सितम्बर 23, 2026

प्रधानमंत्री ने पृथ्वी को समस्त जीवन की पालन-पोषण करने वाली माता के रूप में मान्यता देने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि मानवता को पृथ्वी के साथ सद्भाव में रहना चाहिए, क्योंकि पृथ्वी समस्त जीवन का पालन-पोषण करने वाली माता है और जिस नैतिक व्यवस्था का वह पालन करती है उसका सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

विश्वस्वं मातरमोषधीनां ध्रुवां भूमिं पृथिवीं धर्मणा धृताम्।

शिवां स्योनामनु चरेम विश्वहा॥

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर अपने पोस्ट में लिखा:

विश्वस्वं मातरमोषधीनां ध्रुवां भूमिं पृथिवीं धर्मणा धृताम्।

शिवां स्योनामनु चरेम विश्वहा॥

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