मार्च 11, 2026

सुरक्षित सीमाएं, समग्र विकास और बदली हुई वैश्विक छविः “राइजिंग इंडिया कॉनक्लेव” में रक्षा मंत्री ने कहा- भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सर्वाधिक शक्तिशाली देशों में एक के रूप में उभर रहा है

“आत्मनिर्भरता आधारित राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”
“चालू वित्त वर्ष में रक्षा निर्यात 14,000 करोड़ रुपए के निकट पहुंचा; 2026 तक 40,000 करोड़ रुपए का लक्ष्य”
“भारत कभी किसी का नुकसान नहीं करेगा लेकिन धमकी मिलने पर छिपेगा नहीं; सशस्त्र बल सभी चुनौतियों से निपटने को तैयार”
महिलाएं लडाकू विमान उड़ाने से लेकर आर्टिलरी में शामिल होने तक सशस्त्र बलों को सुदृढ़ कर रही हैं;  उद्देश्य सभी को समान अवसर प्रदान करना हैः राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत सुरक्षित सीमाओं और आत्मनिर्भरता से लेकर एक मजबूत अर्थव्यवस्था तथा बदली वैश्विक छवि तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सर्वाधिक शक्तिशाली देशों में से एक के रूप में उभर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 30 मार्च, 2023 को एक निजी मीडिया द्वारा आयोजित ‘राइजिंग इंडिया कॉन्क्लेव’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सभी क्षेत्रों, विशेषकर रक्षा क्षेत्र में, परिवर्तनकारी बदलाव देखा जा रहा है, जिसने विश्व के नक्शे पर भारत को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया है।

रक्षा मंत्री ने सरकार के साहसिक दृष्टिकोण और अटूट संकल्प को श्रेय दिया जिसने सुरक्षित सीमाओं तथा आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग द्वारा समर्थित युद्ध के लिए तैयार सशस्त्र बलों को सुनिश्चित किया है। राष्ट्रीय सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता तथा आत्मनिर्भरता को इस सर्वोच्च प्राथमिकता की प्राप्ति का साधन बताते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने रक्षा मंत्रालय द्वारा उठाए गए कुछ कदमों की जानकारी दी, जिनमें सकारात्मक स्वदेशीकरण की अधिसूचना; वित्त वर्ष 2023-24 में घरेलू उपयोग के लिए रक्षा पूंजी खरीद बजट का रिकॉर्ड 75 प्रतिशत निर्धारित करना और स्थानीय कंपनियों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने के प्रयास शामिल हैं।

रक्षा मंत्री ने इन निर्णयों से प्राप्त सफलता पर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में घरेलू रक्षा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। “हम न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं बल्कि अन्य देशों को हथियारों तथा उपकरणों का निर्यात भी कर रहे हैं। 7-8 वर्ष पहले के 900 करोड़ रुपए से बढ़कर रक्षा निर्यात चालू वित्त वर्ष में लगभग 14 हजार करोड़ रुपए का हो गया है। हमारा लक्ष्य 2026 तक 40,000 करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों का निर्यात करना है।” रक्षा मंत्री ने देश में बनाए गए स्टार्ट अप आधारित नवाचार ईको-सिस्टम का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों से 100 से अधिक यूनिकोर्न का निर्माण हुआ है। यह ईको-सिस्टम की सफलता का प्रमाण है।

राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने भारत को पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए निर्देशित किया है और अपनी वैश्विक छवि को एजेंडा सेटर के रूप में बदल दिया है। उन्होंने कहा- 2013 में निवेश कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने ‘नाजुक पांच’ अर्थव्यवस्थाओं का मुहावरा गढ़ा था और उनमें भारत का नाम शामिल किया था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने मंदी तथा कोविड-19 महामारी की संभावना जैसी समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान किया और आज हम अन्य देशों के लिए एक प्रेरणा हैं। पिछले वर्ष 83.57 बिलियन डॉलर का एफडीवाई प्रवाह अब तक का सर्वाधिक है और यह अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। और यह इस बात का प्रमाण है कि विश्व को भारत में उपलब्ध संभावनाओं और अवसरों पर भरोसा है। अब हम ‘नाजुक पांच’ से ‘शानदार पांच’ में हैं। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार 2027 तक भारत विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा, जब हम 2047 में अपनी स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएंगे तो मुझे उम्मीद है कि हम विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्था होंगे।

