अगस्त 1, 2026

एनएचएआई ने इनविट-आधारित राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों के परिचालन एवं अनुरक्षण के पेशेवर प्रबंधन को मजबूत किया

एनएचआईटी परिसंपत्तियों में प्रौद्योगिकी-संचालित और पेशेवर परिचालन एवं अनुरक्षण व्यवस्था को संस्थागत रूप देने के लिए सामान्य प्रबंधन सलाहकार नियुक्त किए गए

राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों के पेशेवर और प्रौद्योगिकी-संचालित परिचालन और अनुरक्षण को संस्थागत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एनएचएआई द्वारा प्रायोजित एक इनविट (आईएनवीआईटी)-राष्ट्रीय राजमार्ग इंफ्रा ट्रस्ट (एनएचआईटी)- ने अपने पोर्टफोलियो के तहत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रभावी परिचालन एवं अनुरक्षण के लिए सामान्य प्रबंधन सलाहकारों (जीएमसी) को नियुक्त किया है। एनएचआईटी का पंजीकरण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में अक्टूबर 2020 में इंफ्रास्ट्रक्टर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (आईएनवीआईटी) के रूप में हुआ था। वर्तमान में यह कुल 2,653 किलोमीटर की लंबाई की राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों का प्रबंधन करता है। पहले चरण में, 908 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों के परिचालन एवं अनुरक्षण का दायित्व जीएमसी द्वारा किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य परिसंपत्तियों के प्रदर्शन में सुधार, परिचालन दक्षता बढाना तथा परिचालनाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों के प्रबंधन में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना है।

एनएचआईटी को नेशनल हाइवेज इनविट प्रोजेक्ट मैनेजर्स प्रइवेट लिमिटेड ( एनएचआईपीएमपीएल) का सहयोग प्राप्त है,  जो एनएचएआई की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और परियोजना प्रबंधक के रूप में कार्य करती है। परियोजना प्रबंधक के रूप में एनएचआईपीएमपीएल राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों के कुशल परिचालन एवं अनुरक्षण को  प्रत्यक्ष रूप से अथवा सलाहकारों के माध्यम से सुनिश्चित करने के साथ- साथ सेबी के इनविट विनियमों के अनुरूप रिपोर्टिंग प्रकटीकरण तथा प्रमाणन की मजबूत व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी है।

परिसंचालन एवं अनुरक्षण ढांचे को और अधिक मजबूत करने उद्देश्य से एनएचआईटी ने एनएचआईपीएमपीएल को संपूर्ण पेशेवर परिसंपत्ति प्रबंधन समाधान उपलब्ध कराने में सहयोग हेतु सामान्य प्रबंधन सलाहकारों की नियुक्ति की है। ये सलाहकार दृश्य निरीक्षण तथा आधुनिक उपकरणों पर आधारित मूल्यांकन तकनीकों का उपयोग करते हुए प्रतिदिन, साप्ताहिक और मासिक आकलन के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों का व्यवस्थित निरीक्षण करेंगे। इन आकलनों के आधार पर वे अनुरक्षण आवश्यकताओं, सड़क सुरक्षा संबंधी हस्तक्षेपों, दोष निवारण कार्यों, क्षमता वृद्धि उपायों तथा सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए अन्य सुधारात्मक पहलों की पहचान करेंगे।

इसके अतिरिक्त, जीएमसी विशेषीकृत ठेकेदारों और एजेंसियों की खरीद प्रक्रिया का प्रबंधन करेंगे, कार्यों के निष्पादन की निगरानी करेंगे, पूर्ण किए गए कार्यों को प्रमाणन करेंगे, टोल प्लाजा संचालन एवं यातायात प्रबंधन में सुधार के उपाय सुझाएंगे तथा इनविट से संबंधित सेबी के विनियामक ढांचे के अनुरूप समयबद्ध रिपोर्टिंग और अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के जीवनचक्र प्रबंधन में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के प्रति एनएचएआई की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्ति प्रबंधन में विशेष विशेषज्ञता रखने वाले पेशेवर परिचालन एवं अनुरक्षण सलाहकारों का एक समर्पित इकोसिस्टम विकसित होगा, साथ ही अवसंरचना क्षेत्र में व्यवसाय, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

इस पहल को आगे बढ़ाते हुए एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में परिसंपत्ति प्रबंधन क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने के लिए विशेषीकृत परिचालन और अनुरक्षण ठेकेदारों का एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने की भी योजना बना रहा है।

गवर्नेंस मानकों को मजबूत बनाने, परिचालन दक्षता में वृद्धि करने तथा सेबी की विनियामक आवश्यकताओं के बेहतर अनुपालन को सुनिश्चित करने के माध्यम से ये मॉडल निवेशकों का विश्वास और अधिक मजबूत करेगा तथा देश की राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों में घरेलू और वैश्विक निवेशकों से अधिक निवेश आकर्षित करने में सहायक होगा।

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