मार्च 8, 2026

प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के बाढ़ और वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया

प्रधानमंत्री ने कांगड़ा में बैठक कर क्षति की समीक्षा और आकलन किया
प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की
प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की
प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों से भी मुलाकात की और उनके प्रयासों की सराहना की
केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में अवसंरचना की बहाली और पुनर्निर्माण के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में बादल फटने, बारिश और भूस्खलन के कारण बाढ़ की स्थिति और नुकसान की समीक्षा के लिए 9 सितंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश का दौरा किया।

प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के चंबा, भरमौर, कांगड़ा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कांगड़ा में एक आधिकारिक बैठक की जिसमें राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान का आकलन भी किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। एसडीआरएफ और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने समस्त क्षेत्र और लोगों को सामान्य स्थिति पर लाने के लिए एक बहु आय़ामी दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। यह प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए घरों के पुनः निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों का जीर्णोद्धार, स्कूलों के पुनः निर्माण और पशुधन के लिए मिनी किट सहित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के तहत राहत का प्रावधान करने के जरिए किया जाएगा।

कृषि समुदाय को सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता को समझते हुए, विशेष रूप से उन किसानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी जिनके पास वर्तमान में बिजली कनेक्शन नहीं है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, क्षतिग्रस्त घरों की जियोटैगिंग की जाएगी। इससे नुकसान का सटीक आकलन करने और प्रभावित लोगों तक त्‍वरित गति से सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी।

निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए, स्कूल क्षति की रिपोर्ट करने और उसे जियोटैग करने में सक्षम होंगे, जिससे समग्र शिक्षा अभियान के तहत समय पर सहायता मिल सकेगी।

वर्षा जल के संग्रहण और भंडारण के लिए जल संचयन हेतु पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन प्रयासों से भूजल स्तर में सुधार होगा और बेहतर जल प्रबंधन को बल मिलेगा।

केंद्र सरकार ने नुकसान की सीमा का आकलन करने के लिए हिमाचल प्रदेश का दौरा करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल पहले ही भेज दिए हैं, तथा उनकी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता पर विचार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने आपदा से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने इस आपदा में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना और गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में मृतकों के निकटतम परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि हाल ही में आई बाढ़ और भू-स्‍खलन के कारण अनाथ हुए बच्‍चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्‍ड्रन योजना के तहत व्‍यापक सहायता प्रदान की जाएगी। इससे उनका दीर्घकालिक कल्‍याण सुनिश्चित होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन नियमों के तहत राज्यों को अग्रिम भुगतान सहित सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने तत्काल राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, राज्य प्रशासन और अन्य सेवा-केंद्रित संगठनों के कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार राज्य के ज्ञापन और केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट के आधार पर मूल्यांकन की फिर से समीक्षा करेगी।

प्रधानमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि केन्द्र सरकार स्थिति से निपटने के लिए सभी प्रयास करेगी।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading