़ाई में आज का दिन अति महत्वपूर्ण है। वर्ष 1929 में 8 अप्रैल यानी आज के ही दिन महान क्रांतिकारियों भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली सेंट्रल असेंबली में बम फेंके थे।अंग्रेजों के दमन के खिलाफ आवाज उठाने वाले स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे को उनकी पुण्यतिथि पर कृतज्ञ राष्ट्र की भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और उनकी एक चिंगारी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का रूप ले लिया था।6 अप्रैल 1930 को महात्मा गांधी का प्रसिद्ध दांडी मार्च समाप्त हुआ था। 12 मार्च 1930 को शुरू किया गया यह मार्च नमक उत्पादन पर ब्रिटिश एकाधिकार के विरोध में था।भारत के इतिहास के पन्नों में चार अप्रैल की तारीख महत्वपूर्ण है। साल 1769 में आज के दिन मैसूर और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच मद्रास की संधि हुई थी। इसकी बदौलत प्रथम एंग्लो-मैसूर युद्ध समाप्त हुआ था।ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार प्रथम भारतीय महिला और स्वतंत्रता सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय को उनकी जन्म जयंती पर राष्ट्र का कोटि-कोटि नमन। वह भारत में विधायी सीट के लिए चुनाव लड़ने वाली प्रथम भारतीय महिला थीं।ओडिशा राज्य में हर वर्ष 1 अप्रैल को ओडिशा दिवस मनाया जाता है। इस दिन ओडिशा का अलग राज्य के रूप में गठन हुआ था। ‘डॉक्टर जी’ के उपनाम से चर्चित और सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी केशव बलिराम हेडगेवार को उनकी जन्म जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र का कोटिश नमन। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक सरसंघचालक रहे।अमृत महोत्सव श्रृंखला के तहत, आज हम स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी जयंती पर स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में संस्कृत की शिक्षा दी और ‘इंडिया हाउस’ तथा ‘इंडियन होम रूल सोसायटी’ की स्थापना की।ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मण नायक को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उन्होंने ओडिशा के आदिवासियों को शिक्षित करके भारत छोड़ो आंदोलन को तेज करने में मदद की थी।स्वराजवादियों के मार्गदर्शक और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कई प्रदर्शनों में भाग लेने वाले क्रांतिकारी एस सत्यमूर्ति को उनकी पुण्यतिथि पर देश की श्रद्धांजलि।स्वतंत्रता सेनानी और अधिवक्ता लक्ष्मी एन. मेनन को उनकी जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने देश की आजादी में अपना योगदान दिया और संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। समाज सुधारक और हिन्दी साहित्य की प्रख्यात हस्ती महादेवी वर्मा को उनकी जयंती पर नमन। उन्होंने गांव के लोगों विशेषकर महिलाओं की शिक्षा और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रयास किये।स्वतंत्रता सेनानी और उद्योगपति बीएल पाटिल को उनकी जन्म जयंती पर देश का नमन। उन्होंने बाबासाहेब अंबेडकर के अभियानों में उनका पूर्ण समर्थन किया और वह हरित क्रांति के अग्रदूत रहे।सिर्फ आठ साल की उम्र में देश के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने वाली गांधीवादी स्वतंत्रता सेनानी ऊषा मेहता को उनकी जन्म जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र का नमन। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया और गांधीवादी विचारों तथा दर्शन का प्रचार किया।साल 1946 में 24 मार्च यानी आज के दिन ब्रिटिश सरकार से भारतीय राजनीतिक नेतृत्व को सत्ता हस्तांतरण पर चर्चा करने के लिए कैबिनेट मिशन भारत आया था।देश की आजादी के आंदोलनों में भाग लेने वाली क्रांतिकारी बसंती देवी को उनकी जन्म जयंती पर देश का नमन। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ मिलकर काम किया और और खादी के प्रचार में भूमिका निभाई।देश के महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने के लिए 23 मार्च 1931 को सर्वोच्च बलिदान दिया था। हर साल 23 मार्च को कृतज्ञ राष्ट्र इन क्रांतिकारियों की याद में शहीदी दिवस मनाता है।विट्ठल महादेव तारकुंडे की जयंती पर उन्हें देश का आदरपूर्वक नमन। उन्हें ‘नागरिक स्वतंत्रता आंदोलन के जनक’ के रूप में जाना जाता है। वह स्वतंत्रता के बाद बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने थे।हम क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी शील भद्र याजी को उनकी जन्म जयंती पर याद कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और गरीब तथा वंचित वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए काम किया था।आजादी के इतिहास के पन्नों में 18 मार्च का दिन महत्वपूर्ण है। साल 1919 में आज यानी 18 मार्च को अंग्रेजों ने रॉलेट एक्ट नाम का ‘काला कानून’ पारित किया था। यही दमनकारी कानून असहयोग आंदोलन की शुरुआत होने के कारणों में शामिल था।युवावस्था से ही स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी एम ए अयंगर को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने समाज में छुआछूत प्रथा खत्म करने के लिए प्रयत्न किए और वह संविधान के पहले उपाध्यक्ष चुने गए थे।स्वतंत्रता सेनानी, लेखक और समाज सुधारक चंद्रप्रभा सैकियानी को श्रद्धांजलि। वह लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन के बारे में जागरूक करने के लिए असम में साइकिल यात्रा करने वाली पहली महिला थीं।राजनेता और क्रांतिकारी गणेश दामोदर सावरकर को उनकी पुण्यतिथि पर आदरपूर्वक नमन। उन्होंने भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार के खिलाफ एक सशस्त्र आंदोलन का नेतृत्व किया।भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने वाले और महात्मा गांधी के करीबी नारायण देसाई को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने ‘भूमिपुत्र’ नाम से भूदान आंदोलन के मुखपत्र की शुरुआत की थी।भारत की आजादी के इतिहास में 10 मार्च का दिन महत्वपूर्ण है। गांधी जी को असहयोग आंदोलन के दौरान चौरी-चौरा हिंसक घटना के लिए 10 मार्च 1922 को गिरफ्तार करके उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया गया था।गुजराती साहित्य क्षेत्र में चर्चित नाम झवेरचंद मेघाणी को उनकी पुण्यतिथि पर आदरपूर्वक नमन। महात्मा गांधी ने उन्हें ‘राष्ट्रीय शायर’ की उपाधि दी थी। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘सिंघुड़ा’ से युवाओं को आजादी के आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया था।स्वतंत्रता सेनानी गोपीचंद भार्गव को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उन्होंने जलियांवाला बाग कांड के बाद राजनीति में प्रवेश किया और समाज के उत्थान के लिए काम किया। वह अविभाजित पंजाब के पहले मुख्यमंत्री भी थे।महात्मा गांधी से प्रभावित होकर देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले स्वतंत्रता सेनानी और अधिवक्ता विश्वनाथ दास को उनकी जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन।श्रृंखला में आज हम कवि और क्रांतिकारी सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर हैं। उनके कविता संग्रह “भगनदूत” और “इत्यालम” ने देश की आज़ादी की क्रांति को और मजबूती दी।स्वतंत्रता सेनानी, वकील और उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत को भावभीनी श्रद्धांजलि। वह सक्षम वकील थे और उन्हें काकोरी मामले में शामिल क्रांतिकारियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया था।क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी अंबिका चक्रवर्ती को उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। वह चटगांव जुगान्तर पार्टी के सदस्य थे और वह बंगाल प्रांतीय विधान सभा के लिए भी चुने गए थे।अपना सोना बेचकर काकोरी घटना के क्रांतिकारियों को बचाने की कोशिश करने वाली क्रांतिकारी सुशीला दीदी को जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। वह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में शामिल रहीं और उन्होंने सांडर्स हत्याकांड में भगत सिंह को बचाने के लिए उन्हें शरण दी थी।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नजरिये से 5 मार्च यानी आज की तारीख महत्वपूर्ण है। वर्ष 1931 में आज के दिन ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गांधी-इरविन समझौता हुआ था। आइये जानते हैं इस बारे में।देश की आजादी के लिए विदेश में प्रवासी भारतीयों को लामबंद करने वाले गदर पार्टी के नेता लाला हरदयाल को उनकी पुण्यतिथि पर आदर पूर्वक नमनराजनीतिज्ञ व स्वतंत्रता सेनानी बुलुसु संबामूर्ति को उनकी जन्म जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि। वह गांधीवादी सिद्धांतों के अनुयायी और स्वराज की मांग करने वाले शुरुआती नेताओं में शामिल थे।पुस्तकालय आंदोलन के जनक के रूप में चर्चित पी.एन. पणिक्कर को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन। उन्होंने पढ़ने का महत्व समझाने के लिए केरल के गांव-गांव की यात्रा की थी।स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को उनकी पुण्यतिथि पर कृतज्ञ राष्ट्र की भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने कई स्वतंत्रता आंदोलनों में भाग लिया और वह संविधान सभा के पहले अध्यक्ष भी रहे।