मई 7, 2026

प्रधानमंत्री ने कौशल, परिश्रम, शिक्षा और शिष्ट वाणी के गुणों को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया जिसका अर्थ है कौशल, परिश्रम और करुणा हमारे जीवन में अद्भुत शक्तियां हैं। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से हम न केवल हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि ये हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक होती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुशल लोगों के लिए कोई भी कार्य कठिन नहीं है; परिश्रमी लोगों के लिए कोई भी लक्ष्य बहुत दूर नहीं है; शिक्षित लोगों के लिए अपने देश और विदेश में कोई अंतर नहीं है और जो लोग विनम्रता से बात करते हैं, उनके लिए कोई भी अजनबी नहीं है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

“कौशल, परिश्रम और करुणा हमारे जीवन की अद्भुत शक्तियां हैं। इनके माध्यम से हम न केवल हर चुनौती को पार कर सकते हैं, बल्कि ये हमारे लक्ष्यों की प्राप्ति में भी मददगार हैं।

को हि भारः समर्थानां किं दूरं व्यवसायिनाम्।

को विदेशः सुविद्यानां कः परः प्रियवादिनाम्॥”

कुशल लोगों के लिए कोई भी कार्य कठिन नहीं होता; परिश्रमी लोगों के लिए कोई भी लक्ष्य बहुत दूर नहीं होता; शिक्षित लोगों के लिए अपने देश और विदेश में कोई अंतर नहीं होता और जो लोग विनम्रता से बात करते हैं, उनके लिए कोई भी अजनबी नहीं होता।

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