मई 7, 2026

रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 मई, 2026 को नई दिल्ली में वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल और बढ़ते रणनीतिक विश्वास से परिपूर्ण रही, जो भारत और वियतनाम के बीच गहरी तथा व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।

दोनों नेताओं ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण संबंधी पहलों सहित द्विपक्षीय गतिविधियों में हो रही निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक हितों को लेकर बढ़ते तालमेल को स्वीकार किया।

चर्चा का मुख्य उद्देश्य समुद्री सहयोग को बढ़ाकर, रक्षा उद्योग के सहयोग का विस्तार करके और संयुक्त अनुसंधान, सह-विकास और सह-उत्पादन संबंधी पहलों को बढ़ावा देकर रक्षा संबंधों को और मजबूत करना था। दोनों पक्षों ने बंदरगाहों पर उपस्थिति, संयुक्त अभ्यास और संस्थागत संवाद प्रणाली सहित रक्षा बलों के बीच नियमित संपर्क के महत्व पर भी बल दिया।

रक्षा मंत्री ने क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए भारत के पारस्परिक और समग्र विकास के विजन (महासागर) के अनुरूप वियतनाम के साथ सहयोग करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों नेताओं ने पारस्परिक चिंता के क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया और शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

एक्स पर एक पोस्ट में श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वार्ता का मुख्य उद्देश्य भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करना था। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के घटनाक्रम हमारे संबंधों में सकारात्मक गति को दर्शाते हैं।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 6 मई, 2026 को नई दिल्ली में वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल और बढ़ते रणनीतिक विश्वास से परिपूर्ण रही, जो भारत और वियतनाम के बीच गहरी तथा व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।

दोनों नेताओं ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण संबंधी पहलों सहित द्विपक्षीय गतिविधियों में हो रही निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक हितों को लेकर बढ़ते तालमेल को स्वीकार किया।

चर्चा का मुख्य उद्देश्य समुद्री सहयोग को बढ़ाकर, रक्षा उद्योग के सहयोग का विस्तार करके और संयुक्त अनुसंधान, सह-विकास और सह-उत्पादन संबंधी पहलों को बढ़ावा देकर रक्षा संबंधों को और मजबूत करना था। दोनों पक्षों ने बंदरगाहों पर उपस्थिति, संयुक्त अभ्यास और संस्थागत संवाद प्रणाली सहित रक्षा बलों के बीच नियमित संपर्क के महत्व पर भी बल दिया।

रक्षा मंत्री ने क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए भारत के पारस्परिक और समग्र विकास के विजन (महासागर) के अनुरूप वियतनाम के साथ सहयोग करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों नेताओं ने पारस्परिक चिंता के क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया और शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

एक्स पर एक पोस्ट में श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वार्ता का मुख्य उद्देश्य भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करना था। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के घटनाक्रम हमारे संबंधों में सकारात्मक गति को दर्शाते हैं।

Leave a Reply

हो सकता है आप चूक गए हों

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading