मार्च 7, 2026

भारत और जर्मनी ने कई समझौता ज्ञापनों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए

भारत और जर्मनी ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए हरित हाइड्रोजन से लेकर नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई समझौता ज्ञापनों और समझौतों पर आज हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ की उपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद नई दिल्ली में इन समझौतों का आदान-प्रदान किया गया।

भारत और जर्मनी ने वर्गीकृत सूचनाओं के आदान-प्रदान और पारस्परिक सुरक्षा पर सहमति व्‍यक्‍त की है। दोनों देशों ने नवाचार और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता संधि के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए। इसके अलावा दोनो देशों ने रोजगार और श्रम, उन्नत सामग्रियों पर अनुसंधान और विकास तथा हरित शहरी गतिशीलता साझेदारी के क्षेत्र में तीन संयुक्त घोषणाओं का भी आदान-प्रदान किया।

बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त प्रेस वक्‍तव्‍य में यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के मद्देनजर शांति बहाली के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि ये संघर्ष भारत और जर्मनी के लिए चिंता का विषय हैं और भारत का हमेशा से मानना रहा है कि युद्ध के जरिए समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता ।

भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय सहयोग के महत्व का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज नवाचार और प्रौद्योगिकी रोडमैप लॉन्च किया गया है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्‍टर और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा।

मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता और कानून का शासन सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार की जरूरत है।

जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्‍ज़ ने अपने बयान में जर्मनी और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी का उल्‍लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश नवप्रवर्तन, गतिशीलता और स्थिरता के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। शोल्‍ज ने कहा कि जर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार बन गया है और वह आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते का भी पुरजोर समर्थन किया।

इससे पहले दोनों नेता हैदराबाद हाउस में सीईओ फोरम में शामिल हुए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत-जर्मनी बी 2 बी संबंधों पर उनका मार्गदर्शन दोनो देशों के बीच साझेदारी को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत की विकास गाथा और जर्मनी की प्रौद्योगिकी तथा व्यवसाय एक दूसरे के पूरक हैं।

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