अप्रैल 5, 2026

नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई

डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई
पते के प्रमाण के बिना 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हैं; कल 90,000 से अधिक सिलेंडर बेचे गए
मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं; पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना दर्ज नहीं की गई है
भारत भर में पत्तन संचालन सामान्य है
विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है
वायु यातायात की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है; 28 फरवरी से अब तक 7,02,000 से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं

भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति को देखते हुए प्रमुख क्षेत्रों में तैयारी और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से तत्पर है। निम्नलिखित अद्यतन जानकारी ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए इन क्षेत्रों में किए जा रहे उपायों के बारे में बताती है:

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता

होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सहित बदलती स्थिति को ध्यान में रखते हुए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सुचारू और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करना जारी रखे हुए है। मंत्रालय के अनुसार:

जन परामर्श एवं नागरिकों में जागरूकता

  • सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी करने के साथ-साथ एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचें।
  • नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
  • एलपीजी के लिए, नागरिकों से अनुरोध है कि वे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और जब तक आवश्यक न हो एलपीजी वितरकों के पास जाने से बचें।
  • नागरिकों को जहां तक संभव हो, पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • वर्तमान स्थिति में, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करें।

सरकार की तैयारी और आपूर्ति के लिए प्रबंधन उपाय

  • इस युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
  • सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तियुक्त उपाय पहले ही लागू किए हैं जिनमें रिफाइनरी में उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
  • एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्प पेश किए गए हैं।
  • कोयला मंत्रालय ने पहले ही कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला वितरित करने के लिए राज्यों को अधिक मात्रा में कोयला आबंटित करने का आदेश जारी कर दिया है।
  • राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शनों को सुगम बनाने की सलाह दी गई है।
  • हाल ही में, सचिव, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अपर मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों के बारे में बताया गया। राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे एलपीजी वितरण को प्राथमिकता दें, विशेष रूप से घरेलू और आवश्यक जरूरतों के लिए, साथ ही जमाखोरी, हेराफेरी और गलत सूचना पर निगरानी रखें। प्रवासी श्रमिकों को एफटीएल एलपीजी आपूर्ति से संबंधित रिपोर्टों पर राज्यों ने स्पष्ट किया कि एलपीजी आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है जिससे प्रवासी प्रभावित हों और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सचिव ने बताया कि राज्य स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर ओएमसी के साथ मिलकर 5 किलो एफटीएल एलपीजी सिलेंडरों के लक्षित वितरण का प्रबंधन करने पर विचार कर सकते हैं।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और संस्थागत तंत्रों के साथ समन्वित प्रयास

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत, राज्य सरकारों को जमाखोरी और कालाबाजारी के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की निगरानी और विनियमन में प्रमुख भूमिका निभानी होगी। भारत सरकार ने कई पत्रों और वीसी के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस बात की पुष्टि की है।
  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों, अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिवों से अनुरोध है कि वे निम्नलिखित कार्य करें:
    • राज्य/जिला स्तर पर दैनिक प्रेस ब्रीफिंग को संस्थागत रूप देना और नियमित रूप से सार्वजनिक सलाह जारी करना।
    • समर्पित नियंत्रण कक्ष/हेल्पलाइन स्थापित करना।
    • सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों/गलत सूचनाओं की सक्रिय रूप से निगरानी करना और उनका मुकाबला करना।
    • जिला प्रशासन द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और ओएमसी के समन्वय से छापे और निरीक्षण जारी रखना।
    • अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी आबंटन आदेश जारी करना।
    • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आबंटित अतिरिक्त उच्च गुणवत्ता वाले केरोसिन तेल (एससीओ) के आबंटन के लिए आदेश जारी करना।
    • सीजीडी के विस्तार को गति देने के लिए आरओडब्ल्यू/आरओयू अनुमतियों में तेजी लाना, 24×7 कार्य करने की अनुमति देना।
    • पीएनजी और वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने को बढ़ावा देना।  
    • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) के साथ समन्वय हेतु वरिष्ठ नोडल अधिकारियों को नामित करना।
  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी/कालाबाजारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियां स्थापित की हैं।
  • भारत सरकार ने दिनांक 27.03.2026 और 02.04.2026 के पत्रों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से अनुरोध किया है कि वे सक्रिय और नियमित जनसंपर्क को तेज करें, उचित वरिष्ठ स्तर पर दैनिक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करें और साथ ही सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सटीक जानकारी का समय पर प्रसार करें ताकि गलत सूचनाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके और नागरिकों को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू वितरण के बारे में आश्वस्त किया जा सके।
  • वर्तमान में, 22 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रेस ब्रीफ जारी कर रहे हैं।

