अप्रैल 27, 2026

आईएफएससीए – आईआईसीए  ने जीआईएफटी – आईएफएससी में मानकीकृत कॉर्पोरेट गवर्नेंस इकोसिस्टम को संस्थागत रूप देने के लिए रणनीतिक रोडमैप का अनावरण किया

भारत के अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) और भारतीय कॉर्पोरेट मामलों के संस्थान (आईआईसीए) ने गुजरात के गिफ्ट सिटी स्थित आईएफएससीए परिसर में एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन औपचारिक रूप से 20 फरवरी 2026 को आईआईसीए के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह और आईएफएससीए के अध्यक्ष श्री के. राजारामन द्वारा दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।

भारत के अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) के एकीकृत नियामक के रूप में, आईएफएससीए कंपनी अधिनियम, 2013 के व्यापक कानूनी ढांचे के अंतर्गत कार्यरत वित्तीय संस्थानों के तेजी से बढ़ते पारिस्थितिकी तंत्र की देखरेख करता है। जिसका प्रशासन कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जाता है, और आईएफएससी  में कार्यरत संस्थाओं को विशिष्ट नियामक छूट प्राप्त हैं। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख विचारक संस्थान के रूप में, भारतीय कॉर्पोरेट मामलों का संस्थान (आईआईसीए) कॉर्पोरेट गवर्नेंस ढांचे को आगे बढ़ाने, नियामक क्षमता निर्माण और नीति सलाहकार सेवाएं प्रदान करने में विशिष्ट रूप से सक्षम है।

इस पृष्ठभूमि में, समझौता ज्ञापन आईएफएससीए और आईआईसीए के बीच क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान और ज्ञान साझेदारी के क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक संरचित ढांचा स्थापित करता है। इसका  उद्देश्य जीआईएफटी – आईएफएससी के भीतर नियामक प्रभावशीलता को बढ़ाना और कॉर्पोरेट प्रशासन मानकों को मजबूत करना है।

आईआईसीए, आईएफएससीए और आईएफएससी आईएफएससी में पंजीकृत संस्थाओं को प्रशिक्षण और नीतिगत सहायता प्रदान करेगी ताकि बदलते नियामक मानकों और वैश्विक शासन प्रथाओं का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। आईआईसीए, आईएफएससीए अधिकारियों के लिए ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्रशिक्षण, प्रेरण प्रशिक्षण और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिनमें कॉर्पोरेट और संबद्ध कानून, कॉर्पोरेट प्रशासन, पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ई एस जी ) तथा सीमा पार लेनदेन और पुनर्गठन जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

इस अवसर पर श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि आईआईसीए मानकीकृत कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रणाली को बढ़ावा देने में आईएफसीए के साथ घनिष्ठ सहयोग के लिए तत्पर है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि तत्काल ध्यान इन बातों पर केंद्रित होगा: अनुकूलित क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों का शुभारंभ; भर्ती और नेतृत्व विकास पहल; और नीति अनुसंधान एवं सलाहकार सहायता।

आईआईसीए द्वारा किए गए प्रभावशाली प्रयासों की सराहना करते हुए, आईएफएसए के अध्यक्ष श्री के. राजारामन ने सहयोग को क्रियान्वित करने के लिए तत्काल कार्य योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने जीआईएफटी सिटी में आईएफएसए के अधिकार क्षेत्र में निगमित होने वाली कंपनियों के लिए विशेष पाठ्यक्रम सहित वार्षिक आधार पर संयुक्त रूप से कॉर्पोरेट सुशासन कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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