मार्च 7, 2026

ओलंपिक आंदोलन में योगदान देने के लिए भारत की रणनीति, योजना एवं दृष्टिकोण से प्रभावित: माकिस असिमाकोपुलोस, निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने खेल शिक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए सहयोगात्मक कार्यक्रमों की योजना बनाने हेतु खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल का विकास बहुत तेजी से हो रहा है और देश में ओलंपिक आंदोलन को आगे बढ़ाने वाले विशेषज्ञों का निर्माण करना बहुत महत्वपूर्ण है: हरि रंजन राव, खेल सचिव, भारत सरकार

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी (आईओए) के निदेशक श्री माकिस असिमाकोपुलोस और सुश्री एलेक्जेंड्रा कारास्कौ के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए दिल्ली में भारतीय खेल प्राधिकरण के मुख्यालय का दौरा किया, जिसका नेतृत्व श्री हरि रंजन राव, सचिव, खेल मंत्रालय ने किया।

बैठक के दौरान श्री असिमाकोपुलोस ने कहा कि वह “खेल मंत्रालय द्वारा ओलंपिक आंदोलन में योगदान देने के लिए भारत की रणनीति, योजना एवं दृष्टिकोण” से बहुत प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे सभी खेल कार्यक्रमों का अवलोकन करने के बाद, आईओए भारत में ओलंपिक शिक्षा को मजबूत करने में सहयोग करने के लिए उत्सुक है।

उन्होंने आगे कहा, “हम खेल पारिस्थितिकी तंत्र में लोगों को ओलंपिज्म एवं ओलंपिक खेलों के मूल्यों के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करना चाहते हैं ताकि भारतीय युवा ओलंपिक मूल्यों को समझ सकें।”

इस बैठक का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी एवं खेल मंत्रालय के साथ-साथ भारतीय ओलंपिक संघ और नव पुनर्जीवित राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के बीच सहयोग पर चर्चा करना था जिससे भारतीय प्रशिक्षकों, खेल विज्ञान विशेषज्ञों एवं शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए कार्यक्रमों द्वारा भारत में खेल शिक्षा को मजबूत किया जा सके।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक (आईओए) की स्थापना 1961 में हुई थी और इसका मुख्यालय ग्रीस के प्राचीन ओलंपिया में स्थित है। यह विश्व का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो ओलंपिक शिक्षा एवं अध्ययन को बढ़ावा देता है। विभिन्न देशों में इसकी राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमियों का एक नेटवर्क है जिसमें भारत का एक अकादमी भी शामिल है जिसे हाल ही में पुनर्जीवित किया गया है।

इस विषय पर आगे बात करते हुए सुश्री एलेक्जेंड्रा ने कहा, “हमारे बीच बहुत सार्थक चर्चा हुई एवं खेल सचिव की प्रस्तुति से हमें पता चला कि भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी और 2036 ओलंपिक के लिए बोली लगाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। मुझे बहुत खुशी है कि भारत में राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी को लंबे समय बाद पुनर्जीवित किया गया है और हम भारत में ओलंपिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए आईओए एवं भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करते हैं।”

बैठक के निष्कर्षों का सारांश प्रस्तुत करते हुए खेल सचिव श्री हरि रंजन राव ने कहा, “हमारी पहली बैठक बहुत सफल रही और हम इस सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं ताकि हम अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी (आईओए) के समृद्ध अनुभव से लाभ उठा सकें तथा अपनी खेल शिक्षा को और मजबूत कर सकें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेल पारिस्थितिकी तंत्र बहुत तीव्र गति से विकसित हो रही है और भारत में ओलंपिक आंदोलन को आगे ले जाने वाले विशेषज्ञों का निर्माण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

श्री राव ने आगे कहा कि आईओए भारत के लिए वैश्विक मानक पाठ्यक्रम बनाकर, भारत के प्रमुख शिक्षा संस्थानों में कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार करके, प्रशासकों के लिए प्रमाणित पाठ्यक्रम बनाकर, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा मास्टरक्लास आयोजित करके तथा संयुक्त अनुसंधान एवं डिजिटल सहयोग के माध्यम से भारत के ओलंपिक शिक्षा प्रयासों का समर्थन कर सकता है।

इसके अलावा, यह प्रस्ताव रखा गया कि भारत वैश्विक राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमियों के एक सम्मेलन की मेजबानी करेगा। विरासत ज्ञान का आदान-प्रदान करने के लिए ओलंपिक शिक्षा हेतु हेलेनिक ओलंपिक समिति (एचओसी) के साथ सहयोग पर चर्चा हो रही है।

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