प्रवर्तन और निगरानी कार्रवाइयां

  • एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। मार्च से अब तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और पीएसयू ओएमसी के अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं।
  • पीएसयू ओएमसी के अधिकारियों को जमाखोरी/कालाबाजारी की किसी भी घटना को रोकने के लिए औचक निरीक्षण की प्रणाली को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है।
  • पीएसयू ओएमसी ने अब तक एलपीजी वितरकों को 1400 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, अब तक 36 एलपीजी वितरणों को निलंबित किया जा चुका है।

एलपीजी आपूर्ति

घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:

  • एलपीजी वितरकों में आपूर्ति बंद होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
  • कल उद्योग के आधार पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है।
  • वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी को 53 प्रतिशत (फरवरी-2026) से बढ़ाकर कल 90 प्रतिशत कर दिया गया है
  • कल 51 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।

वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति और आबंटन उपाय:

  • भारत सरकार ने दिनांक 01.04.2026 के आदेश के माध्यम से भारत में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित रिफाइनिंग कंपनियों को उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएचटी) द्वारा निर्धारित विशिष्ट मात्रा और रिफाइनरी स्रोत के आधार पर फार्मास्यूटिकल्स विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग आदि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सी3 और सी4 स्ट्रीम की कुछ न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।
  • भारत सरकार ने कुल वाणिज्यिक आबंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक आवंटित करने का निर्णय लिया है। इसमें 10 प्रतिशत सुधार-आधारित आबंटन शामिल है।
  • कल 90,000 से अधिक 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए हैं।
  • 23 मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.6 लाख – 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
  • 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर नजदीकी एलपीजी वितरकों के यहां उपलब्ध हैं और इन्हें कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाकर खरीदा जा सकता है। पते का कोई प्रमाण आवश्यक नहीं है।
  • आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति, राज्य के अधिकारियों और उद्योग निकायों के परामर्श से, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री की योजना को अंतिम रूप देती है।
  • 14 मार्च 2026 से अब तक कुल 78833 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हो चुकी है।

प्राकृतिक गैस आपूर्ति और पीएनजी के विस्तार की पहल

  • डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
  • चालू यूरिया संयंत्रों को आपूर्ति अब पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 70-75 प्रतिशत पर स्थिर है। उपलब्ध भंडार और निर्धारित एलएनजी कार्गो आगमन को ध्यान में रखते हुए, उर्वरक संयंत्रों को उपलब्ध कुल गैस आपूर्ति 06.04.2026 से पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 90 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। इसके अतिरिक्त, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति सहित अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को गैस आपूर्ति में 06.04.2026 से 10 प्रतिशत की और वृद्धि की जाएगी।
  • भारत सरकार ने सीजीडी संस्थाओं को यह भी सलाह दी है कि वे अपने सभी भौगोलिक क्षेत्रों में रेस्तरां, होटल और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें ताकि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता से संबंधित चिंताओं का समाधान किया जा सके।
  • आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी सीजीडी कंपनियों ने घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहन राशि की पेशकश की है।
  • भारत सरकार ने राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक आवेदनों की मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया है।
  • भारत सरकार ने दिनांक 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आबंटन देने की पेशकश की है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन में सहयोग करें। पीएनजी विस्तार के सुधारात्मक उपायों के तहत 12 राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त आबंटन प्राप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त, एक केंद्र शासित प्रदेश से आवेदन प्राप्त हुआ है और उसकी जांच चल रही है।
  • पीएनजीआरबी ने अपने दिनांक 23.03.2026 के आदेश के माध्यम से सभी सीजीडी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे जहां भी पाइपलाइन अवसंरचना आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध है वहां आवासीय स्कूलों और कॉलेजों, छात्रावासों, सामुदायिक रसोई, आंगनवाड़ी रसोई आदि को पीएनजी के माध्यम से 5 दिनों के भीतर जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करें।
  • सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने दिनांक 24.03.2026 के पत्र के माध्यम से कहा है कि उन्होंने 3 महीने के लिए एक विशेष उपाय के रूप में ‘‘कम समय सीमा में सीजीडी अवसंरचना के लिए त्वरित अनुमोदन ढांचा’’ अपनाया है जिसमें सीजीडी अवसंरचना से संबंधित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर संसाधित किया जाएगा।
  • भारत सरकार ने 24.03.2026 के राजपत्र के माध्यम से आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन बिछाने, निर्माण, संचालन और विस्तार तथा अन्य सुविधाओं के माध्यम से) आदेश, 2026 अधिसूचित किया है। यह आदेश देश भर में पाइपलाइन बिछाने और विस्तार करने के लिए एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध ढांचा प्रदान करता है। अनुमोदन और भूमि उपलब्धता में होने वाली देरी को दूर करता है, और आवासीय क्षेत्रों सहित प्राकृतिक गैस अवसंरचना के तीव्र विकास को सक्षम बनाता है। इससे प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विकास में तेजी आने, अंतिम-मील कनेक्टिविटी में सुधार होने और स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और भारत की गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
  • रक्षा मंत्रालय ने 27.03.2026 के पत्र के माध्यम से एक अल्पकालिक नीति संशोधन जारी किया है। यह 30 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगा ताकि सभी आवासीय क्षेत्रों/रक्षा इकाइयों में पीएनजी बुनियादी ढांचे की स्थापना में तेजी लाई जा सके।
  • पीएनजीआरबी ने सीजीडी संस्थाओं को डी-पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीएनजी विस्तार में गति बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 (01.01.2026-31.03.2026) को अब 30.06.2026 तक बढ़ा दिया गया है।
  • मार्च 2026 से अब तक लगभग 3.6 लाख पीएनजी कनेक्शनों को गैस की आपूर्ति की जा चुकी है। इसके अलावा, 3.9 लाख से अधिक ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है।

कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन

  • सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक है।
  • घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।

खुदरा ईंधन उपलब्धता और मूल्य निर्धारण के उपाय

  • देश भर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
  • मध्य पूर्व में चल रहे संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है। उपभोक्ताओं को इस प्रभाव से बचाने के लिए, भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी करके इस बोझ का कुछ हिस्सा स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है।
  • इसके अलावा, भारत सरकार ने घरेलू बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया है।
  • पेट्रोल और डीजल के नियमित खुदरा मूल्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
  • सरकार ने अफवाहों पर विश्वास न करने की अपनी सलाह दोहराई है। अफवाहों को रोकने के लिए, राज्य सरकारों से प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से सही जानकारी प्रसारित करने का भी अनुरोध किया गया है।

केरोसिन की उपलब्धता और वितरण के उपाय

  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आबंटन के अतिरिक्त 48000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आबंटन किया गया है।
  • भारत सरकार ने 29.03.2026 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से मुक्त राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में केवल खाना पकाने और प्रकाश व्यवस्था के उद्देश्य से पीडीएस एसकेओ के वितरण को सुगम बनाया है।
  • प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पीएसयू ओएमसी सर्विस स्टेशन (अधिमानतः कंपनी के स्वामित्व वाले और कंपनी द्वारा संचालित) को 5,000 लीटर तक पीडीएस एसकेओ का भंडारण करने की अनुमति है।
  • प्रत्येक जिले में इन पीएसयू ओएमसी सेवा केंद्रों को राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
  • 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आबंटन आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने सूचित किया है कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में एसकेओ की कोई आवश्यकता नहीं है।

समुद्री सुरक्षा और पोत परिवहन संचालन

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा इस क्षेत्र में संचालित भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि:

  • पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय समुद्री व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करते हुए पोत परिवहन गतिविधियों, पत्तन संचालन और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रख रहा है।
  • इस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।
  • पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में कुल 17 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 460 भारतीय नाविक मौजूद हैं और नौवहन महानिदेशालय शिपिंग, जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के समन्वय से सक्रिय रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा है।
  • नौवहन महानिदेशालय का नियंत्रण कक्ष 24×7 कार्यरत रहता है और इसके सक्रिय होने के बाद से इसे 5088 कॉल और 10547 ईमेल प्राप्त हुए हैं; पिछले 24 घंटों में 73 कॉल और 122 ईमेल प्राप्त हुए हैं।
  • नौवहन महानिदेशालय ने अब तक 1479 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की है जिनमें खाड़ी क्षेत्र के वायु पत्तनों और विभिन्न क्षेत्रीय स्थानों से पिछले 24 घंटों में 159 नाविक शामिल हैं।
  • गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुद्दुचेरी के राज्य समुद्री बोर्डों द्वारा पुष्टि की गई है कि भारत भर में पत्तन संचालन सामान्य है और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ की सूचना नहीं मिली है।
  • मंत्रालय नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय करना जारी रखे हुए है।

क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

इस पूरे क्षेत्र में, भारतीय दूतावास और मिशन भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में हैं साथ ही उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए सहायता प्रदान करना और आवश्यक सलाह जारी करना जारी रखे हुए हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • ईरान में फंसे कुल 345 भारतीय मछुआरे कल घर लौट आए। तेहरान स्थित दूतावास ने उन्हें दक्षिण ईरान से आर्मेनिया तक पहुंचाने में मदद की, जहां से उन्होंने चेन्नई के लिए उड़ान भरी।
  • विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में उत्पन्न स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। इसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक समर्पित नियंत्रण कक्ष कार्यरत है और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा भारतीय दूतावासों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर रहा है।
  • दूतावास और मिशन चौबीसों घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं, सलाह जारी कर रहे हैं और भारतीय समुदाय के संगठनों, कंपनियों और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। सहायता में वीजा, कांसुलर सेवाएं, पारगमन सुविधा और रसद सहायता शामिल हैं।
  • भारतीय छात्रों का हित हमारी प्राथमिकता बनी हुई है। मिशन शैक्षणिक चिंताओं के समाधान के लिए स्थानीय अधिकारियों, भारतीय स्कूलों, बोर्डों और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के साथ समन्वय कर रहे हैं।
  • दूतावास जहाजों पर मौजूद भारतीय चालक दल के साथ निरंतर संपर्क में हैं, कांसुलर सहायता प्रदान करते हैं, परिवार के साथ संचार को सुगम बनाते हैं और वापसी के अनुरोधों में सहायता करते हैं।
  • हवाई यात्रा की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है; 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 7,02,000 यात्री भारत आ चुके हैं।
    • यूएई: सीमित संख्या में गैर-निर्धारित उड़ानें जारी हैं; भारत के लिए लगभग 90 उड़ानों की आशा है।
    • सऊदी अरब और ओमान: भारत के लिए कई हवाई अड्डों से उड़ानें संचालित हो रही है।
    • कतर: आंशिक हवाई क्षेत्र खोला गया; आज लगभग 8-10 उड़ानों की उम्मीद है।
    • कुवैत और बहरीन: हवाई क्षेत्र बंद; भारत जाने वाली उड़ानें दम्मम (सऊदी अरब) के रास्ते संचालित हो रही हैं।
    • ईरान: आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते यात्रा को सुगम बनाया जा रहा है।
    • इजराइल: मिस्र और जॉर्डन के रास्ते यात्रा को सुगम बनाया जा रहा है।
    • इराक: जॉर्डन और सऊदी अरब के रास्ते यात्रा को सुगम बनाया जा रहा है।
  • ओमान के तट पर एक जहाज पर हुए हमले में दुखद रूप से अपनी जान गंवाने वाले एक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाया गया है और शोक संतप्त परिवार को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

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