अप्रैल 28, 2026

प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के युवा शक्ति पर आधारित विश्वास को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानन्द के इस विश्वास पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया कि युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला है और भारत के युवा अपने उत्साह और जुनून के साथ हर संकल्प को साकार कर सकते हैं:

“अङ्गणवेदी वसुधा कुल्या जलधिः स्थली च पातालम्।
वल्मीकश्च सुमेरुः कृतप्रतिज्ञस्य वीरस्य॥”

सुभाषितम का तात्पर्य है कि साहसी और मजबूत इरादों वाले लोगों के लिए संपूर्ण धरा उनके अपने आंगन की तरह है, समुद्र तालाबों की तरह हैं और आकाश-ऊंचे पहाड़ की तरह हैं। जिनकी इच्छाशक्ति दृढ़ है उनके लिए पृथ्वी पर कुछ भी असंभव नहीं है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा;

“स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति ही राष्ट्र-निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला है। भारतीय युवा अपने जोश और जुनून से हर संकल्प को साकार कर सकते हैं।

अङ्गणवेदी वसुधा कुल्या जलधिः स्थली च पातालम्।
वल्मीकश्च सुमेरुः कृतप्रतिज्ञस्य वीरस्य॥”

Leave a Reply

हो सकता है आप चूक गए हों

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading