मार्च 13, 2026

प्रौद्योगिकी विकास निधि

प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना, रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसे डीआरडीओ द्वारा ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अंतर्गत क्रियान्वित किया गया है। इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • एमएसएमई और स्टार्ट-अप सहित भारतीय उद्योगों के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र और दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु अकादमिक एंवं वैज्ञानिक संस्थानों को सहायता अनुदान प्रदान करना, जो वर्तमान समय में भारतीय रक्षा उद्योग को उपलब्ध नहीं हैं।
  • निजी उद्योगों, विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्टअप के साथ जुड़ना, जिससे सैन्य प्रौद्योगिकी में डिजाइन एवं विकास की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके और उन्हें सहायता अनुदान के साथ-साथ समर्थन प्रदान किया जा सके।
  • देश में पहली बार विकसित की जा रही विशिष्ट प्रौद्योगिकियों के लिए अनुसंधान, डिजाइन और विकास पर ध्यान केंद्रित करना।
  • निजी संस्थाओं के साथ सशस्त्र बलों, अनुसंधान संगठनों, शिक्षाविदों और अर्हता/प्रमाणन एजेंसियों के बीच एक पुल का निर्माण करना।
  • अवधारणा का प्रमाण रखने वाली भविष्य की प्रौद्योगिकियों का समर्थन करना और उन्हें प्रोटोटाइप में परिवर्तित करना।

इस योजना से प्राप्त होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:

  • देश की रक्षा प्रौद्योगिकियों का डिजाइन एवं विकास करने के लिए भारतीय उद्योगों में क्षमता और दक्षता निर्माण।
  • अनुसंधान एवं विकास के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, जहां पर उद्योग और शिक्षा मिलकर सशस्त्र बलों और रक्षा क्षेत्र की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
  • देश में रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण।
  • रक्षा प्रौद्योगिकी में ‘आत्मनिर्भरता’ प्राप्त करना।

वर्तमान समय , विभिन्न उद्योगों के लिए 70 परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है, जिसकी कुल लागत 291.25 करोड़ रुपये है और इस योजना के अंतर्गत 16 रक्षा प्रौद्योगिकियों को सफलतापूर्वक विकसित/साकार किया गया है।

यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री, अजय भट्ट ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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