मार्च 7, 2026

प्रधानमंत्री संग्रहालय की विशेषताएं

प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन 14 अप्रैल, 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। यह भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान को मान्यता प्रदान करता है और दिखाता है कि कैसे हमारे लोकतंत्र ने समाज के हर वर्ग और स्तर के नेताओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान करने का अवसर प्रदान किया है। यह दो इमारतों में फैला एक नया डिजिटल संग्रहालय है। पहली बिल्डिंग में पुरानी तीन मूर्ति इमारत, जवाहरलाल नेहरू की गैलरी, संविधान गैलरी, तोशखाना और जवाहरलाल नेहरू की निजी शाखा सम्मिलित है। दूसरी बिल्डिंग लाल बहादुर शास्त्री से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह तक के बाद के प्रधानमंत्रियों के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक सुधारों के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन को भी प्रदर्शित करता है। प्रत्येक गैलरी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा किए गए योगदान पर प्रकाश डालती है।

प्रधानमंत्री संग्रहालय ‘अनुभूति’ नामक एक आगंतुक सहभागिता क्षेत्र से सुसज्जित है, जहां आगंतुक ‘प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी’, ‘प्रधानमंत्री के साथ चलो’, ‘प्रधानमंत्री का पत्र’ और एक वर्चुअल हेलीकॉप्टर सवारी का विकल्प चुन सकते हैं, जो राष्ट्र की वास्तुशिल्प तथा तकनीकी उत्कृष्टताओं को प्रदर्शित करती हैं। आगंतुक उस प्रधानमंत्री को चुन सकते हैं जिसके साथ वे सहभागिता क्षेत्र में सम्मिलित होना चाहते हैं। आगंतुक विज़न 2047 फीडबैक वॉल पर अपना प्रेरणादायक संदेश दर्ज करा सकते हैं और साथ ही ‘यूनिटी चेन’ में समूह में एक बड़ी दीवार पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। संग्रहालय में लोगों के सुचारू आवागमन के लिए गोल्फ कार्ट और व्हील चेयर, गाइड/ऑडियो गाइड, कैफेटेरिया और एक स्मारिका दुकान भी है।

केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।

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