NAAC रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने रिटेन किया ए ग्रेड
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने NAAC ग्रेडिंग में अपना ए ग्रेड कायम रखने में सफलता प्राप्त की है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को ए ग्रेड मिलना पूरे प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान की बात है। हालांकि इस बार ग्रेडिंग की प्रक्रिया पहले की प्रक्रिया से बिल्कुल भिन्न थी। यहां यह भी बता देना उचित रहेगा कि पहले सारी ग्रेडिंग NAAC टीम के मूल्यांकन पर निर्भर करती थी जबकि इस बार की ग्रेडिंग NAAC टीम के हाथ में सिर्फ 30 प्रतिशत ही था। जबकि 70 प्रतिशत एस एस आर पर आधारित मूल्यांकन था। एस एस आर की रिपोर्ट पहले ही जमा करवा दी गई थी। इस हिसाब से जब दोनो को मिलाकर ग्रेड देने की बात हो तो निश्चित रूप में एक बहुत बड़ी परीक्षा थी जिसमें विश्विद्यालय पूरी तरह से खरा उतरा है। यह सब की पिछले तीन महीनों की कड़ी मेहनत से संभव हो पाया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एस पी बंसल ने कहा की NAAC एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने सारी टीम को एवम विश्वविद्यालय के अध्यापकों, अधिकारियों एवम कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अभी से अब लगातार अपने प्रयास जारी रखेगा और इस से ऊपर वाले ग्रेड को पाने के लिए अपने प्रयास शुरू करेगा जिसे लगातार जारी रखा जाएगा। NAAC रिपोर्ट में विश्व विद्यालय के पाठयक्रम निर्माण की प्रक्रिया की प्रशंशा करते हुए कहा है कि पाठयक्रम का निर्माण बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से किया जाता है। इसमें शामिल सभी हितधारकों की राय को ध्यान में रखा जाता है। विश्वविद्यालय के पाठयक्रम में प्रोफेशनल एथिक्स, मानवीय मूल्यों, एनवायरनमेंट और सामाजिक मूल्यों को जोड़ते हुए विश्वविद्यालय बहुत ही सराहनीय कार्य कर रहा है।कई विभाग जैसे लीगल स्टडीज, व्यवसायिक अध्ययन एवम पेंटिंग आदि में कई नवाचार किए गए हैं। सीबीसीएस को लागू कर विश्विद्यालय में पाठयक्रम को अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
NAAC ने छात्रों की विवधता, slow learner के लिए विशेष क्लासेज एवम एडवांस्ड लर्नर्स को शोध के लिए प्रेरित करने की प्रक्रिया को भी बहुत सराहा। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया की विश्विद्यालय में नेट और सेट के लिए परीक्षण की उत्तम व्यवस्था है एवम सारा कैंपस वाई फाई है।
छात्रों काउंके कैरियर के विकास हेतु पर्याप्त मार्गदर्शन दिया जाता है। शोध छात्रों को सरकार द्वारा दी जा रही 3000/ रुपए की शोध प्रोत्साहन राशि को भी लागू कर दिया गया है। NAAC टीम ने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक वयवष्ठा की भी सराहना की है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि विश्विद्यालय में विजुअल आर्ट विभाग, स्वास्थ्य केंद्र, एवम मॉडल स्कूल के माध्यम से बहुत ही सराहनीय कार्य किया जा रहा है जिसका न केवल विश्विद्यालय को बल्कि समाज और प्रदेश एवम देश को भी लाभ हो रहा है। उन्होंने डिफरेंटली एबल्ड छात्रों के लिए किए गए प्रयासों एवम एनवायरनमेंट की दृष्टि से किए गए विश्विद्यालय के प्रयासों को भी अपनी रिपोर्ट में स्थान दिया है।