मार्च 10, 2026

25वां भारत रंग महोत्सव 2026: भारत के 40 स्थानों और सातों महाद्वीपों में अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा

228 भाषाओं और बोलियों में 277 भारतीय और 12 अंतर्राष्ट्रीय प्रस्तुतियां दी जाएंगी
थिएटर बाज़ार नए नाटककारों को मंच देगा, ‘श्रुति’ के तहत 17 पुस्तकों का लोकार्पण होगा और महिला निर्देशकों की 33 प्रस्तुतियां प्रदर्शित की जाएंगी
स्वतंत्रता सेनानियों, समाज सुधारकों और रंगमंच के दिग्गजों को समर्पित विशेष नाट्य प्रस्तुतियां प्रस्तुत की जाएंगी

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय रंगमंच उत्सव भारत रंग महोत्सव (बीआरएम) के 25वें संस्करण का आयोजन 27 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक करेगा। यह संस्करण अब तक का सबसे व्यापक, समावेशी और भव्य संस्करण होगा।

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इस ऐतिहासिक संस्करण के तहत भारत रंग महोत्सव देशभर के 40 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही सातों महाद्वीपों के कम-से-कम एक-एक देश की नाट्य प्रस्तुतियां भी इसमें शामिल होंगी, जिससे इस महोत्सव की वैश्विक पहुंच और सांस्कृतिक प्रभाव और मजबूत होगा।

महोत्सव के दौरान कुल 277 भारतीय प्रस्तुतियां (जिनमें 136 चयनित नाटक और आमंत्रित प्रस्तुतियां शामिल हैं) और 12 अंतर्राष्ट्रीय प्रस्तुतियां दिखाई जाएंगी। ये प्रस्तुतियां 228 भारतीय और विदेशी भाषाओं एवं बोलियों में होंगी, जो भाषाई विविधता के मामले में भारत रंग महोत्सव को दुनिया का सबसे बड़ा थिएटर फेस्टिवल बनाती हैं।

चयनित नाटकों का चयन 817 राष्ट्रीय और 34 अंतरराष्ट्रीय आवेदनों की कड़ी स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद किया गया है। इसके अलावा, देश के विभिन्न केंद्रों पर 19 विश्वविद्यालयीय प्रस्तुतियां और 14 स्थानीय प्रस्तुतियां भी शामिल की जाएंगी।

इस अवसर पर एनएसडी के उपाध्यक्ष प्रो. भरत गुप्त ने कहा,

“भारत रंग महोत्सव 2026 रंगमंच के लोकतंत्रीकरण और सार्वभौमिकता का जीवंत उदाहरण है। यह महोत्सव विभिन्न समुदायों और आयु समूहों की विविध भाषाओं, शैलियों और नाटकीय अभिव्यक्तियों के समावेश के माध्यम से भारत के साझा रचनात्मक लोकाचार को दर्शाता है।”

यह संस्करण मैथिली, भोजपुरी, तुलु, उर्दू, संस्कृत, ताई खामती, निशि जैसी भाषाओं के साथ-साथ लगभग सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं और कई जनजातीय व लुप्तप्राय भाषाओं में प्रदर्शन के साथ अपने भाषाई और सांस्कृतिक फलक का विस्तार करता है।

पहली बार लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव, आइजोल (मिजोरम), तुरा (मेघालय), नगांव (असम), मंडी (हिमाचल प्रदेश) और रोहतक (हरियाणा) जैसे नए केंद्रों को जोड़ा गया है।

महोत्सव की भावना पर प्रकाश डालते हुए एनएसडी के निदेशक श्री चितरंजन त्रिपाठी ने कहा, “25वां भारत रंग महोत्सव रंगमंच का ‘महाकुंभ’ है- जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए। यह एक सर्व-समावेशी, गैर-कुलीन अंतर्राष्ट्रीय थिएटर उत्सव है जहां विभिन्न नाटकीय रूपों के माध्यम से भाषाएं, क्षेत्र, सौंदर्यशास्त्र और विचारधाराएं एक साथ आती हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यह गर्व की बात है कि यह महोत्सव देश के सुदूर कोनों तक पहुंच रहा है, उन क्षेत्रों में रंगमंच तक पहुंच प्रदान कर रहा है जहां अवसर अत्यंत सीमित हैं।”

“भारत रंग महोत्सव (बीआरएम) 2026 के तहत कई चयनित और सहयोगी नाट्य उत्सव आयोजित किए जाएंगे। इनमें आदिरंग महोत्सव (जनजातीय रंगमंच, नृत्य और शिल्प), जश्ने बचपन (बाल रंगमंच), बाल संगम (बच्चों द्वारा लोक नृत्य और नाटक), पूर्वोत्तर नाट्य समारोह (उत्तर-पूर्वी रंगमंच), कठपुतली नाट्य उत्सव, नृत्य नाटिका उत्सव, शास्त्रीय संस्कृत नाटक उत्सव और एक माइक्रो ड्रामा (लघु नाटक) उत्सव शामिल हैं।

पहली बार, ट्रांसजेंडर समुदायों, यौनकर्मियों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य वंचित समूहों की प्रस्तुतियां भी प्रदर्शित की जाएंगी।”

यह महोत्सव भगवान बिरसा मुंडा, लोक माता अहिल्याबाई और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी प्रख्यात ऐतिहासिक हस्तियों का स्मरण करेगा, साथ ही रंगमंच के दिग्गज रतन थियम, दया प्रकाश सिन्हा, बंसी कौल और आलोक चटर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। एनएसडी दिल्ली परिसर में इब्राहिम अल्काजी के सम्मान में एक विशेष संगोष्ठी (सेमिनार) आयोजित की जाएगी। एक कैंसर सर्वाइवर और एनएसडी के पूर्व छात्र द्वारा लिखित और अभिनीत एक अनूठी नाट्य प्रस्तुति भी मंचित की जाएगी।

लोक कला प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठियां, मास्टर क्लास और कार्यशालाएं इस महोत्सव का अभिन्न अंग होंगी। एनएसडी छात्र संघ के नेतृत्व में ‘अद्वितीया’ खंड के तहत एनएसडी परिसर में संवाद सत्र और नुक्कड़ नाटक प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

महोत्सव में ‘थिएटर बाज़ार’ का आयोजन होगा, जो नए लिखे गए नाटकों को बढ़ावा देगा, जिनमें से चुनिंदा कृतियों को पुरस्कृत और प्रकाशित किया जाएगा। ‘श्रुति’ पहल के तहत 17 पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। विशेष रूप से, महिला निर्देशकों द्वारा निर्देशित 33 प्रस्तुतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। स्वतंत्रता सेनानियों, समाज सुधारकों और प्रख्यात रंगमंच प्रतिपादकों के सम्मान में विशेष प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

भारत की विविध खान-पान परंपराओं और पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाले विशेष काउंटर महोत्सव के सांस्कृतिक अनुभव को और समृद्ध करेंगे।

भारत रंग महोत्सव 2026 के इस भव्य आयोजन को प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से समर्थन प्राप्त है, जिनमें मैथिली-भोजपुरी अकादमी, हिंदी अकादमी, गढ़वाली-कुमाऊंनी-जौनसारी अकादमी और उर्दू अकादमी (दिल्ली सरकार) शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों में नेशनल पोलिश थिएटर एकेडमी (वारसॉ), नेशनल एकेडमी ऑफ थिएटर एंड फिल्म आर्ट्स (मैड्रिड) और रशियन इंस्टीट्यूट ऑफ थिएटर आर्ट्स-जीआईटीआईएस (मॉस्को) शामिल हैं, साथ ही कई भारतीय राज्यों और सांस्कृतिक संस्थानों का भी सहयोग प्राप्त है।

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