मार्च 7, 2026

भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत संस्कृति कार्य दल चार वैश्विक विषयगत वेबिनार आयोजित करेगा

भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत संस्कृति कार्य दल (सीडब्ल्यूजी) मार्च और अप्रैल 2023 में चार वैश्विक विषयगत वेबिनार आयोजि‍त करेगा जिसका उद्देश्य समावेशी संवाद को बढ़ावा देना और संस्कृति कार्य दल (सीडब्ल्यूजी) द्वारा व्‍यक्‍त किए गए प्राथमिकता वाले इन चार क्षेत्रों पर विशेषज्ञ नजरिए से गहन चर्चा सुनिश्चित करना है: सांस्कृतिक संपत्ति का संरक्षण एवं बहाली; सतत भविष्य के लिए सजीव विरासत का उपयोग करना; सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना; और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करना। वेबिनार के दौरान संबंधित चर्चाओं के बारे में अवगत कराया जाएगा और इसके साथ ही प्राथमिकता वाले चार प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणामों को विशिष्‍ट स्‍वरूप देने में मदद मिलेगी।

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित इन वेबिनारों की मेजबानी यूनेस्को (पेरिस) द्वारा की जाएगी और इसे सुविधाजनक बनाया जाएगा। सीडब्ल्यूजी के ज्ञान साझेदार के रूप में यह सब किया जाएगा।

इन वैश्विक विषयगत वेबिनारों में से पहले वेबिनार के दौरान सीडब्ल्यूजी की पहली प्राथमिकता ‘सांस्कृतिक संपत्ति का संरक्षण और बहाली’ पर गहन चर्चा की जाएगी, और यह वेबिनार 28 मार्च, 2023 को दोपहर 12:30 बजे से लेकर रात 8:30 बजे (भारतीय समयानुसार) तक निर्धारित है। इस वेबिनार में सांस्कृतिक संपत्ति की अवैध तस्करी और बहाली के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे पर चर्चा की जाएगी जिसमें जी20 के सदस्य देशों और अतिथि राष्ट्रों सहित 29 देशों के विशेषज्ञों के साथ-साथ आठ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।

सांस्कृतिक कलाकृतियों के अनैतिक उपयोग से न केवल दुनिया भर के संग्रहालयों, कला संस्थानों और निजी संग्रहों में प्रदर्शित सांस्कृतिक वस्तुओं के अलग-थलग पड़ जाने और संदर्भहीनता को बढ़ावा मिला है, बल्कि लोगों और समुदायों की सामूहिक स्मृति एवं पहचान को भी तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है। हाल के वर्षों में अवैध रूप से हासिल सांस्कृतिक संपत्ति की वापसी और बहाली के मुद्दे ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। कई देशों, विशेष रूप से ‘वैश्विक दक्षिण’ के देशों ने प्राचीन वस्तुओं को मूल देशों में वापस करने का आह्वान किया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद चुराई गई सांस्कृतिक कलाकृतियों की अवैध तस्करी और उन्‍हें वापस लौटाना दुनिया भर में अब भी एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। ‘1970 यूनेस्को’ और ‘1995 यूनिड्रोइट’ जैसे प्रमुख सम्मेलन पूर्वव्यापी नहीं हैं और इनके सार्वभौमिक अनुमोदन का अभाव रहा है। अनियंत्रित ऑनलाइन बाजारों ने इस समस्या को बढ़ा दिया है, और अपर्याप्त डेटाबेस ने चोरी की गई वस्तुओं की पहचान करने और उन पर करीबी नजर रखने को मुश्किल बना दिया है। सीमित सार्वजनिक जागरूकता और उद्गम अनुसंधान की सीमित क्षमता से भी अवैध व्यापार से निपटने के प्रयासों में बाधा आ रही है।

वेबिनार का उद्देश्य सांस्कृतिक संपत्ति के संरक्षण और बहाली पर ज्ञान साझा करने को सुविधाजनक बनाना; सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों का लाभ उठाना; अवैध तस्करी से निपटने और बहाली को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा अंतराल, जरूरतों और प्राथमिकताओं की पहचान करना है। वेबिनार के दौरान ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों और सोशल मीडिया के नियमन को मजबूत करके सांस्कृतिक संपत्ति की अवैध तस्करी में महत्वपूर्ण कमी लाने के लिए जी20 की सदस्यता के प्रतिबिंब के बारे में भी अवगत कराया जाएगा।

वेबिनार में तीन संबोधन सेगमेंट होंगे और विशेषज्ञों को उनके संबंधित टाइम जोन के आधार पर इन सेगमेंट में समाहित किया जाएगा। वेबिनार का संचालन यूनेस्को, इंटरपोल और यूनिड्रोइट के संबंधित विषय पर विशेषज्ञता वाले प्रतिनिधियों द्वारा क्रमिक रूप से किया जाएगा। इसका सीधा प्रसारण यूनेस्को और संस्कृति मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर किया जाएगा। इसके बाद दूसरी, तीसरी और चौथी प्राथमिकता पर वैश्विक विषयगत वेबिनार क्रमशः 13, 19 और 20 अप्रैल के लिए निर्धारित हैं।

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