मार्च 7, 2026

सरदार@150 यूनिटी मार्च एकजुट राष्ट्र की धड़कन है: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

पदयात्रा में स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के संदेश निहित: डॉ. मांडविया
यूनिटी मार्च सरदार पटेल की विरासत का उत्सव और युवा शक्ति का राष्ट्रीय आंदोलन है: डॉ. मनसुख मांडविया
राष्ट्रीय स्तर की इस यात्रा की तैयारी के सिलसिले में देश भर में 842 पदयात्राएं की गईं जिसमें 10 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया
राष्ट्रीय स्तर की पदयात्रा 26 नवंबर को आरंभ होकर 6 दिसंबर को संपन्न होगी: डॉ. मनसुख मांडविया

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, “माई भारत” के माध्यम से, देश भर में राष्ट्रीय गौरव की भावना, नागरिक जुड़ाव और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी सरदार@150 यूनिटी मार्च का आयोजन कर रहा है। सरदार पटेल के विचारों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत दृष्टिकोण से प्रेरित, इस अभियान में “एक भारत, आत्मनिर्भर भारत” के व्यापक विषय पर आधारित कई गतिविधियां शामिल होंगी।

भारत के लौह पुरुष के व्यापक योगदान और स्थायी विरासत के सम्मान की इस पहल का शुभारंभ 6 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने केन्द्र सरकार के दो-वर्षीय समारोह (2024-2026) के हिस्से के रूप में किया था।

अभियान का आरंभ डिजिटल गतिविधियों से हुई, जिनमें रील बनाने की प्रतियोगिता, निबंध लेखन और सरदार@150 युवा नेता प्रश्नोत्तरी शामिल रही। जमीनी स्तर पर पहल के अंतर्गत, पूरे देश में ज़िला स्तर पर और कुछ राज्यों में विधानसभा क्षेत्र स्तर पर पदयात्राएं की जा रही हैं। राष्ट्रीय पदयात्रा की तैयारी के सिलसिले में देश भर के सभी ज़िलों से ज़िला प्रतिनिधियों की गुजरात यात्रा भी चल रही है। दो माह चलने वाला यह अभियान 6 दिसंबर 2025 को संपन्न होगा।

डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में ज़िला-स्तरीय पदयात्राओं की प्रगति और राष्ट्रीय पदयात्रा की मुख्य विशेषताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।  डॉ. मांडविया ने कहा, “कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कोहिमा तक, लाखों लोग राष्ट्रीय एकता के लिए एक साथ पद यात्रा कर रहे हैं जो सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत के उत्सव के साथ ही राष्ट्र निर्माण में युवा ऊर्जा को विकसित भारत के लक्ष्य की अग्रसर करने का राष्ट्रीय आंदोलन भी है।”

डॉ मांडविया ने कहा, “पिछले कुछ महीनों में, पूरा देश एक समान भावना से आगे बढ़ रहा है और देश में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, कुल 842 पदयात्राएं आयोजित की गई हैं। यह संख्या केवल आंकड़े भर नहीं है बल्कि अखंड राष्ट्र की धड़कन है। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा के मूल में स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के संदेश निहित हैं।

युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। युवा कार्यक्रम विभाग सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने एक प्रस्तुति द्वारा डिजिटल चरण की मुख्य विशेषताओं, जिला स्तरीय पदयात्राओं में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी और जिला प्रतिनिधियों की आगामी यात्रा एवं राष्ट्रीय पदयात्रा की जानकारी दी।

जिला स्तरीय पदयात्राओं की अब तक की मुख्य झलकियां:

31 अक्टूबर 2025 को आरंभ हुई जिला-स्तरीय पदयात्राएं देश भर में चल रही हैं और इन्हें लोगों  का अपार समर्थन मिल रहा है। सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय रूप से जिला-स्तरीय पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें 842 पदयात्राएं (ज़िला और विधानसभा स्तर) 471 जिलों और 349 लोकसभा और 329 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहीं हैं। 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों और 11 हजार से अधिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, गैर-सरकारी संगठनों और युवा संगठनों ने इसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी की है।

देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में 96 पदयात्राएं की गईं हैं, जिनमें 70 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया है। जम्मू-कश्मीर में 14 पदयात्राएं आयोजित की गई हैं, जिनमें 17 हजार से ज़्यादा लोग जुटे। लद्दाख में 3 पदयात्राओं में 2 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। तमिलनाडु में 30 और केरल में 11 पदयात्राएं आयोजित की गई हैं।

