मार्च 15, 2026

डेयर टू ड्रीम योजना

पिछले तीन वर्षों के दौरान डेयर टू ड्रीम (डी2डी) प्रतिस्पर्धाओं के तहत प्राप्त आवेदनों का विवरण नीचे दिया गया है:

क्रमांक     डेयर टू ड्रीम (डी2डी) प्रतिस्पर्धा          प्रतिस्पर्धा का वर्ष          प्राप्त आवेदन की संख्या

1.            डेयर टू ड्रीम-1                                     2019                             3080

2.            डेयर टू ड्रीम-2                                     2020                            1750

3.            डेयर टू ड्रीम-3                                     2021                             819

4.            डेयर टू ड्रीम-4                                     2023                            792

डेयर टू ड्रीम (डी2डी) 1.0 (2019), डी2डी 2.0 (2020) और डी2डी 3.0 (2021) सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं, जिसमें 5,600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए और जिनमें से 86 प्रौद्योगिकियों/विचारों को मान्यता दी गई है और व्यक्तिगत इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स को 3.97 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है। डीआरडीओ प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना के माध्यम से सर्वोत्तम पुरस्कार प्राप्त विचारों को प्रोटोटाइप में साकार करने में भी सहायता करता है। स्टार्ट-अप श्रेणी के डेयर टू ड्रीम विजेताओं को टीडीएफ योजना के तहत 6.93 करोड़ रुपये की लागत से कुल आठ परियोजनाएं प्रदान की गई हैं।

व्यक्तिगत नवोन्मेषक (18 वर्ष से अधिक आयु के भारतीय नागरिक) और स्टार्ट-अप (उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग तथा भारतीय संस्थापक के साथ पंजीकृत) डी2डी प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए पात्र हैं। डी2डी प्रतिस्पर्धा के तहत प्राप्त प्रविष्टियों/आवेदनों का मूल्यांकन दो चरणों वाली प्रक्रिया द्वारा किया जाता है:

महानिदेशक (संबंधित तकनीकी क्लस्टर) की अध्यक्षता वाली डोमेन विशेषज्ञ समिति द्वारा जांच की गई।

स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति द्वारा चयन किया गया और रैंकिंग प्रदान की गयी। चयन मानदंड में नवीनता, प्रयोज्यता, कार्यान्वयनशीलता, तकनीकी योग्यता और परिपक्वता शामिल हैं।

डी2डी विजेताओं को व्यक्तिगत और स्टार्ट-अप श्रेणियों में नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाता है। विजेताओं को योग्यता और व्यवहार्यता के आधार पर रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की टीडीएफ योजना के तहत प्रोटोटाइप की प्राप्ति के लिए वित्त पोषण के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है और उस पर आगे विचार किया जाता है।

यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने लोकसभा में जीएम सिद्धेश्वर और पूनम महाजन को एक लिखित उत्तर में दी।

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