मातृभूमि की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को उनकी पुण्यतिथि पर देश की भावभीनी श्रद्धांजलि। देश में क्रांति की लौ जलाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई और ब्रिटिश हुकूमत उन्हें जीवित रहते हुए कभी पकड़ नहीं पाई।विनायक दामोदर सावरकर स्वतंत्रता सेनानी के साथ ओजस्वी लेखक भी थे। वह स्कूली दिनों से ही आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे। आज पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।असम के महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक मणिराम दीवान को उनकी पुण्यतिथि पर आदरपूर्वक नमन। उन्होंने कई लोगों को स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया था।स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक मन्नाथु पद्मनाभ पिल्लई को उनकी पुण्यतिथि पर आदरपूर्वक नमन। उन्होंने मंदिर प्रवेश सत्याग्रह में भाग लिया और 1966 में पद्म भूषण से सम्मानित हुए।बारडोली सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने वाले स्वतंत्रता सेनानी रविशंकर व्यास को उनकी जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान की दिशा में भी काम किया।अपने कीर्तन के माध्यम से लोगों को समाज सुधार का उपदेश देने वाले गाडगे महाराज को उनकी जन्म जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन। बाबासाहेब अंबेडकर ने उन्हें ज्योतिराव फुले के बाद लोगों का सबसे बड़ा सेवक बताया था।देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने के आंदोलन में प्रमुखता से हिस्सा लेने वाले क्रांतिकारी जतींद्र मोहन सेनगुप्त को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में शामिल और स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री ‘भारत रत्न’ मौलाना अबुल कलाम आजाद को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन। उन्होंने क्रांतिकारी विचारों के प्रचार के लिए उर्दू की साप्ताहिक पत्रिकाएं निकाली थीं।ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने 20 फरवरी 1947 को भारतीय उपमहाद्वीप छोड़ने की मंशा की घोषणा की थी।समाज सुधार के लिए ‘सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी’ की स्थापना करने वाले और महात्मा गांधी के राजनीतिक संरक्षक गोपाल कृष्ण गोखले को उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि।साल 1905 में आज यानी 18 फरवरी को लंदन में भारतीय होम रूल सोसाइटी की स्थापना हुई थी जिसने तत्कालीन भारत में स्व-शासन की मांग की थी। भीकाजी कामा और दादाभाई नौरोजी जैसे राष्ट्रवादियों के समर्थन से श्यामजी कृष्ण वर्मा ने इसका गठन किया था।“प्रत्येक आत्मा में परमात्मा का अंश होता है।” इसे अपना ध्येय वाक्य मानकर समाज में आध्यात्मिक और नैतिकता की जागृति करने वाले श्री रामकृष्ण परमहंस को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। इनके सिद्धांतों और विचारों ने कई स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया था।श्रृंखला में आज हम ब्रिटिश शासन के खिलाफ आजादी की लड़ाई में शहीद होने वाले प्रथम क्रांतिकारी वीर बुधु भगत को उनकी जयंती पर याद कर रहे हैं। उन्होंने अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ आदिवासियों को उनके अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया था।केवल 13 साल की उम्र में आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाली ‘पहाड़ों की बेटी’ रानी गाईदिन्ल्यू को उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्हें 16 वर्ष की आयु में उम्रकैद की सजा मिली थी और जेल से रिहाई के बाद भी उन्होंने अपने समुदाय के लिए काम किया था।‘भारतीय स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र संघर्ष के जनक’ कहे जाने वाले वासुदेव बलवंत फड़के ने क्रांति की राह पर चलने की शपथ ली थी। उन्होंने जनता को स्वराज का महत्व समझाया और एकजुट होने के लिए प्रेरित किया था।भारत की पहली फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ के निर्माता दादा साहब फाल्के को उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्हें ‘भारतीय सिनेमा का जनक’ कहा जाता है। भारत सरकार उनकी स्मृति में हर वर्ष दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान करती है।“…खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी।” वीर रस से ओत-प्रोत इन पंक्तियों से देश के लोगों में देशभक्ति की भावना जागृत करने वाली ओजस्वी कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन।‘त्रावणकोर की झांसी की रानी’ नाम से चर्चित स्वतंत्रता सेनानी अक्कम्मा चेरियन को उनकी जन्म जयंती पर देश का भावपूर्ण नमन। उन्होंने देश में घूम-घूम कर स्वतंत्रता संग्राम से महिलाओं को जोड़ने के लिए अथक प्रयत्न किए थे।साल 1931 में आज यानी 13 फरवरी को नई दिल्ली भारत की राजधानी बनी थी। भारत के तत्कालीन वायसरॉय लॉर्ड इरविन ने औपचारिक रूप से यह कार्य सम्पन्न किया था।श्रृंखला में आज हम स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक ज्ञानांजन नियोगी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहे हैं। स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में उनका योगदान अतुलनीय है।स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वालीं सरोजिनी नायडू को महात्मा गांधी जी ने ‘भारत कोकिला’ उपनाम से नवाजा था। जन्म जयंती पर उनको कोटि-कोटि नमन।समाज सुधार के उद्देश्य से आर्य समाज की स्थापना करने वाले स्वामी दयानंद सरस्वती को उनकी जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने कालजयी पुस्तक ‘सत्यार्थ प्रकाश’ लिखी और सबसे पहले ‘स्वराज’ का नारा दिया।‘अंत्योदय’ के अपने विचार से नए भारत की बुनियाद रखने वाले असाधारण अर्थशास्त्री और शिक्षाविद पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर देश की भावभीनी श्रद्धांजलि।गांधी जी के अनुयायी और गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जमुनालाल बजाज को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने असहयोग आंदोलन सहित देश की स्वतंत्रता के कई आंदोलनों में भाग लिया।श्रृंखला में आज देश क्रांतिकारी आदिवासी नेता तिलका मांझी को उनकी जयंती पर याद कर रहा है। वह अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने वाले शुरुआती स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे।अपनी लेखनी से बंगाल में राष्ट्रवाद की अलख जगाने वाले क्रांतिकारी कवि और लेखक नबीनचंद्र सेन को उनकी जयंती पर देश का भावपूर्ण नमन। उन्होंने पलाशीर जुद्ध, भानुमति और अपनी आत्मकथा आमार जीबन जैसी कृतियां लिखीं।ब्रिटिश अत्याचार और जमींदारी प्रथा के खिलाफ आदिवासियों को एकजुट करने वाले क्रांतिकारी तेलंगा खड़िया को उनकी जयंती पर आदरपूर्वक नमन। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध के लिए लगभग 1500 प्रशिक्षित लोगों की सेना का गठन किया था।भारत के तीसरे राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ डॉ जाकिर हुसैन को उनकी जयंती पर देश का कोटि-कोटि नमन। वह महात्मा गांधी से प्रभावित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए और उनकी अध्यक्षता में बुनियादी शिक्षा की एक महत्वपूर्ण कमेटी का गठन हुआ था।श्रृंखला में आज हम क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी कल्पना दत्ता को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहे हैं। उन्होंने प्रसिद्ध शस्त्रागार छापे और भारतीय से भेदभाव करने वाले एक क्लब पर हमले में भाग लिया था।क्रांतिकारी और लेखक मन्मथ नाथ गुप्त छोटी उम्र से ही स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गए थे। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ खूब लेखन किया। आज उन्हें उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।शचींद्र नाथ सान्याल एक क्रन्तिकारी एवं स्वतंत्र सेनानी। वह हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन सह-संस्थापक थे। उन्होंने छोटी उम्र से ही क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया। काकोरी ट्रैन साजिश मामले में शामिल होने पर उन्हें जेल की सज़ा हुई।आजाद हिंद फौज के अधिकारी गुरबख्श सिंह ढिल्लों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लाल किला सुनवाई मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चला लेकिन अंग्रेजों को उन्हें रिहा करना पड़ा था। पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।‘सीमांत गांधी’ नाम से प्रसिद्ध खान अब्दुल गफ्फार खान को उनकी जन्म जयंती पर आदरपूर्वक नमन। उन्होंने ‘खुदाई खिदमतगार’ आंदोलन की शुरुआत की थी। उन्हें 1987 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।‘चौरी चौरा’ की घटना देश के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसी घटना के परिणामस्वरूप महात्मा गांधी ने देशभर में असहयोग आंदोलन को रोक दिया था।असहयोग और ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार को अपना राजनीतिक हथियार बनाने वाले स्वतंत्रता सेनानी और सुधारक राम सिंह कूका ने कूका आंदोलन की नींव रखी। जन्म जयंती पर उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन।श्रृंखला में आज हम वी. ए. सुंदरम को उनकी जयंती पर याद कर रहे हैं। उन्होंने गांधीजी की ग्राम विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाया और उनके लेख कई प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए।स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता और गांधीजी की करीबी सहयोगी रहीं राजकुमारी अमृत कौर को आज उनकी जन्म जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि। वह भारत की प्रथम स्वास्थ्य मंत्री बनीं और एम्स अस्पताल की प्रथम अध्यक्ष रहीं।समाज सुधारक कुदमुल रंगा राव। एक ऐसी शख्सियत जिन्हें महात्मा गांधी अपना प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक मानते थे। उन्होंने अछूतों के उत्थान के लिए कई अभियान चलाए। पुण्यतिथि पर उन्हें देश का नमन।स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले कवि और पत्रकार माखनलाल चतुर्वेदी को उनकी पुण्यतिथि पर आदरपूर्वक श्रद्धांजलि। वह हिंदी के प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्मभूषण से सम्मानित हुए।श्रृंखला में आज हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण कर रहे हैं। इस मौके पर कृतज्ञ राष्ट्र बापू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।भारत की न्यायपालिका के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। वर्ष 1950 में 28 जनवरी को ही देश का सर्वोच्च न्यायालय अस्तित्व में आया था।‘पंजाब केसरी’ नाम से मशहूर स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय को उनकी जन्म जयंती पर देश का कोटि-कोटि नमन। उन्होंने स्वदेशी का प्रचार किया और देश के लोगों को आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया।देश आज 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। वर्ष 1950 में 26 जनवरी यानी आज ही के दिन देश में संविधान लागू हुआ था जिसे देशवासी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।आज हम महिला अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठाने वाली रमाबाई रानडे को याद कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय है।साल 1950 में 24 जनवरी यानी आज के दिन रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित ‘जन गण मन’ के हिंदी प्रारूप को संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया था।आजाद हिंद फौज को संगठित करके देश की आजादी के लिए मजबूत प्रयत्न करने वाले सच्चे देशभक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आज उनकी जन्म जयंती पर देश का कोटि-कोटि नमन। उनकी जयंती को आज देश ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मना रहा है।देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले क्रांतिकारी रोशन सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने असहयोग आंदोलन और युवाओं की क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया था।श्रृंखला में आज हम लेखक, स्वतंत्रता सेनानी और उपन्यासकार वैकोम मोहम्मद बशीर को उनकी जन्म जयंती पर याद कर रहे हैं। वह महात्मा गांधी के अनुयायी थे और उन्होंने 1930 में नमक सत्याग्रह में भाग लिया था।ग़दर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले क्रांतिकारी रास बिहारी बोस को आज उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। बोस ने इंडियन इंडिपेंडेंस लीग की स्थापना की थी और आजाद हिंद फौज के गठन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।बंगाल पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और शांति निकेतन के संस्थापक देबेन्द्रनाथ टैगोर को उनकी पुण्यतिथि पर देश की भावभीनी श्रद्धांजलि। उनके बेटे रवींद्रनाथ टैगोर ने बाद में शांति निकेतन को प्रसिद्धि दिलाई।भारतीय समाज सुधार आंदोलन को नया रूप देने वाले महादेव गोविंद रानाडे को आज उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। रानाडे ने अंग्रेजी और मराठी पत्रिकाओं के संपादन कार्य में योगदान दिया था।
सत्याग्रह आंदोलन में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानी सैफुद्दीन किचलू को उनकी जन्म जयंती पर देश का शत शत नमन। उन्होंने गांधी जी के साथ मिलकर रॉलेट एक्ट का विरोध किया और इस दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया।
प्रसिद्ध संथाल आंदोलन का नेतृत्व करने वाले आदिवासी नेता और क्रांतिकारी तिलका मांझी को आज उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन। उन्होंने आदिवासियों को एक सेना के रूप में संगठित करके उन्हें प्रशिक्षण दिया था।देश के दूसरे प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री को उनकी पुण्यतिथि पर देश की भावभीनी श्रद्धांजलि। ‘जय जवान जय किसान’ का ऐतिहासिक नारा देने वाले शास्त्री जी ने 1965 में भारत-पाक युद्ध में देश का नेतृत्व किया था।महाराष्ट्र में सामाजिक आंदोलनों और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने वाले नरहर विष्णु गाडगिल को उनकी जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। गाडगिल 1934 में केंद्रीय विधानमंडल के लिए चुने गए और स्वतंत्र भारत के पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में बतौर मंत्री शामिल हुए।भारतीय सिविल सेवा में नियुक्त होने वाले प्रथम भारतीय सत्येंद्र नाथ टैगोर को आज उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। टैगोर ब्रह्म समाज के साथ जुड़े थे और उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई थी।श्रृंखला में आज हम दार्शनिक, क्रांतिकारी और समाज सुधारक केशव चंद्र सेन को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहे हैं। सेन ब्रह्म समाज के सदस्य रहे लेकिन बाद में उन्होंने भारतवर्षीय ब्रह्म समाज नाम से एक अलग संस्था की स्थापना की थी।स्वतंत्रता संग्राम और बंगाल विभाजन के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ज्ञानांजन नियोगी को आज उनकी जन्म जयंती पर देश का नमन। उन्होंने आजीवन स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार प्रसार में अपना योगदान दिया और कई अहम कार्य किए।हिंदी भाषा के पुनरुद्धार और प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कवि और लेखक भारतेंदु हरिश्चंद्र को उनकी पुण्यतिथि पर देश की भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने ‘रास’ उपनाम से लेखन करते हुए देश की समस्याओं को उजागर किया था।‘युगांतर’ के संस्थापक और क्रांतिकारी बारीन्द्र कुमार घोष की आज जन्म जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। घोष ने यतींद्र नाथ मुखर्जी के साथ मिलकर युवा क्रांतिकारियों की भर्ती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।किसान और मजदूरों के हितों के लिए आजीवन कार्य करने वाले वी. डी. चितले को उनकी जन्म जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन। चितले ने नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था।श्रृंखला में आज हम केरल सिंहम नाम से प्रसिद्ध पजहस्सी राजा को उनकी जन्म जयंती पर याद कर रहे हैं। वह कोट्टम राज्य के राजकुमार थे और उन्होंने 18वीं सदी में ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध प्रतिरोध किया था।भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में चर्चित सावित्रीबाई फुले को आज उनकी जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने स्वतंत्रता पूर्व भारत में महिलाओं की स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।श्रृंखला में आज हम 14 वर्ष की आयु से स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाली स्वतंत्रता सेनानी अन्नपूर्णा महाराणा को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहे हैं। वह गांधीवादी थीं और उन्होंने 1934 में ऐतिहासिक हरिजन पदयात्रा में गांधीजी के साथ भाग लिया था।अपना संगठन खड़ा करके लोगों को अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करने वाली स्वतंत्रता सेनानी यू कियांग नांगबा को उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके संगठन के सदस्य गुरिल्ला युद्ध पद्धति में निपुण थे जिससे अंग्रेजों को उनसे निपटने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।संविधान निर्माण और हिंदी को कामकाज की भाषा के रूप में मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले के एम मुंशी को उनकी जन्म जयंती पर देश का श्रद्धापूर्वक नमन। उन्होंने आजादी के कई आंदोलनों में भाग लिया और भारतीय विद्या भवन की स्थापना की।बंगाल में क्रांतिकारी संगठन युगांतर के नेता और स्वतंत्रता सेनानी भूपेंद्र कुमार दत्त को आज उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। दत्त ने 1917 में बिलासपुर जेल में 78 दिनों तक भूख हड़ताल करके कीर्तिमान बनाया था।स्वतंत्रता पूर्व भारत के किसानों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ पंजाबराव देशमुख को उनकी जन्म जयंती पर देश का शत शत नमन। देशमुख ने गरीब छात्रों के लिए श्रद्धानंद छात्रावास शुरू किया और वह प्रसिद्ध श्री शिवाजी एजुकेशन सोसायटी के संस्थापक थे।