अप्रैल 29, 2026

सीमा सड़क संगठन की प्रतिष्ठित परियोजना ‘दन्तक’ का भूटान में अपने 66वें स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर का उत्सव

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की प्रतिष्ठित परियोजना ‘दन्तक’ ने 24 अप्रैल, 2026 को भूटान की राजधानी थिम्पू में अपना 66वां स्थापना दिवस उत्सवपूर्ण ढंग से मनाया। इस परियोजना ने अप्रैल 1961 में स्थापना के बाद से भूटान में 65 वर्षों की समर्पित सेवा का महत्वपूर्ण पड़ाव भी पूरा किया है। यह अवसर भारत व भूटान के बीच सुदृढ़ एवं दीर्घकालिक साझेदारी को और सशक्त करने की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। स्थापना दिवस समारोहों के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें पेशेवर उत्कृष्टता और सामाजिक सहभागिता दोनों की झलक देखने को मिली। कार्यक्रमों में थिम्पू में आयोजित अंतर-विद्यालय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, उत्कृष्ट कर्मियों का सम्मान तथा कर्तव्य-पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करना शामिल है।

‘परियोजना दन्तक’ भूटान में पहली मोटर-योग्य सड़क के निर्माण से लेकर आधुनिक राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के विकास तक देश में सड़क संपर्क और प्रगति की मजबूत नींव बनकर उभरी है। इसने भूटान के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस परियोजना के तहत 1,500 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है, जिसमें रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ‘ईस्ट-वेस्ट हाईवे’ भी शामिल है, जो त्राशिगांग को थिम्पू से जोड़ता है। इसके अलावा, फुंटशोलिंग-थिम्पू राजमार्ग, पारो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और योंगफुला हवाई अड्डे के निर्माण में भी इसकी उल्लेखनीय भूमिका रही है। इस परियोजना ने पूरे भूटान में पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं, दूरसंचार नेटवर्क, अस्पतालों, स्कूलों तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थागत ढांचे के विकास में भी व्यापक और स्थायी योगदान दिया है।

हाल के वर्षों में ‘दन्तक’ ने आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इसके अंतर्गत कॉन्फ्लुएंस–हा सड़क (जिसका पहला चरण 1 अगस्त, 2025 को शुरू हुआ) तथा लगभग 168 किलोमीटर लंबे समद्रुप जोंगखार–त्राशिगांग राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्गों को दो-लेन में उन्नत किया गया है, जिससे यात्रा समय में कमी, सुरक्षा में वृद्धि व समग्र सड़क संपर्क सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके साथ ही, इस परियोजना ने प्राकृतिक आपदाओं जैसे बड़े भूस्खलन तथा सड़कों के बह जाने के दौरान भी असाधारण दक्षता और लचीलापन प्रदर्शित किया है। कठिन परिस्थितियों में भी रिकॉर्ड समय में कनेक्टिविटी बहाल कर अपनी विश्वसनीयता और प्रतिबद्धता को एक बार फिर सिद्ध किया है।

इसके साथ ही, ‘दन्तक’ परियोजना पूरे भूटान में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजनाओं को निरंतर आगे बढ़ा रही है। इनमें दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में न्गांगलाम-देवाथांग, समरंग-जोमोत्सांगखा और खोताकपा-त्शोबाले—में सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, दामचू-छुखा मार्ग पर राजमार्गों को सुदृढ़ बनाने के प्रयास तथा पुलों का निर्माण और वैकल्पिक मार्गों का विकास भी जारी है। इन वैकल्पिक मार्गों में पानबांग-न्गांगलाम तथा देवाथांग-समद्रुपचोलिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और बेहतर कर रहे हैं। ये गतिविधियां भूटान की विकासात्मक प्राथमिकताओं और पर्यावरणीय संवेदनशीमताओं के अनुरूप बनी हुई हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 11 नवंबर, 2025 को भूटान का दौरा किया था, इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग व गहरी मित्रता को और सुदृढ़ करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को पुनः उजागर किया। दशकों से ‘प्रोजेक्ट दन्तक’ का योगदान इसी साझेदारी, विश्वास और आपसी प्रगति की भावना का सशक्त प्रतीक रहा है।

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