अप्रैल 30, 2026

राज्यपाल ने ‘विजन 2047ः समृद्ध और महान भारत 2.0’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया

इलेक्ट्रिक वाहन प्रयोगशाला का दौरा किया और दिव्यांगजनों के लिए नवाचारी गतिशीलता समाधानों की समीक्षा की

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की में ‘विजन 2047ः समृद्ध और महान भारत 2.0’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस सम्मेलन का आयोजन स्वदेशी शोध संस्थान के सहयोग से किया गया।
राज्यपाल ने इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए भारत की उल्लेखनीय विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और वर्ष 2047 तक समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण के लिए समेकित नीतिगत ढांचे, नवाचार तथा संस्थानों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने परिसर भ्रमण के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) प्रयोगशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने विद्युत गतिशीलता और सतत परिवहन प्रौद्योगिकियों से संबंधित उन्नत उपकरणों तथा विभिन्न अनुसंधान कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पर्यावरण-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत गतिशीलता समाधान विकसित करने में शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर राज्यपाल को दिव्यांगजनों के लिए एक नवाचारी ‘सुगम गतिशीलता वाहन’ प्रस्तुत किया गया, जिसे याली मोबिलिटी ने आरती फाउंडेशन, भारी उद्योग मंत्रालय तथा अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी केंद्र के सहयोग से विकसित किया गया है। यह वाहन समावेशी डिज़ाइन और तकनीकी नवाचार का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए गतिशीलता समाधान को और बेहतर बनाना है। राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार सुगमता, स्थिरता और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने राज्यपाल का स्वागत किया और वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अकादमिक संस्थानों, सरकार और उद्योग के बीच सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विषय परिचय प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय विकास के लिए नवाचार, नीतिगत सुधार और सतत विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा स्वदेशी जागरण मंच के सतीश कुमार ने भी इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक उपेंद्र राय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत चतुर्वेदी और के.एन. रघुनंदन ने भी राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय विकास में उच्च शिक्षा की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
इस सम्मेलन में भारत और विदेश के 100 से अधिक संस्थानों ने भाग लिया और विजन 2047 से जुड़े विषयों समावेशी आर्थिक विकास, तकनीकी नवाचार, रोजगार सृजन और सतत विकास पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
आईआईटी रुड़की के उप-निदेशक प्रो. यू.पी. सिंह, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जयपुर के निदेशक प्रो. एन.पी. पाध्य, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद, नीति निर्माता और उद्योग जगत की हस्तियां भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप पर गहन विचार-विमर्श किया।

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