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, असम, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक संख्या में लोगों ने पदयात्राओं में हिस्सा लिया। दिल्ली, गुजरात के जूनागढ़, ओडिशा के क्योंझर और राजस्थान में जयपुर में क्रमशः लगभग 15 हजार, 12 हजार और 10 हजार लोगों की भागीदारी रही। गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में, ज़िला-स्तरीय पदयात्राओं के अलावा, विधानसभा क्षेत्र-स्तरीय पदयात्राएं भी आयोजित की गईं जिससे अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हुई और ज़मीनी स्तर पर उनका जुड़ाव सुदृढ़ हुआ।

पदयात्राओं में भाग लेने वाले लोगों को आत्मनिर्भर और नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई। पदयात्रा के मार्गों पर स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाकर स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा दिया गया और आत्मनिर्भर भारत का संदेश प्रचारित किया गया। इनमें “माई भारत” यूनिट के साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना-एनएसएस, राष्ट्रीय कैडेट कोर-एनसीसी और अन्य स्थानीय संगठनों की संस्थानिक स्तर पर कार्यक्रम पूर्व-गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी रही।

जिला प्रतिनिधियों की गुजरात यात्रा:

जिला स्तरीय पदयात्रा संपन्न होने के उपरांत प्रत्येक जिले के जिला प्रतिनिधियों की चार निर्धारित मार्गों-गंगा, यमुना, नर्मदा और गोदावरी प्रवाह  द्वारा क्रमशः दिल्ली, जयपुर, नागपुर और मुंबई से आरंभ कर राष्ट्रीय पदयात्रा के लिए गुजरात की ओर प्रस्थान यात्रा होगी। संबंधित प्रवाह के अंतर्गत प्रत्येक जिले से दो प्रतिभागी यात्रा में शामिल होंगे, और सभी चार प्रवाह अलग-अलग दिनों में राष्ट्रीय पदयात्रा का हिस्सा बनेंगे। इस चरण में युवा संवाद, कोचिंग संस्थानों तक संदेश पहुंचाना,  बाज़ार तक संदेश व्यापक बनाना, योग सत्र, वृक्षारोपण अभियान और स्वच्छता पहल जैसी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

राष्ट्रीय पदयात्रा: 26 नवंबर से दिसंबर 2025 तक आयोजित होगी:

राष्ट्रीय पदयात्रा 26 नवंबर को सरदार वल्लभभाई पटेल के पैतृक निवास, करमसद से आरंभ होगी और 6 दिसंबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर संपन्न होगी। 11 दिनों में इस दौरान लगभग 190 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्य मंत्री, राज्यपाल, राज्य के मंत्री और सांसद प्रतिदिन पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। विभिन्न क्षेत्रों के जाने-माने व्यक्तियों को इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है।

यात्रा में प्रतिदिन कैबिनेट मंत्री, दिग्गज हस्तियां और राष्ट्रीय नेता-सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और विरासत से प्रेरित दस विषयों पर सरदार सभाओं में व्याख्यान देंगे। हर शाम ग्राम सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें ग्राम संपर्क गतिविधियां और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना प्रदर्शित करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। यह पदयात्रा पूर्णतया स्वदेशी होगी और एक भारत, आत्मनिर्भर भारत इसका मुख्य संदेश होगा।

यात्रा मार्ग में सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक प्रदर्शन और सामुदायिक कार्यक्रमों के साथ 150 विषयगत पड़ाव होंगे। दस प्रमुख सरदार सभाओं में सहकारिता, बारदोली सत्याग्रह,सरदार पटेल के प्रशासनिक नेतृत्व, उनकी संवैधानिक दूरदृष्टि और रियासतों के एकीकरण जैसे विषय शामिल होंगे।

पद यात्रा में शामिल लोग हरदिन 15 से 18 किलोमीटर पैदल चलेंगे। वे शास्त्रीय और लोक प्रदर्शन, एकजुटता प्रेरित करने वाली कला, पारंपरिक खेलों और प्रमुख सरकारी योजनाओं का प्रदर्शन देखेंगे। एनएसएस इकाइयां पदयात्रा मार्ग में निकटवर्ती गांवों में इसी तरह की सामाजिक विकास और जागरूकता गतिविधियां संचालित करेंगी।

इन सभी गतिविधियों के लिए पंजीकरण और इनका विवरण माई भारत पोर्टल Sardar@150 Unity March पर उपलब्ध हैं। देश भर के युवाओं को इस ऐतिहासिक अभियान में पंजीकरण कराने और सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है  ताकि वे अपने दैनिक जीवन और सामाजिक दायित्वों में एक भारतआत्मनिर्भर भारत के आदर्शों को अपना सकें।

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