सितम्बर 21, 2026

jan kiran news

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के एक लेख को साझा किया, जिसमें भारत में एशियाई शेरों...

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों की सफलता केवल भौतिक इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर से परे एक व्यापक खेल संस्कृति के निर्माण पर...

नारी शक्ति को सशक्त बनाना: गृह मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई 8वीं सीएसएमसी बैठक में पीएमएवाई-यू 2.0 के...

पुदुचेरी पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति कलर्स मिलना इस बल की बहादुरी, कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाणराष्ट्रपति निशान मिलना किसी...

राजनाथ सिंह ने दिल्ली कैंट स्थित बेस अस्पताल में ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ के तहत आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया;...

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि पौधरोपण अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के सुरक्षित भविष्य के लिए किया...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने वाले सभी आंदोलनकारियों को स्मरण करते हुए भारत के...

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बलिदान की पवित्र भूमि और भारत के स्वतंत्रता संग्राम का शाश्वत...

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आज भोपाल में 11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई और इसका समापन...

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से शिष्टाचार भेंट...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के चंबा में हुई दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना...

जिन लोगों में चुनौतियों के नए समाधान खोजने का साहस होता है, उनके लिए चुनौतियाँ अवसर बन जाती हैं: प्रधानमंत्रीजीवन...

बीम लाइन (पार्टिकल जेनरेटर से एक्सपेरिमेंटल एंड-स्टेशन तक जाने वाला रास्ता) का एक अहम हिस्सा, 'बीम कैचर इक्विपमेंट' की तीन...

इलेक्ट्रॉनिक न्यायालय मिशन जनित परियोजना  ई- न्यायालय मिशन मोड परियोजना ने भारत की कागज़-आधारित न्यायपालिका को डिजिटल-सक्षम और ट्रैक योग्य न्याय वितरण प्रणाली में बदल दिया है। 2014 से अब तक, मामले दायर करने और निपटाने की संख्या लगभग तीन गुना बढ़ गई है, और हर वर्ष न्यायालय लगातार दायर मामलों की तुलना में अधिक मामले निपटाते रहे हैं। 753 करोड़ से अधिक पृष्ठों के न्यायालयी अभिलेख डिजिटाइज़ किए जा चुके हैं, जबकि हजारों e-Sewa केंद्र डिजिटल भेदभाव को पाटने और न्यायिक सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। ये सुधार मिलकर न्याय प्रणाली को तेज़, अधिक पारदर्शी और सभी के लिए सुलभ बना रहे हैं। भारतीय न्यायपालिका का डिजिटलीकरण भारत की न्यायपालिका, जो एक अरब से अधिक लोगों को...

श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा—भविष्य की पीढ़ियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए शिक्षा प्रणालियों का निरंतर विकास सुनिश्चित...

प्रधानमंत्री मेधावी छात्रों को संस्थान के सर्वाधिक प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करेंगेप्रधानमंत्री आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित एआई-सक्षम उच्च-प्रदर्शन...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस दिन...

हथकरघा क्षेत्र के सतत विकास के लिए नई प्रौद्योगिकियों का उचित उपयोग आवश्यक है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मुयुवा उद्यमी, डिजाइनर्स और...

जल जीवन मिशन (जेजेएम)– हर घर जल का शुभारंभ अगस्त 2019 में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से किया गया...

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के लिए संसदीय सलाहकार समिति की...

मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-4' का सफल परीक्षण 6 अगस्त, 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज...

देश की जैविक संपदा को स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण समृद्धि और आर्थिक विकास में परिवर्तित करने की ऐतिहासिक राष्ट्रीय योजनासुनिश्चित खरीद,...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि मानवता को पृथ्वी के साथ...

भारत तेज़ी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की ओर बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और साफ़-सुथरे भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बन रही है। 2016 के बाद से ईवी की बिक्री में लगभग 46 गुना बढ़ोतरी हुई है, जो ग्राहकों की पसंद में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। निर्यात 2020 में 12 लाख अमेरिकन डॉलर से बढ़कर 2024 में 8.4 करोड़ अमेरिकन डॉलर हो गया है। इससे भारत एक उभरते हुए ईवी केन्द्र के तौर पर स्थापित हो रहा है। 'नेशनल मिशन ऑन मैन्युफैक्चरिंग', ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री के लिए 'पीएलआई स्कीम' और 'पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट स्कीम' (पीएम ई-ड्राइव) जैसी सरकारी योजनाएं एक ज़्यादा आत्मनिर्भर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को मज़बूत कर रही हैं। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर भारत का कदम पूरे भारत में भीड़-भाड़ वाले शहरों में रोज़ाना आने-जाने और छोटे शहरों में 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' (यानी यात्रा के आखिरी चरण की सुविधा) के तरीकों को पूरी तरह से नए सिरे से विचार किया जा रहा है। इस बदलाव के केंद्र में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी है। यह तकनीकी बदलाव देश की जलवायु रणनीति और टिकाऊ परिवहन के विज़न के लिए महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। सरकारी प्रोत्साहन, पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता और तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति की वजह से, ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गए हैं और ऑटोमोबाइल उद्योग के भविष्य को आकार दे रहे हैं। भारत में मोबिलिटी में हो रहा बदलाव न सिर्फ़ पर्यावरण के लिहाज़ से ज़रूरी है, बल्कि यह एक आर्थिक मौक़ा भी है। यह देश के सबसे बड़े और सबसे प्रभावी उद्योगों में से एक को नया रूप दे रहा है। यह बदलाव ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए एक रणनीतिक ज़रिया बनकर उभर रहा है। साथ ही, इससे जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता कम हो रही है और अर्थव्यवस्था के लिए कम कार्बन उत्सर्जन वाली, कुशल विकास की राह बन रही है। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्या है?ईवी एक ऐसा वाहन है जो इलेक्ट्रिक मोटर से चलता है और बैटरी में जमा ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। इसे बाहरी पावर सोर्स से रिचार्ज किया जा सकता है।ईवी चार तरह के होते हैं:- बैटरी ईवी (बीईवी) जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होते हैं।- हाइब्रिड ईवी (एचईवी) और प्लग-इन एचईवी, जो वाहन को चलाने के लिए इंटरनल कंबशन इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों का इस्तेमाल करते हैं। पीएचईवी में ज़्यादा देर तक सिर्फ़ इलेक्ट्रिक मोड में चलने के लिए बाहरी तौर पर रिचार्ज होने वाले बैटरी पैक भी होते हैं।- फ्यूल सेल ईवी (एफसीईवी), जिनमें केमिकल एनर्जी से इलेक्ट्रिक एनर्जी बनाई जाती है।  भारत में ईवी क्रांति: पिछला दशक भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत 2015 में हुई। इसकी शुरुआत 'नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान' और 'एफएएमई स्कीम' को लॉन्च करके की गई, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी ) को अपनाने को बढ़ावा दिया जा सके। यह कदम कुछ खास रणनीतिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया था। इनमें पेट्रोलियम ईंधन के बढ़ते आयात बिल को कम करना और शहरों में बिगड़ते वायु प्रदूषण की समस्या से निपटना शामिल था। साथ ही, इसका मकसद परिवहन क्षेत्र से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना भी था, जो भारत के कुल उत्सर्जन का लगभग 9 प्रतिशत हिस्सा है। नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान (एनईएमएमपी 2020)एनईएमएमपी ने 2020 भारत में ईवी (इलेक्ट्रिक वाहनों) को अपनाने और उनके घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तैयार किया है। इसके दो मुख्य उद्देश्य हैं, ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करना और साफ़-सुथरी, टिकाऊ मोबिलिटी को बढ़ावा देना।