मार्च 13, 2026

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने सीबीआई के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर मुकदमा अनुचित माना

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने आज माना कि कानून के तहत आवश्यक राज्य सरकार की सहमति के बिना चुनाव के बाद की हिंसा के मामलों में कथित तौर पर जांच को आगे बढ़ाने और प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के खिलाफ पश्चिम बंगाल द्वारा दायर मुकदमा उचित नहीं है। न्‍यायाधीश बीआर गवई की नेतृत्‍व वाली पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत वादी द्वारा दायर मूल मुकदमे की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए केन्‍द्र सरकार के तर्क को खारिज कर दिया।

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने कहा कि यह निष्कर्ष प्रतिवादी द्वारा उठाई गई प्रारंभिक आपत्तियों पर निर्णय लेने के उद्देश्य से हैं। वहीं जब मुकदमे का फैसला उसके अपने अधिकार में लिया जायेगा तो इसका कोई असर नहीं होगा। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने मुकदमे में मुद्दे तय करने के लिए 13 अगस्त को इस मामले को फिर सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।

2018 में पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यों में मामलों की जांच करने संबंधी सी बी आई को अनुमति देने वाली अपनी सहमति वापस ले ली। अपने मुकदमे में, राज्य ने तर्क दिया कि 1946 के दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत केंद्रीय एजेंसी के लिए अपनी सहमति रद्द करने के बावजूद, सीबीआई ने राज्य के भीतर होने वाले अपराधों के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करना जारी रखा। वहीं केंद्र ने एक वक्‍तव्‍य में कहा कि राज्य सरकार किसी भी मामले की सीबीआई जांच के लिए सहमति वापस लेने के लिए व्यापक निर्देश जारी करने के अधिकार का दावा नहीं कर सकती है।

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