मार्च 7, 2026

भारतीय वायु सेना और भारतीय थल सेना ने 15,000 फीट की ऊंचाई पर बीएचआईएसएचएम क्रिटिकल ट्रॉमा केयर क्यूब का अपनी तरह का पहला सटीक पैरा-ड्रॉप परीक्षण किया

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और भारतीय थल सेना ने संयुक्त रूप से 15,000 फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यूब का अपनी तरह का पहला सटीक पैरा-ड्रॉप परीक्षण किया है। इन क्रिटिकल ट्रॉमा केयर क्यूब्स को प्रोजेक्ट बीएचआईएसएचएम (भारत स्वास्थ्य पहल सहयोग हित और मैत्री) के तहत स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। यह परीक्षण प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) प्रभावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण आपूर्ति प्रदान करने के विजन के अनुरूप किया गया था।

भारतीय वायुसेना ने क्यूब को एयरलिफ्ट करने और सटीक रूप से पैरा-ड्रॉप करने के लिए अपने उन्नत सामरिक परिवहन विमान सी-130जे सुपर हरक्यूलिस का उपयोग किया। भारतीय सेना की पैरा ब्रिगेड, जो अपने परिचालन कौशल और स्‍फूर्ति के लिए जानी जाती है। इसने अपने उन्नत सटीक ड्रॉप उपकरणों का उपयोग करके ट्रॉमा केयर क्यूब की सफल तैनाती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन ने सबसे दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में भी मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) कार्यों का प्रभावी ढंग से समर्थन करने के लिए ऐसी विशेष सैन्य संपत्तियों की क्षमता को रेखांकित किया।

बीएचआईएसएचएम (भारत स्वास्थ्य पहल सहयोग हित और मैत्री) ट्रॉमा केयर क्यूब के सफल पैरा-ड्रॉप परीक्षण और तैनाती ने सशस्त्र बलों की तालमेल और संयुक्तता का उदाहरण प्रस्तुत किया तथा प्रथम प्रतिक्रियास्‍वरूप समय पर और प्रभावी सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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