अगस्त 2, 2026

थोक मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष 2011-12 में संशोधन, अब आधार वर्ष 2022-23 होगा

संशोधित थोक मूल्य सूचकांक और नए उत्पादक मूल्य सूचकांक 15 जून को जारी किए जाएंगे
संशोधित उत्पादक मूल्य सूचकांक श्रृंखला में विस्तारित कवरेज, नवीकरणीय ऊर्जा का समावेश और बेहतर कार्यप्रणाली के साथ मूल्य मापन को सुदृढ़ किया जाएगा

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 करने और उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) के संकलन को सक्षम प्राधिकारी ने 25.05.2026 को आयोजित अपनी बैठक में अनुमोदित कर दिया है। इससे पहले, अनुशंसित संकलन पद्धति को मूल्य और जीवन यापन लागत सांख्यिकी पर तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) (एसपीसीएल) द्वारा अनुमोदित किया गया था। बाद में, इस पद्धति को राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी) के समक्ष भी प्रस्तुत किया गया था।

आर्थिक सलाहकार कार्यालय, डीपीआईआईटी तदनुसार 15.06.2026 को दोपहर 12:00 बजे आधार वर्ष 2022-23 के साथ संशोधित उत्पादक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) श्रृंखला जारी करेगा। यह आधार वर्ष 2011-12 के साथ मौजूदा डब्ल्यूपीआई श्रृंखला का स्थान लेगी। इसके अतिरिक्त, कार्यालय सात सेवाओं, जैसे बैंकिंग, प्रतिभूति लेनदेन, बीमा, पेंशन निधि प्रबंधन, रेलवे, हवाई (यात्री) और दूरसंचार के लिए उत्पादन उत्पादक मूल्य सूचकांक (ओपीपीआई), परीक्षण इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (आईपीपीआई) और सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (सर्विस पीपीआई) की नई श्रृंखला भी आधार वर्ष 2022-23 के साथ जारी करेगा।

मूल्य वृद्धि सम्‍बंधी प्रावधानों में उत्पादन सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के व्यापक उपयोग को देखते हुए, संशोधित श्रृंखला के जारी होने की तिथि से पांच वर्षों तक पीपीआई के साथ यह सूचकांक जारी किया जाएगा और उसके बाद इसे बंद कर दिया जाएगा। इससे उपयोगकर्ताओं को डब्ल्यूपीआई से पीपीआई पर स्विच करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। डब्ल्यूपीआई से पीपीआई में यह परिवर्तन उन्नत अर्थव्यवस्थाओं द्वारा अपनाई गई वैश्विक सर्वोत्तम तौर-तरीकों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की सिफारिशों के अनुरूप है। आउटपुट पीपीआई और इनपुट पीपीआई दोनों की उपलब्धता से किसी उद्योग में उपयोग होने वाली इनपुट वस्तुओं की तुलना में आउटपुट वस्तुओं के मूल्य आंदोलनों की बेहतर समझ मिलती है इससे यह भी स्पष्ट होता है कि उत्पादकों द्वारा इनपुट वस्तुओं पर अनुभव की गई मुद्रास्फीति उत्पादित आउटपुट में कैसे स्थानांतरित होती है। सात सेवाओं के लिए सेवा पीपीआई को पहले चरण में प्रशासनिक स्रोतों/एजेंसियों से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर संकलित किया गया है। बाद के चरण में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सेवा पीपीआई के दायरे में और अधिक सेवाएं जोड़ने की योजना है।

उत्पादन सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) और आउटपुट पीपीआई मासिक आधार पर संकलित किए जा रहे हैं और मई 2026 (अस्थायी) के लिए अप्रैल 2023 से अप्रैल 2026 (37 महीने) तक की पिछली श्रृंखला के साथ 15.06.2026 को उपलब्ध होंगे। मासिक परीक्षण इनपुट पीपीआई (केवल विनिर्माण क्षेत्र के लिए) मार्च 2026 से प्रायोगिक आधार पर प्रकाशित किया जाएगा। इससे विभाग को डेटा की गुणवत्ता की जांच करने और हितधारकों और उपयोगकर्ताओं से प्रतिक्रिया प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। सेवा पीपीआई, 2025-26 की चौथी तिमाही (अस्थायी) के लिए 2023-24 की पहली तिमाही से 2025-26 की तीसरी तिमाही तक की पिछली श्रृंखला के साथ जारी किया जाएगा। यह त्रैमासिक आधार पर संकलित किया जाता है।

डब्ल्यूपीआई (2022-23) की नई श्रृंखला की मुख्य विशेषताएं:

(1) वस्तुओं की संख्या में वृद्धि: वस्तुओं की कुल संख्या 697 से बढ़कर 957 हो गई है;

(2) विद्युत के अंतर्गत नई और नवीकरणीय ऊर्जा का समावेश: सौर और पवन जैसे ऊर्जा के नए स्रोतों को ‘विद्युत’ समूह के अंतर्गत जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, परमाणु बिजली को भी इसमें शामिल किया गया है;

(3) ऊर्जा कीमतों पर नज़र रखने के लिए सुसंगत और एकीकृत संरचना: कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को ‘प्राथमिक वस्तुओं’ से ‘ईंधन और बिजली’ में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस समूह में पहले से ही कोयला, बिजली और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे अन्य प्रमुख ईंधन शामिल हैं। यह पुनर्गठन बेहतर तालमेल स्थापित करने में सहायक होगा;

(4) भार निर्धारण हेतु बेहतर कार्यप्रणाली: डब्ल्यूपीआई (2022-23) के लिए भार तैयार करने हेतु सकल उत्पादन मूल्य (जीवीओ) का उपयोग किया गया है। वहीं दूसरी ओर डब्ल्यूपीआई 2011-12 श्रृंखला में शुद्ध व्यापार मूल्य यानी जीवीओ + आयात – निर्यात का उपयोग किया गया था, क्योंकि जीवीओ पर आधारित भार उत्पादक के दृष्टिकोण से वस्तुओं के आर्थिक महत्व को बेहतर ढंग से दर्शाते हैं और वे घरेलू उत्पादन का प्रतिनिधित्व करते हैं;

(5) बेहतर गणना पद्धति: प्राथमिक सूचकांकों को दीर्घकालिक सूत्रीकरण विधि के स्थान पर श्रृंखला-आधारित विधि का उपयोग करके अल्पकालिक सूत्रीकरण द्वारा संकलित किया जा रहा है (जैसा कि वर्तमान श्रृंखला में प्रचलित है);

(6) मूल्य डेटा में कमी को पूरा करने की बेहतर विधि: डब्ल्यूपीआई की मौजूदा श्रृंखला में उपयोग की जा रही ‘कैरी-फॉरवर्ड’ विधि के स्थान पर ‘लक्षित माध्य इम्पुटेशन’ विधि का उपयोग किया गया है;

(7) सम्बंधित तथ्य: सम्बंधित तथ्य की गणना वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए डब्ल्यूपीआई की पुरानी और नई श्रृंखला के बारह महीने के सूचकांकों के ज्यामितीय माध्य के अनुपात के रूप में की गई है। यह सभी वस्तुओं और प्रमुख समूहों के लिए उपलब्ध होगा।

आउटपुट पीपीआई और इनपुट पीपीआई के भार क्रमशः वर्ष 2022-23 के राष्ट्रीय लेखा के आपूर्ति और उपयोग तालिका की आपूर्ति तालिका और उपयोग तालिका का उपयोग करके प्राप्त किए गए हैं।

डब्ल्यूपीआई, आउटपुट पीपीआई और सर्विस पीपीआई को मूल मूल्य (इसमें शुद्ध कर और व्यापार एवं परिवहन मार्जिन शामिल नहीं है) के आधार पर संकलित किया जा रहा है। उद्योग, बाजार से इनपुट खरीदते हैं, इसलिए इनपुट पीपीआई को क्रेता मूल्य का उपयोग करके संकलित किया जा रहा है।

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