मार्च 8, 2026

इंडिया पोस्ट 2.0: सम्‍पूर्ण भारत में सभी से सम्‍पर्क को सशक्त बनाने के लिए व्यापक तकनीकी प्रयास

इंडिया पोस्ट देश का प्रमुख सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म बनने के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित परिवर्तन पर अग्रसर
86,000 से अधिक डाकघर डिजिटल हुए; 4 अगस्त तक पूर्ण नेटवर्क स्‍थानान्‍तरण
सुबह, शाम और अवकाश सेवाओं के लिए 344 नए डिलीवरी केंद्र खोले गए
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स, सरकारी ई-मार्केटप्‍लेस एकीकरण से ई-कॉमर्स सक्षमता को बल मिलेगा
केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने भारतीय डाक सुधारों की समीक्षा की: तकनीक-संचालित सुधार ने गति पकड़ी

देश के सबसे स्थायी सार्वजनिक संस्थानों में से एक डाक विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने मेल परिचालन, पार्सल परिचालन और व्यवसाय रणनीति प्रभागों की उच्च स्तरीय समीक्षा की अध्यक्षता की।

यह रणनीतिक समीक्षा, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के कुशल नेतृत्व में सरकार के व्यापक सुधार एजेंडे का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय डाक को एक प्रौद्योगिकी-संचालित, नागरिक-केंद्रित लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स प्रदाता के रूप में पुनः स्थापित करना है।

डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि यह परिवर्तन केवल आधुनिकीकरण का प्रयास नहीं है, बल्कि तेज़ी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारतीय डाक की भूमिका की एक मौलिक पुनर्कल्पना है। उन्होंने कहा कि भारतीय डाक की बेजोड़ उपस्थिति को अब अत्याधुनिक डिजिटल क्षमताओं से सक्षम किया जाना चाहिए। यह परिवर्तन दूर-दराज़ के गांव से लेकर व्यस्ततम महानगरीय क्षेत्र तक, हर भारतीय के लिए पैमाने, गति और सेवा के बारे में है।

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भारतीय डाक विभाग वर्तमान में आईटी 2.0 ढांचे के अंतर्गत एक व्यापक, प्रौद्योगिकी-संचालित परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। यह पहल रणनीतिक रूपरेखा का हिस्सा है जिसका उद्देश्य भारतीय डाक को लॉजिस्टिक्स उद्योग में, विशेष रूप से तेज़ी से बढ़ते ई-कॉमर्स पार्सल वितरण क्षेत्र में, एक मज़बूत प्रतियोगी के रूप में स्थापित करना है।

पेम्मासानी को वास्तविक समय पर ट्रैक और ट्रेस क्षमताओं, थोक ग्राहकों के लिए अनुकूलित सेवाओं, डिलीवरी का इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण, ओटीपी-आधारित प्रमाणीकरण, डिजिटल भुगतान और एपीआई एकीकरण को शुरू करने के लिए डिज़ाइन किए गए उन्नयन के बारे में जानकारी दी गई।

डॉ. पेम्मासानी ने कहा  कि इन सुधारों से भारतीय डाक को अग्रणी बाज़ार में निर्बाध, संपूर्ण लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होना चाहिए। उन्‍होंने तकनीक-सक्षम सेवाओं का लाभ उठाकर नए युग की मांगों को पूरा करने के लिए देश की सबसे पुरानी डिलीवरी सेवा को नए सिरे से तैयार करने का भी आह्वान किया।

अधिकारियों ने मंत्री महोदय को बताया कि वर्तमान में 86,000 से ज़्यादा डाकघर इस नए एप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं। 4 अगस्त, 2025 तक  लगभग 1,65,000 डाकघरों का पूरा नेटवर्क इस नए प्लेटफ़ॉर्म पर स्थानांतरित हो जाएगा।

विभाग ने उद्योग के अनुरूप  सभी श्रेणियों के डाक और पार्सल के लिए समर्पित वितरण केंद्र स्थापित करके केंद्रीकृत वितरण शुरू किया है, जो मौजूदा डाकघरों के सेवा क्षेत्रों को एकीकृत करते हैं। ये वितरण केंद्र विभाग को रविवार और छुट्टियों के दिनों में, साथ ही सुबह और शाम के वितरण विकल्पों सहित लचीली वितरण सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम बनाएंगे। पहले चरण के दौरान देश भर में कुल 344 वितरण केंद्र शुरू किए गए हैं।

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इस बदलाव का एक प्रमुख स्तंभ भारतीय डाक की प्रणालियों का प्रमुख राष्ट्रीय डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्‍टम प्रणालियों के साथ एकीकृत है। अधिकारियों के अनुसार, ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) वॉलेट-आधारित प्रीपेड बुकिंग, केंद्रीकृत ऑर्डर ट्रैकिंग और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स की लेखा प्रणालियों के साथ स्वचालित मिलान को सक्षम करेगा।

उन्होंने कहा कि सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के साथ अपने सहयोग के माध्यम से, इंडिया पोस्ट भुगतान ट्रैकिंग और कैश-ऑन-डिलीवरी (सीओडी) निपटान के लिए एपीआई-संचालित स्वचालित मूल्य निर्धारण और केंद्रीकृत डैशबोर्ड प्रदान करेगा।

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के नेतृत्व में वर्ष 2024 से  भारतीय डाक विभाग में कई सुधार लागू किए गए हैं। इस परिवर्तन को गति देने के लिए  भारतीय डाक विभाग ने आईटी 2.0 के साथ मिलकर एक समर्पित डेटा एनालिटिक्स टीम को शामिल किया है ताकि रूट ऑप्टिमाइज़ेशन, स्मार्ट सॉर्टिंग और मांग पूर्वानुमान के माध्यम से परिचालन दक्षता बढ़ाई जा सके। डेटा-संचालित राजस्व सृजन पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिससे भारतीय डाक विभाग देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की दृष्टि से जुड़ी एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स शक्ति के रूप में स्थापित हो सके।

भारतीय डाक अपनी व्यापक पहुंच, विश्वसनीय विरासत और नए डिजिटल विज़न के साथ देश के सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढाँचे की रीढ़ बनने के लिए अद्वितीय स्थिति में है। ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर के रणनीतिक नेतृत्व में सुधारों में तेज़ी के साथ, विभाग सभी से सम्‍पर्क को नए सिरे से परिभाषित करने, ग्रामीण वाणिज्य को सशक्त बनाने और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न के एक प्रमुख प्रवर्तक के रूप में कार्य करने के लिए तैयार है।

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