अप्रैल 24, 2026

प्रधानमंत्री ने संस्कृत श्लोक के माध्यम से बुद्धिमत्ता, संयम और समयबद्ध कार्रवाई को राष्ट्रीय शक्ति के स्तंभों के रूप में उल्लेख किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और भारत के दीर्घकालिक सुरक्षा तथा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में रणनीतिक बुद्धिमत्ता, संतुलित संयम व निर्णायक कार्रवाई के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत के एक सूत्र का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा:

“सुदुर्बलं नावजानाति कञ्चिद युक्तो रिपुं सेवते बुद्धिपूर्वम्।

न विग्रहं रोचयते बलस्थैः काले च यो विक्रमते स धीरः॥”

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