भारत में (हाइब्रिड एवं) ईवी को तेज़ी से अपनाना और उनका विनिर्माण बढ़ाना (एफएएमई इंडिया)एनईएमएमपी 2020 के तहत, ईवी को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए 2015 में एफएएमई इंडिया योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत खरीदारों को प्रोत्साहन दिए गए और चार्जिंग अवसंरचना के निर्माण तथा उत्पादन में मदद की गई। इसका पहला चरण मार्च 2019 तक चला, जिसके बाद दूसरा चरण शुरू हुआ, जिसे अप्रैल 2024 तक पांच वर्षों के लिए लागू किया गया। कोविड के बाद के समय, यानी वित्तीय वर्ष 22 में एक अहम मोड़ आया। खास नीतिगत प्रोत्साहन, ज़्यादा सब्सिडी और गाड़ियों की बेहतर उपलब्धता की वजह से ईवी को अपनाने की रफ़्तार तेज़ी से बढ़ी। इस दौरान बाज़ार में एक बड़ा ढांचागत बदलाव भी देखने को मिला। जहां वित्तीय वर्ष 20 – वित्तीय वर्ष 21 में शुरुआत में ई-रिक्शा का दबदबा था, वहीं जल्द ही इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स भी काफ़ी लोकप्रिय हो गए। वित्तीय वर्ष 25 तक, वे एक प्रमुख सेगमेंट बन गए, जो अनौपचारिक, शेयर्ड मोबिलिटी से मुख्यधारा के निजी और कमर्शियल इस्तेमाल की ओर एक बड़े बदलाव का संकेत था। क्या आप जानते हैं?ईवी को अपनाने में कई गुना बढ़ोतरी हुई है; यह वित्तीय वर्ष 15-16 में 0.08 प्रतिशत से बढ़कर वित्तीय वर्ष 25-26 में 8.26 प्रतिशत हो गया है।  भारत तीव्र गति की राह पर: वैश्विक विस्तार के बीच ईवी की बढ़ोतरी  दुनिया भर में लोग ईवी को तेज़ी से अपना रहे हैं। बेहतर ड्राइविंग रेंज और अच्छी कीमत वाले कई मॉडल बाज़ार में आ रहे हैं। साथ ही, सार्वजनिक तौर पर चार्जिंग अवसंरचना का भी तेज़ी से विस्तार हो रहा है। भारत में  मज़बूत नीतिगत समर्थन, बढ़ती बिक्री और रजिस्ट्रेशन के ज़रिए यह तेज़ी देखी जा रही है। घरेलू विनिर्माण और चार्जिंग नेटवर्क के बढ़ते इकोसिस्टम से इसे और बढ़ावा मिल रहा है, जिससे ईवी को अपनाने वालों की संख्या बढ़ रही है। भारत का ईवी स्कोरकार्ड- बढ़ती बिक्री, रजिस्ट्रेशन और निर्यात 2016 में लगभग 50,000 ईवी की मामूली बिक्री के मुकाबले, 2025 में 23 लाख यूनिट्स बेची गईं। यह भारत के ईवी मार्केट में 46 गुना बढ़ोतरी को दिखाता है। भारत की यह बढ़ोतरी वैश्विक प्रदर्शन से कहीं ज़्यादा रही है। जहां वैश्विक स्तर पर ईवी की बिक्री लगभग 20 गुना बढ़ी और 2016 में 9,18,000 से बढ़कर 2024 में 1.878 करोड़  हो गई। क्या आप जानते हैं?2025 में, उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा ईवी बाज़ार बनकर उभरा। 4 लाख से ज़्यादा यूनिट्स के साथ, इसने देश की कुल ईवी बिक्री का 18 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। इसके बाद महाराष्ट्र (2.66 लाख यूनिट्स - 12 प्रतिशत) और कर्नाटक (2 लाख यूनिट्स - कुल बिक्री का 9 प्रतिशत) का स्थान रहा। ...

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज 'एक्सेस (वायरलाइन और वायरलेस) और ब्रॉडबैंड (वायरलाइन और वायरलेस) सेवा विनियम, 2024 की सेवा की...

यह ढांचा पंजीकृत निर्यातकों के माध्यम से केवल इन्वेंट्री-आधारित निर्यात संचालन को संभव बनाता हैइस ढांचे में पारदर्शिता, पता लगाने...

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आध्यात्मिक विकास पर बल देने वाले एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया: "आत्मोदयः परज्यानिर्द्वयं नीतिरितीयती। तदूरीकृत्य...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अनुच्छेद 370 और 35(ए) के ऐतिहासिक निरसन के सात साल पूरे होने पर 5 अगस्त, 2019 को भारत के समावेशी विकास की...

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