मार्च 9, 2026

ओल्ड ऐज हेल्पलाईन सोसायटी सोलन ने मनाया अपना 21वां स्थापना दिवस

द्विवार्षिक चुनाव सर्वसम्मति से सम्पन्न

ओल्ड ऐज हेल्पलाईन सोसायटी सोलन वर्ष 2003 में अपनी स्थापना के समय से ही समाज सेवा के कार्यों को नए आयाम दे रही है। सोसायटी के सभी सदस्य आपसी समन्वय के साथ समाज सेवा के कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। यह जानकारी सोसायटी के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह कंवर ने सोसायटी के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दी।
शैलेन्द्र सिंह कंवर ने कहा कि गत 21 वर्षों में सोसायटी ने अपने सभी सदस्यों की एकजुटता, समन्वय और सहायता के साथ समाज सेवा कार्यों को बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के समय में भी सोसायटी ने विभिन्न स्तरों पर जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के लिए निरंतर प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों के सहयोग से सोसायटी भविष्य में भी सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर भाग लेती रहेगी। उन्होंने इस अवसर पर गत वर्षों में सोसायटी द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सोलन तथा आस-पास के क्षेत्रों के लगभग 150 वरिष्ठ नागरिक सोसायटी के सदस्य हैं।
उन्होंने निरंतर सक्रिय योगदान के लिए सोसायटी के सभी सदस्यों को बधाई दी और आशा जताई कि भविष्य में सोसायटी अपने कार्यों को और विस्तार करेगी।

इस अवसर पर सोसायटी के 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सदस्यों को सम्मानित किया गया। सोसायटी ने अपने वरिष्ठतम सदस्यों यू.एन. खोसला, पी.एल. अवस्थी, एस.सी तिवारी, एस.के. नैयर, ए.के. धर, डॉ. वी.के. राय और एच.एल. शांडिल को सम्मानित किया। सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य 91 वर्षीय शिव सिंह चौहान द्वारा श्रेष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
21वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोसायटी के द्विवार्षिक चुनाव भी सम्पन्न करवाए गए। शैलेन्द्र सिंह कंवर को अध्यक्ष, कमलेश ओवराय को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रमेश कुमार तथा यादविन्द्र सिंह चौहान को उपाध्यक्ष, वी.एल. कोरोला को सचिव, बलवीर सिंह ठाकुर को संयुक्त सचिव और एस.आर. गर्ग को कोषाध्यक्ष चुना गया। चुनाव सर्वसम्मति से सम्पन्न हुए।
21वें स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता 92 वर्षीय वरिष्ठ सदस्य श्रीमती सूर्य सावित्री नाथ ने की।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading