नवम्बर 8, 2026

प्रधानमंत्री ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ज्ञान देने के साथ-साथ अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें सुविचारों एवं सुसंस्कारों से गढ़ते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से अपने गुरुजनों के आदर्शों को जीवन में मार्गदर्शक बनाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा—

“प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

इस सुभाषित में यह भाव व्यक्त किया गया है कि जो सही दिशा प्रदान करते हैं, ज्ञान एवं सत्य का बोध कराते हैं, सही मार्ग दिखाते हैं, शिक्षा प्रदान करते हैं तथा जीवन में सत्य की समझ विकसित कर आत्म-विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं, उन्हें ही गुरु के छह रूप माना गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गुरु ज्ञान के साथ ही अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। आइए, उनके आदर्शों को अपने जीवन का संबल बनाएं।

प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

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