मार्च 10, 2026

वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 10 मार्च 2023 तक का प्रत्यक्ष कर संग्रह

वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.68 लाख करोड़ रुपये; वर्ष-दर-वर्ष 22.58 प्रतिशत अधिक रहा
शुद्ध संग्रह 13.73 लाख करोड़ रुपये रहा; वर्ष-दर-वर्ष 16.78 प्रतिशत अधिक रहा
2.95 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया; वर्ष-दर-वर्ष 59.44 प्रतिशत अधिक रहा

प्रत्यक्ष कर संग्रह के अनंतिम आंकड़ों में 10 मार्च, 2023 तक निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। 10 मार्च, 2023 तक का प्रत्यक्ष कर संग्रह प्रदर्शित करता है कि सकल संग्रह 16.68 लाख करोड़ रुपये है जो पिछले वर्ष की समान अवधि के सकल संग्रह से 22.58 प्रतिशत अधिक है। शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.73 लाख करोड़ रुपये रहा है जो पिछले वर्ष की समान अवधि के शुद्ध संग्रह की तुलना में 16.78 प्रतिशत अधिक है। यह संग्रह कुल बजट अनुमानों का 96.67 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2022-23 के लिए प्रत्यक्ष करों के कुल संशोधित अनुमानों का 83.19 प्रतिशत है।

जहां तक सकल राजस्व संग्रह के संदर्भ में कम्पनी आयकर (सीआईटी) और व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) की वृद्धि दर का सवाल है, सीआईटी के लिए विकास दर 18.08 प्रतिशत रही जबकि पीआईटी (एसटीटी सहित) के लिए वृद्धि दर 27.57 प्रतिशत रही है। रिफंड के समायोजन के बाद, सीआईटी संग्रह में शुद्ध वृद्धि 13.62 प्रतिशत और पीआईटी संग्रह में 20.73 प्रतिशत (केवल पीआईटी)/20.06 प्रतिशत (एसटीटी सहित पीआईटी) है।

1 अप्रैल, 2022 से 10 मार्च, 2023 के दौरान 2.95 लाख करोड़ रुपये की राशि के बराबर का रिफंड जारी किया गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान जारी किए गए रिफंड से 59.44 प्रतिशत अधिक है।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading