सितम्बर 20, 2026

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ शुरू किया

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बलिदान की पवित्र भूमि और भारत के स्वतंत्रता संग्राम का शाश्वत प्रतीक है
‘‘भारत एक है और हमेशा एक रहेगा’’: उपराष्ट्रपति
ग्रेट निकोबार विकास परियोजना भारत की समुद्री क्षमताओं को सुदृढ़ करेगी और विकास के नए अवसर खोलेगी : उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति ने प्रत्येक नागरिक से तिरंगा गर्व से फहराने और साहस, एकता और देशभक्ति के मूल्यों को स्थिर रखने का आह्वान किया

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर, जो 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है, श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का उद्घाटन किया।

डीबीआरएटी सभागार में वंदे मातरम के अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह और तिरंगा संगीत कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस अभियान को शुरू करने के लिए इन ऐतिहासिक द्वीपों से अधिक उपयुक्त स्थान अन्‍य कोई और नहीं हो सकता, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम और तिरंगे के इतिहास से गहराई से जुड़े हुए हैं।

महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के अमर शब्दों को याद करते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारती द्वारा मनाया जाने वाला ‘मणि कोडी’ उत्सव भारतीय भावना के शाश्वत साहस और भारत माता के ध्वज की महिमा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान इस भावना को आगे बढ़ाते हुए सभी नागरिकों को एक राष्ट्रीय ध्वज, एक मातृभूमि और एक साझा भविष्य के अंतर्गत एकजुट करता है।

भीषण काला पानी का सामना करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का सिर्फ एक भौगोलिक हिस्सा नहीं है; यह बलिदानों की एक पवित्र भूमि है। उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर और सेलुलर जेल में कष्ट सहने वाले अनगिनत अन्य देशभक्तों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस, देशभक्ति और बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
उपराष्ट्रपति ने याद दिलाया कि 8 अगस्त, 1942 को महात्मा गांधी के ‘‘करो या मरो’’ के आह्वान ने लाखों भारतीयों को जागृत किया और स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक गति प्रदान की। उन्होंने तिरंगे के इतिहास में द्वीपों के अनूठे स्थान पर भी प्रकाश डाला और याद दिलाया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर, 1943 को यहीं पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक ऐतिहासिक क्षण था।

हर घर तिरंगे के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन में परिवर्तित हो गया। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से तिरंगा को गर्व से फहराने और देशभक्ति, एकता और सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने दृढ़ता से कहा, ‘‘भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।’’

उपराष्ट्रपति ने द्वीपों को ‘विविधता में एकता’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण बताया और उनकी समृद्ध आदिवासी विरासत और कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में हाल ही में हुई प्रगति को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना भारत की समुद्री क्षमताओं, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को और मजबूत करेगी, साथ ही विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखेगी।

भारत की शांति और उदारता की परंपरा के साथ-साथ राष्ट्रीय शक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा, “भारत हमेशा से उदार रहा है, लेकिन हमारी उदारता को कभी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। हमें अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।” उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे तिरंगे से प्रेरणा लेकर साहस, एकता और आशा का संचार करें और एक मजबूत एवं विकसित भारत के निर्माण में स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को आगे बढ़ाएं।

उपराष्ट्रपति ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया और ‘हर घर तिरंगा’ प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें अभियान की भावना और राष्ट्रीय एकता एवं देशभक्ति के संदेश को प्रदर्शित किया गया था।

इस कार्यक्रम में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव श्रीमती चंचल यादव, श्री विजयपुरम नगर परिषद की अध्यक्ष श्रीमती एम. वसंता और जिला परिषद के अध्यक्ष श्री पी. उमर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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