रक्षा मंत्री ने भारत की कूटनीति को राइजिंग इंडिया का एक और पहलू बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जी20 और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अध्यक्षता इस बात का साक्ष्य है कि विश्व मंच पर भारत का कद निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अनेक अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में नरेन्द्र मोदी को सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बताया गया है। अनेक विश्व नेताओं की भी यही राय है। उन्होंने प्रधानमंत्री की सराहना की जिनके कारण भारत की छवि एजेंडा सेटर में बदल गई है और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर इसे ध्यान से सुना जाता है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने आतंकवाद जैसे विषयों पर विश्व का नेतृत्व किया है और इस समस्या को समाप्त करने के लिए समर्थन जुटाने में सफल रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जो देश आतंकवाद को एक औजार के रूप में इस्तेमाल करते हैं वे इस तथ्य से अच्छी तरह परिचित हैं कि भारत कभी भी अनावश्यक रूप से किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता है और न ही वह एकता, अखंडता और संप्रभुता को चोट पहुंचाने वाले किसी को छोड़ता है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की चर्चा करते हुए कहा कि इस कार्रवाई ने आतंकवादियों की कमर तोड़ दी और विश्व को यह मजबूत संदेश दिया की भारत अपनी धरती पर आतंवाद को खत्म करेगा और आवश्यकता हुई तो विदेशी जमीन पर भी ऐसा करेगा। उन्होंने कहा कि चाहे चीन के साथ गतिरोध हो, चाहे पाकिस्तान के नापाक इरादे हों, हमारी सेनाएं आवश्यकता पड़ने पर मुंहतोड़ जवाब देती रही हैं।

वर्ष 2014 से देश में जारी समग्र विकास की चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में देश में देखे जा रहे सामाजिक विकास के बारे में कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समाज के सभी वर्गों के लोगों को चाहे वे किसी भी धर्म, जाति और लिंग के हों, समान अवसर मिलें तथा सभी तरह का कार्यों में उनका उचित प्रतिनिधित्व हो। उन्होंने महिलाओं को उनके पुरुष समकक्षों के बराबर अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए शौचालयों के निर्माण तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से लेकर सशस्त्र बलों में उनकी भूमिका को लेकर महिला सशक्तिकरण प्रारंभ से ही सरकार की योजना के केंद्र में रहा है। आज महिलाएं लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं और उन्हें आर्टिलरी में शामिल किया जा रहा है। इसके माध्यम से हम न केवल अपनी महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं बल्कि सशस्त्र बलों को भी मजबूत बना रहे हैं। यह राइजिंग इंडिया का एक और पहलू है।

रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के कदम को सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का एक और उदारहण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने फैसले लेने के कारण शांति और प्रगति के नए युग का प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के विजन को आगे बढ़ा रही है, जिनके नेतृत्व में 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया था। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज हम अपने यहां बड़ी मिसाइलें, टैंक, हथियार और गोलाबारूद का उत्पादन कर रहे हैं। यह भी एक मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है।

राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार के संकल्प को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि सुंदरता और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर यह क्षेत्र देश के हृदय से अच्छी तरह से जुड़ा हो। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में अब अभूतपूर्व शांति है इस कारण अधिकांश सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (एएफएसपीए) हटा लिया गया है।

रक्षा मंत्री ने उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओं को निशुल्क गैस कनैक्शन प्रदान करने जैसे जीवन की सुगमता को बढ़ावा देने के लिए लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण हुआ है; पिछले साढ़े तीन वर्षों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 8 करोड़ घरों को पानी की आपूर्ति की गई है तथा स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा क्षेत्र में अनेक सुधार हुऐ हैं। उन्होंने योग, आयुर्वेद और मोटे अनाज को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का भी उल्लेख किया, जिससे उन्हें एक नए तरीके से लाभ मिला है। उन्होंने इसे राइजिंग इंडिया की एक और उपलब्धि बताई।

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन का समापन यह कहते हुए किया कि नए भारत में संभ्रांतवादी मानसिकता के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा- हम 140 करोड़ भारतीयों को समान अवसर प्रदान करने में विश्वास करते हैं। एक सशक्त और समृद्ध भारत का सपना तभी साकार होगा, जब सभी लोग मिलकर पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ देश को आगे ले जाएंगे।

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