मार्च 14, 2026

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की ने सेवारत कर्मियों को संघर्ष के समय चिकित्सा सहायता तथा रोगियों की देखभाल में सुधार के लिए अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साझेदारी की

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की ने सेवारत कर्मियों को संघर्ष के समय चिकित्सा सहायता तथा रोगियों की देखभाल में सुधार के लिए अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साझेदारी की सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में अनुसंधान की दिशा में एक और मील का पत्थर स्थापित करते हुए 14 फरवरी 2024 को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौता ज्ञापन पर महानिदेशक (संगठन एवं कार्मिक) लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिंह ने महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की के निदेशक प्रोफेसर कमल किशोर पंत की ओर से हस्ताक्षर किए।

इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य सेवारत कर्मियों की संघर्ष के समय चिकित्सा सहायता और रोगियों की देखभाल में सुधार में बढ़ावा देने के लिए सहयोगात्मक जैव चिकित्सा अनुसंधान को विस्तार देना है। इस समझौता ज्ञापन के दायरे में अनुसंधान के अलावा, संकाय विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियां और स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में स्टार्ट अप को बढ़ावा देना भी शामिल है।

इस समझौता ज्ञापन के तहत, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं, नए चिकित्सा उपकरणों के विकास, रोबोटिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की की विशेषज्ञता का उपयोग करने में सहायता प्राप्त होगी।

इस अवसर पर, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की जैसे प्रमुख संस्थान के साथ सहयोग सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं को युद्ध एवं शांतिकाल की चिकित्सा देखभाल के भविष्य से परिचित होने का अवसर मिलेगा। प्रोफेसर कमल किशोर पंत ने इस तथ्य का उल्लेख भी किया कि चिकित्सा एवं रक्षा संबंधी अनुसंधान परियोजनाएं प्रौद्योगिकी संस्थान की प्रमुख प्राथमिकता हैं और आईआईटी रूड़की इस सहयोग से सार्थक परिणामों के लिए आशान्वित है।

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