अगस्त 1, 2026

माय भारत ने लगभग एक लाख युवाओं को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना तक पहुंच प्रदान करने में सहायता की

युवा मामलों का विभाग, मेरा युवा भारत (माय भारत) के माध्यम से, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के सहयोग से, माय भारत के डिजिटल मंच तथा देशव्यापी स्वयंसेवी नेटवर्क के जरिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को इससे जोड़ने का कार्य कर रहा है। यह पहल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने तथा उद्योगों की भागीदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस सहयोग के तहत माई भारत पोर्टल पर प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए एक समर्पित स्वयंसेवी अवसर उपलब्ध कराया गया है, जिससे देशभर के पात्र युवा योजना की जानकारी प्राप्त कर सकें तथा पंजीकरण और आवेदन के लिए पीएमआईएस पोर्टल तक सहजता से पहुँच बना सकें।

इस पहल में देशभर के युवाओं की उत्साहजनक भागीदारी देखी गई है। 16.07.2026 तक, माय भारत पोर्टल पर प्रकाशित पीएमआईएस स्वयंसेवी अवसर के माध्यम से कुल 98,632 युवाओं को आवेदन पंजीकरण के लिए पीएमआईएस पोर्टल पर भेजा गया है। भेजे गए युवाओं का राज्य और केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

युवाओं और उद्योग जगत के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देने और पहुंच को और मजबूत करने के लिए, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) ने माय भारत के सहयोग से तीन आउटरीच और इंटर्नशिप शिविरों का आयोजन किया है। इन शिविरों के माध्यम से युवाओं को भागीदार कंपनियों और संगठनों द्वारा प्रदान किए जाने वाले इंटर्नशिप अवसरों से जोड़ा गया। इन शिविरों ने उम्मीदवारों और कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने में मदद की, जिससे युवाओं को उपलब्ध पदों के बारे में जानने, उद्योग की अपेक्षाओं को समझने और आवेदन संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने में सहायता मिली। उपरोक्त शिविरों में भागीदारी का विवरण इस प्रकार है:-

एस.एन.जगहभाग लेने वाले युवाओं की संख्या
1चेन्नई (तमिलनाडु)600+
2पुणे (महाराष्ट्र)90
3दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़)800+

माय भारत और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के बीच सहयोग से एक कुशल और रोजगार योग्य भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को उद्योग में इंटर्नशिप के अवसर प्राप्त करने के लिए एक सुव्यवस्थित मार्ग प्रदान किया जा रहा है, जिसे जागरूकता और लामबंदी प्रयासों का समर्थन प्राप्त है। इससे जागरूकता बढ़ती है, इंटर्नशिप के अवसरों तक पहुंच का विस्तार होता है और युवाओं, उद्योग और सरकारी पहलों के बीच संबंध मजबूत होते हैं। ये प्रयास युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने में योगदान देते हैं और भारत के युवाओं को कुशल, भविष्य के लिए तैयार और राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय योगदानकर्ता बनाकर विकसित भारत@2047 की व्यापक परिकल्पना को भी सहयोग करते हैं।

अनुलग्नक

16.07.2026 तक माय भारत प्लेटफॉर्म से पीएमआईएस पोर्टल पर पुनर्निर्देशित युवाओं का राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशवार विवरण।

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशपीएमआईएस वीओ के माध्यम से युवाओं की संख्या
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह58
आंध्र प्रदेश8,475
अरुणाचल प्रदेश137
असम3,075
बिहार4,418
चंडीगढ़349
छत्तीसगढ2,664
दिल्ली4,911
गोवा258
गुजरात3,351
हरियाणा3,813
हिमाचल प्रदेश915
जम्मू और कश्मीर2,139
झारखंड1,527
कर्नाटक3,306
केरल2,680
लद्दाख66
लक्षद्वीप5
मध्य प्रदेश5,034
महाराष्ट्र10,213
मणिपुर113
मेघालय240
मिजोरम55
नगालैंड179
ओडिशा1,975
पुदुचेरी224
पंजाब1,792
राजस्थान4,988
सिक्किम125
तमिलनाडु7,125
तेलंगाना4,729
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव131
त्रिपुरा623
उत्तर प्रदेश10,838
उत्तराखंड1,584
पश्चिम बंगाल5,093
युवाओं द्वारा राज्य का उल्लेख नहीं किया गया1,424
कुल98,632


यह जानकारी गुरुवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी गई।

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