भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत, आईएनएस सुदर्शनी, लोकयान 26 के तहत 25 जुलाई 2026 को अमेरिका के बोस्टन से...
जन किरण
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और नशामुक्त समाज के निर्माण का किया आह्वानकारगिल विजय दिवस पर कारगिल के वीर शहीदों को...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूरा देश भारत की सुरक्षा के प्रति...
मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। हमारे जीवन में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिन्हें याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 2026 विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने स्वर्ण पदक...
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को 17 जुलाई, 2026 को दिल्ली क्षेत्र में जींद–सोनीपत रेलखंड पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अब तक यह ट्रेन 1,200 किलोमीटर से अधिक की सफल यात्रा पूरी कर चुकी है, जिससे 3,200 लीटर से अधिक डीज़ल की बचत हुई है। यह हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया से ट्रेन के भीतर ही बिजली उत्पन्न करती है। इस प्रक्रिया से ट्रेन को चलाने के लिए आवश्यक विद्युत ऊर्जा प्राप्त होती है तथा उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प (Water Vapour) निकलती है। इसमें न धुआँ निकलता है और न ही टेलपाइप से कार्बन उत्सर्जन होता है, जिससे यह वर्तमान में उपलब्ध रेल प्रणोदन (Rail Propulsion) की सबसे स्वच्छ तकनीक बन जाती है। यह परियोजना भारतीय रेल के नेतृत्व में विकसित एक पूर्णतः स्वदेशी पहल है। 10 कोच वाली इस ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार हैं, जो संयुक्त रूप से 2,400 किलोवाट शक्ति प्रदान करती हैं। इसके साथ लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियाँ तथा हाइड्रोजन सिलेंडर भी लगाए गए हैं। इस परियोजना के तहत जींद में भारतीय रेल की पहली समर्पित हाइड्रोजन भंडारण सुविधा स्थापित की गई है। यहाँ 500 Bar तक के दाब (Pressure) पर ग्रीन हाइड्रोजन का भंडारण तथा 350 Bar के दाब पर ईंधन भरने की व्यवस्था है। इस सुविधा की कुल भंडारण क्षमता लगभग 3,000 किलोग्राम है। ट्रेन में सुरक्षा के लिए अनेक स्वतंत्र प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं, जो हाइड्रोजन रिसाव, अधिक तापमान, आग और धुएँ का स्वतः पता लगाती हैं। इनके साथ स्वचालित शट-ऑफ सिस्टम, निरंतर वेंटिलेशन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का अनुपालन तथा सभी अनिवार्य परीक्षण और सत्यापन भी सुनिश्चित किए गए हैं। जींद–सोनीपत रेलखंड पर सफल परिचालन के बाद जल्द ही इसका परीक्षण दिल्ली मार्ग पर भी प्रारंभ किया जाएगा। भारत की हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वदेशी हाइड्रोजन रेल इकोसिस्टम की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना सतत, शून्य-उत्सर्जन (Zero Emission) रेल परिवहन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है तथा भविष्य में इसके व्यापक विस्तार और स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की मजबूत आधारशिला रखती है।
ज़मीनी स्तर पर उद्यमिता के ज़रिए ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम, प्रशिक्षण, फ़ाइनेंस, मेंटरिंग और समुदाय के नेतृत्व वाले संस्थागत...
"एक ही दस्तावेज़, यानी हमारे संविधान, एक ही परिकल्पना, यानी राष्ट्र प्रथम, और एक ही लक्ष्य, विकसित भारत@2047 से एकजुट:”...
उपलब्धि पारदर्शी, प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम: मुख्यमंत्री राज्य सरकार की निवेश पारिस्थितिकी...
लोक सभा अध्यक्ष, ओम बिरला ने आज पूर्व लोक सभा अध्यक्ष, सोमनाथ चटर्जी की जयंती पर संविधान सदन के केंद्रीय...
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 400 से अधिक युवा प्रतिभागियों को एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आषाढ़ी एकादशी के पवित्र अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह शुभ दिन...
₹5,785 करोड़ के डिजिटल रूपांतरण, एआई-द्वारा संचालन और कॉर्पोरेट सुधारों ने इंडिया पोस्ट को एक नए युग में पहुँचायाआंध्र प्रदेश...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक पार्क स्थापित करने के लिए भारत औद्योगिक...
शक्ति परम्परा के वैज्ञानिक अध्ययन, डिजिटल प्रलेखन और वैश्विक प्रचार-प्रसार पर दिया बल राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि 51...
समिति ने समानांतर वितरण लाइसेंसिंग के लिए उपभोक्ता-केंद्रित ढांचे पर चर्चा की केंद्रीय विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री...
सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 के तहत उपायों की घोषणा के बाद भारत के जहाज़ निर्माण क्षेत्र की समीक्षा की...
'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर बढ़ती हमारी विकास-यात्रा अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों, निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के...
युवा मामलों का विभाग, मेरा युवा भारत (माय भारत) के माध्यम से, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के सहयोग से, माय भारत...
14.52 किमी लंबी तीसरी लाइन का उद्देश्य उच्च उपयोग वाले नेटवर्क मार्ग पर यात्री और माल ढुलाई को बढ़ावा देना...
दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने एएसटीआर नामक एआई और बिग डेटा विश्लेषण उपकरण विकसित किया है जो संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करता...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रेखांकित किया कि देश के युवाओं का कल्याण और उनका उज्ज्वल भविष्य सरकार की सर्वोच्च...
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन में महान स्वतंत्रता सेनानी थिरु सुब्रमण्यम शिवा की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि...
लापता/दिखाई दिए बच्चों के लिए ट्रैकचाइल्ड पोर्टल और खोया-पाया एप्लिकेशन को मिशन वात्सल्य पोर्टल से जोड़ा गया है मिशन वात्सल्य...
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (एनडीएमपी) पहली बार 2016 में तैयार और जारी की गई थी। सभी संबंधित हितधारकों से परामर्श के...
एक बड़े अभियान में, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने गुजरात के अंकलेश्वर में एक आवासीय परिसर से संचालित...
जब विश्वग संघर्ष, असहिष्णुता और विभाजन का सामना कर रहा है, ऐसे समय में संवाद, करुणा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में...
पर्यटन मंत्रालय ने पिछले दो वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल प्रचार और देश भर में बुनियादी सुविधाओं...
मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रोहन ए. खौंटे और वरिष्ठ अधिकारियों ने बहुभाषी एआई पर राज्य स्तरीय...
केंद्रीय कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स -आईआईसीए ने आज अपना प्रमुख कोर्स- पोस्ट ग्रेजुएट इंसॉल्वेंसी प्रोग्राम...
दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में 20 जुलाई 2026 को चार-दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम, ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 शुरू...