मार्च 13, 2026

अनुराग सिंह ठाकुर ने खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2023 के प्रतीक चिन्ह (लोगो) और शुभंकर उज्ज्वला को लॉन्च किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के कारण ही खेलो इंडिया इतना जाना-पहचाना नाम बन गया है: अनुराग सिंह ठाकुर

पहली बार आयोजित होने वाले खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2023 के प्रतीक चिन्ह (लोगो) और शुभंकर उज्ज्वला को नई दिल्ली में केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और कई प्रतिष्ठित एथलीटों व पैरा एथलीटों द्वारा लॉन्च किया गया।

‘उज्ज्वला’- एक गौरैया, का अनावरण खेलो इंडिया – पैरा गेम्स 2023 के आधिकारिक शुभंकर के रूप में किया गया। यह छोटी गौरैया दिल्ली के गौरव का प्रतीक है और इसकी विशिष्टता दृढ़ संकल्प एवं सहानुभूति को दर्शाती है। खेलो इंडिया-पैरा गेम्स 2023 के शुभंकर के रूप में उज्ज्वला इस तथ्य की याद दिलाती है कि शक्ति कई रूपों में आती है और मानवीय भावना अटूट है।

इस अवसर पर, पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल, भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान और ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त, भारतीय पेशेवर पहलवान सरिता मोर और भारतीय पेशेवर मुक्केबाज अखिल कुमार उपस्थित थे।

प्रमोद भगत, भाविना पटेल, अवनी लेखरा, सुमित अंतिल जैसे चर्चित पैरा एथलीटों की उपस्थिति ने इस अवसर को विशेष बना दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक समावेशी खेल इकोसिस्टम के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, अनुराग ठाकुर ने कहा, “पहली बार आयोजित होने वाले खेलो इंडिया पैरा गेम्स के उद्घाटन संस्करण के शुभारंभ के अवसर पर, मैं सभी को बधाई देता हूं। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के कारण ही खेलो इंडिया इतना जाना-पहचाना नाम बन गया है। यह एक आंदोलन बन गया है और पिछले कुछ वर्षों से खेलो इंडिया में पैरा गेम्स की कमी महसूस की जा रही थी। वर्ष 2018 से अब तक, कुल 11 खेलो इंडिया गेम्स हो चुके हैं और हमें इस वर्ष पैरा गेम्स को शामिल करते हुए बेहद खुशी हो रही है।”

केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान, खेलो इंडिया के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वीकृत बजट 3,000 करोड़ रुपये का था और आज, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अगले पांच वर्षों के लिए इस बजट को बढ़ाकर 3300 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है।

वर्ष 2018 से अब तक कुल 11 खेलो इंडिया गेम्स सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं। इनमें 5 खेलो इंडिया यूथ गेम्स, 3 खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और 3 खेलो इंडिया विंटर गेम्स शामिल हैं। ठाकुर ने कहा कि ये खेल देश भर में प्रतिभाओं की पहचान करने में अहम रहे हैं और इसने प्रतिष्ठित बहु-स्पर्धाओं वाले प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन को निखारने में सहायता की है। अब, पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स के माध्यम से पैरा खेलों में करियर बनाने के इच्छुक प्रतिभाशाली पैरा एथलीटों की पहचान की जा सकती है और देश के लिए वांछित परिणाम लाने में उन्हें सहायता दी जा सकती है।

इस अवसर पर बोलते हुए, भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान और ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा, “भारत सरकार को इस प्रकार की अद्भुत पहल करते हुए देखना बहुत अच्छा है। मैं इन सभी एथलीटों को खेलते हुए देखने के लिए उत्सुक हूं। मैं खेलो इंडिया पैरा गेम्स में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देता हूं।”

खेलो इंडिया पैरा गेम्स के अनावरण कार्यक्रम के बाद अपना उत्साह साझा करते हुए, पैरा-बैडमिंटन में 2020 ग्रीष्मकालीन पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पैरा एथलीट प्रमोद भगत ने कहा, “मेरा मानना ​​​​है कि वर्तमान में पैरा गेम्स का भविष्य बहुत ही उज्ज्वल है, खासकर युवाओं और पैरा एथलीटों के लिए। साथ ही, उन प्रशिक्षकों के लिए भी जो अपने प्रशिक्षण का उपयोग एथलेटिक्स के प्रतिभाओं को निखारने से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा देने और उन प्रतिभाओं को खेलो पैरा गेम्स से शुरू करके विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बढ़ती भागीदारी के लिए भारत के लिए तैयार करने में सक्षम होंगे। यह खेलो इंडिया द्वारा शुरू की गई सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक है।”

सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड सहित 32 राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के 1400 से अधिक प्रतिभागियों के पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में भाग लेने की उम्मीद है। इस पैरा गेम्स में पैरा एथलेटिक्स, पैरा निशानेबाजी, पैरा तीरंदाजी, पैरा फुटबॉल, पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस और पैरा भारोत्तोलन सहित सात स्पर्धाओं में सम्मान हासिल करने के लिए पैरा एथलीट प्रतिस्पर्धा करेंगे। ये स्पर्धाएं तीन साई स्टेडियमों – आईजी स्टेडियम, तुगलकाबाद स्थित शूटिंग रेंज और जेएलएन स्टेडियम में आयोजित किए जायेंगे।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading