सितम्बर 20, 2026

बैंकॉक में आयोजित 10वें रक्षा वार्ता के दौरान भारत और थाईलैंड ने विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता विकास में सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि की प्रतिबद्धता की पुष्टि की

थाईलैंड और भारत के बीच 10वां रक्षा सम्मेलन 16 जून, 2026 को बैंकॉक में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता थाईलैंड के रक्षा उप स्थायी सचिव एडमिरल नट्टापोल डिएववानिच और भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सत्यजीत मोहंती ने की।

दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकसित हो रहे सुरक्षा परिवेश पर चर्चा के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को मजबूत करने के महत्व को दोहराया। प्रतिनिधिमंडलों ने पिछली वार्ता के बाद से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। चर्चा में वर्तमान में जारी सैन्य समन्वय, क्षमता निर्माण पहल, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, समुद्री सहयोग और पारस्परिक हित के अन्य क्षेत्रों को शामिल किया गया।

इस संवाद में दोनों देशों के बीच जारी रक्षा उद्योग सहयोग की भी समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने अपने-अपने रक्षा तंत्रों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता विकास में सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडलों ने दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के नेतृत्व वाले तंत्रों सहित क्षेत्रीय और बहुपक्षीय रक्षा ढांचों के अंतर्गत सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने और संवाद एवं सहयोग के माध्यम से साझा सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

बैठक का समापन भविष्य की गतिविधियों और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के साथ हुआ। भारत और थाईलैंड ने वर्ष 2025 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया है।

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