नवम्बर 8, 2026

नीति आयोग ने निर्यात तैयारी सूचकांक- ईपीआई 2024 जारी किया

नीति आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निर्यात तैयारियों के व्यापक मूल्यांकन संबंधी निर्यात तैयारी सूचकांक- ईपीआई 2024 जारी किया है। ईपीआई का यह चौथा संस्करण है। पहली बार इसे अगस्त 2020 में प्रकाशित किया गया था। निर्यात तैयारी सूचकांक उप-राष्ट्रीय स्तर की आर्थिक संरचना विविधता दर्शाता है जिसकी भारत की वैश्विक व्यापार आकांक्षाओं में महत्वपूर्ण भूमिका है।

वर्ष 2030 तक भारत के एक ट्रिलियन डॉलर के व्यापार निर्यात लक्ष्य और 2047 तक विकसित भारत भविष्य योजना के अनुरूप, निर्यात तैयारी सूचकांक उप-राष्ट्रीय निर्यात परितंत्र की मजबूती, अनुकूलता और समावेशिता मूल्यांकन के लिए साक्ष्य-आधारित ढांचा प्रदान करता है। यह सूचकांक राज्य और जिला स्तर पर निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रमुख संरचनात्मक चुनौतियों, विकास कारकों और नीतिगत अवसरों को चिन्हित करता है।

ईपीआई 2024 जारी किए जाने के अवसर पर नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने उल्लेख किया कि भारतीय निर्यात राज्यों और जिलों की तैयारियों से आकार पा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्यात ढ़ांचा सुदृढ़ करने, लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार, संस्थाओं के सुदृढिकरण और पूर्वानुमानित तथा पारदर्शी नीतिगत वातावरण को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। वैश्विक अस्थिरता के बीच दीर्घकालिक विकास, रोजगार सृजन, क्षेत्रीय असमानताएं कम करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से गहरे जुड़ाव के लिए उप-राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात तत्परता बढ़ाना आवश्यक है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि वे अपनी क्षमता के उपयोग, संरचनात्मक कमियां दूर कर और नए व्यापार अवसरों के लाभ उठाने की रणनीति अपनाकर निर्यात तैयारी की गति बनाए रखने और इन्हें बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. विरमानी ने प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान को दोहराया।

I. रुपरेखा और विवरण

निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 चार स्तंभों पर संरचित है, जिन्हें फिर 13 उप-स्तंभों और 70 संकेतकों में विभाजित किया गया है। इससे निर्यात तैयारियों का विस्तृत और नीति-प्रासंगिक मूल्यांकन हो पाता है।

निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 के स्तंभ

निर्यात ढ़ांचाव्यापार परितंत्रनीति एवं शासननिर्यात प्रदर्शन
व्यापार एवं प्रचालन अवसंरचनावित्तीय उपलब्धताराज्य निर्यात नीतिनिर्यात परिणाम
संपर्क साधन और उपयोगिताएंमानव पूंजीसंस्थागत क्षमतानिर्यात विविधीकरण
औद्योगिक अवसंरचनाएमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्रव्यापार सुविधावैश्विक तौर पर जुड़ाव

ईपीआई 2024 में व्यापक आर्थिक स्थिरता, लागत प्रतिस्पर्धात्मकता, मानव संसाधन, वित्तीय पहुंच और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र जैसे नए आयाम शामिल कर विश्लेषणात्मकता को और गहन बनाया गया है। साथ ही इसमें सटीकता और नीतिगत प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए मौजूदा संकेतकों को परिष्कृत किया गया है।

II. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का वर्गीकरण

तुलनात्मक मूल्यांकन और सहभागी ज्ञान के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बड़े राज्यों और छोटे राज्यों, पूर्वोतर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वर्गीकृत किया गया है। प्रत्येक श्रेणी को अग्रणी, उन्हें चुनौती देने वाले और आकांक्षी राज्यों में वर्गीकृत किया गया है।

ईपीआई 2024 के अंतर्गत प्रदर्शन वर्गीकरण:

वर्गविवरण
अग्रणीअपेक्षाकृत उच्च निर्यात तत्परता प्रदर्शित करने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
चुनौती देने वालेमध्यम स्तर की तैयारी वाले और सुधार की संभावना वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
आकांक्षीनिर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के प्रारंभिक चरण वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता की मुख्य इकाइयों के तौर पर जिलों पर अधिक जोर दिया गया है ताकि राष्ट्रीय निर्यात उद्देश्यों को स्थानीय क्षमताओं, औद्योगिक समूहों और मूल्य-श्रृंखला संबंधों पर आधारित व्यावहारिक, स्थान-केंद्रित रणनीतियां अपनाई जा सके।

III.  पद्धति और डेटा स्रोत

निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 आंकड़ों पर आधारित, संकेतक-आधारित पद्धति अपनाता है, जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सार्वजनिक संस्थानों के आधिकारिक आंकड़े शामिल किए जाते हैं। संकेतकों को उपयुक्त सांख्यिकीय तकनीकों द्वारा मानकीकृत और एकत्रित किया जाता है, और निर्यात तैयारी में उनके सापेक्ष योगदान दर्शाने के लिए विभिन्न स्तंभों और उप-स्तंभों को संतुलित महत्व दिया जाता है।

निर्यात तैयारी सूचकांक- ईपीआई 2024 में प्रणालीगत सुधारों का उद्देश्य सुदृढ़ता, तुलनीयता और नीतिगत प्रासंगिकता बढ़ाना है। ईपीआई 2024 रिपोर्ट तैयारी सूचकांक में विस्तृत शोध पद्धति, संकेतक परिभाषाएं और राज्यवार परिणाम दिए गए हैं।

स्तंभमहत्वउप-स्तंभ
निर्यात अवसंरचना20 प्रतिशतउपयोगिता
प्रचालन व्यवस्था
व्यापार परितंत्र40 प्रतिशतवृहद अर्थव्यवस्था
लागत प्रतिस्पर्धा
मानव संसाधन
वित्त और ऋण उपलब्धता
सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम  पारिस्थितिकी तंत्र
औद्योगिक और नवाचार वातावरण
नीति एवं शासन20 प्रतिशतराज्य स्तरीय नीतिगत समर्थन और शासन
नियामक माहौल और अनुपालन
निर्यात प्रदर्शन20 प्रतिशतराज्य स्तरीय निर्यात और रुझान
निर्यात प्रोत्साहन और सुविधा
निर्यात पोर्टफोलियो और बाजार पहुंच

IV. शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

ईपीआई 2024 के तहत समग्र मूल्यांकन के आधार पर, निम्नलिखित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी-अपनी श्रेणियों में अग्रणी प्रदर्शनकर्ता रहे हैं:

अग्रणी प्रदर्शनकर्ता – निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024

ए. बड़े राज्य

  1. महाराष्ट्र
  2. तमिलनाडु
  3. गुजरात
  4. उत्तर प्रदेश
  5. आंध्र प्रदेश

बी. छोटे राज्य, पूर्वोतर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

  1. उत्तराखंड
  2. जम्मू-कश्मीर
  3. नागालैंड
  4. दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
  5. गोवा

(विस्तृत प्राप्तांक, संकेतक-स्तरीय प्रदर्शन और राज्यवार प्रोफाइल निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 रिपोर्ट के लिंक में दिए गए हैं।)

पूरी रिपोर्ट यहां देखी जा सकती है: https://niti.gov.in/sites/default/files/2026-01/Export_Preparedness_Index_2024.pdf

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