मार्च 11, 2026

केन्‍द्रीय मंत्री भूपेन्‍द्र यादव ‘वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था’ के लिए हरित और सतत विकास एजेंडा’ पर रिपोर्ट जारी करेंगे

रिपोर्ट में जी20 से इतर हरित और सतत आर्थिक विकास पर आधारित नीति सम्‍मेलन के परिणामों को समाहित किया गया है

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन और श्रम एवं श्रम रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए हरित और सतत विकास एजेंडा’ पर 19 दिसंबर, 2023 को नई दिल्ली में एक रिपोर्ट जारी करेंगे। जी20 इंडिया के शेरपा अमिताभ कांत, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, नीति आयोग के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम, आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव अजय सेठ और एशिया, अंतर्राष्ट्रीय विकास क्षेत्रीय निदेशक कपिल कपूर और भारत में ब्राजील के राजदूत महामहिम केनेथ फेलिक्स हज़िंस्की दा नोब्रेगा भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए हरित और सतत विकास की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा करने वाली एक व्यापक रिपोर्ट है। यह रिपोर्ट नीति आयोग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय विकास अनुसंधान केंद्र (आईडीआरसी), ओटावा और ग्लोबल डेवलपमेंट नेटवर्क (जीडीएन), नई दिल्ली के सहयोग से तैयार की गई है।

यह प्रकाशन इस विषय पर जानकारी प्रदान करने का एक सामूहिक योगदान है, जिससे आगामी जी20 की अध्‍यक्षता करने वाले ब्राज़ील और अन्‍य राष्ट्राध्‍यक्षों को महत्‍वपूर्ण जानकारी मिलेगी। 19 दिसंबर, 2023 को रिपोर्ट जारी होने के बाद इसके प्रमुख पहलुओं पर सामूहिक पैनल चर्चा होगी।

यह रिपोर्ट 28 और 29 जुलाई 2023 को हरित और सतत विकास पर केंद्रित, नीति आयोग, अंतर्राष्ट्रीय विकास अनुसंधान केंद्र (आईडीआरसी) और वैश्विक विकास नेटवर्क (जीडीएन) द्वारा आयोजित नीति सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं का सारांश है। यह जी20 की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम था, जिसमें जी20 सदस्यों के लिए एक नए विकास मॉडल पर विचार-विमर्श के लिए 40 प्रमुख विचारकों को एक मंच लाया गया था। इन प्रमुख विशेषज्ञों ने ऊर्जा, जलवायु और विकास पर अंतर्दृष्टि और विचार व्‍यक्‍त किए, जिनमें प्रौद्योगिकी, नीति और नौकरियां, बहुपक्षवाद के साथ-साथ समायोजन, लचीलेपन और अनिश्चित दुनिया में समावेशन से संबंधित विषयों के अतिरिक्‍त व्यापार प्रणाली के विकास निहितार्थ और सतत विकास के लिए वैश्विक वित्त को फिर से आकार देने के बारे में चर्चा शामिल है। यह रिपोर्ट संकटों और चुनौतियों से निपटने के लिए जी20 की सहयोगात्मक भावना का प्रतीक है। यह अंतरराष्ट्रीय विकास का एक यथार्थवादी दृष्टिकोण प्रदान करती है और शोधकर्ताओं और हितधारकों के लिए मानदंड प्रदान करती है। सम्मेलन के दौरान सामूहिक पैनल चर्चा में सिफ़ारिशों को सदस्य देशों के बीच विचार-विमर्श और आम सहमति बनाने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। दो दिवसीय विचार-विमर्श के दौरान विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए कुछ प्रमुख विचारों को जी20 नई दिल्ली नेताओं की घोषणा में भी शामिल किया गया था।

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