मार्च 11, 2026

शिक्षा और कौशल सामाजिक प्रगति के मुख्य स्तम्भः राज्यपाल

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि शिक्षा से कौशल को बढ़ावा मिलता है और कौशल शिक्षा के मूल्य को बढ़ाता है। दोनों के संयोजन से ही समाज प्रगति कर सकता है। उन्होंने कहा कि जब समाज प्रगति करता है, तो राष्ट्र भी आगे बढ़ता है।
राज्यपाल ने यह बात आज यहां तीन दिवसीय ‘एडुस्किल्स एचआर समिट-2025’ के समापन सत्र के दौरान बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। इस शिखर सम्मेलन में कुलपति, प्राचार्य, निदेशक सहित 100 से अधिक मानव संसाधन पेशेवरों और कॉर्पोरेट नेताओं ने भाग लिया।


राज्यपाल ने कहा कि विचारों में अपार शक्ति होती है और कृत्रिम मेधा इस विकसित होते परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम एक ऐसे मोड़ पर हैं जहां पुरानी नींव और नए निर्माण का मिलन होता है। एआई इस नए निर्माण का एक हिस्सा है, और इसका उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए।
श्री शुक्ल ने शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए एडुस्किल्स फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने तेजी से बदलती तकनीकों, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के युग में, राष्ट्र की वास्तविक संपत्ति, युवाओं के ज्ञान, कौशल और रचनात्मकता पर कार्य करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भारत की 65 प्रतिशत से ज्यादा आबादी युवा है। इस जनसांख्यिकीय लाभ को वास्तविक ताकत में बदलने के लिए, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे विद्यार्थी न केवल शिक्षित हों, बल्कि कुशल और रोजगारपरक भी हों। कौशल विकास अब एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। यह वह आधार है जिस पर हमारे युवाओं का भविष्य, हमारे उद्योगों का विकास और हमारे राष्ट्र की समृद्धि टिकी है।
राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास से सशक्त बनाना ही राष्ट्र को सशक्त बनाने का सच्चा तरीका है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गजों और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर शिक्षा और रोजगार के बीच एक मजबूत सेतु बनाने के लिए एडुस्किल्स फाउंडेशन की सराहना की।
उन्होंने डिजिटल इंटर्नशिप, उत्कृष्टता केंद्र और आधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों जैसी पहलों की भी सराहना की, जिनके माध्यम से एडुस्किल्स देश भर में लाखों छात्रों को सशक्त बना रहा है।
इस अवसर पर दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय, केन्द्रीय विदेश मंत्रालय के अध्यक्ष प्रो. के.के. अग्रवाल और एआईसीटीई के सलाहकार और राज्यसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव डॉ. राघव प्रसाद दाश ने भी अपने विचार साझा किए।
इससे पूर्व, एडुस्किल्स फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ डॉ. शुभजीत जगदेव ने राज्यपाल का स्वागत किया और एडुस्किल्स की गतिविधियों और पहलों के बारे में जानकारी दी।

Leave a Reply

हो सकता है आप चूक गए हों

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading