मार्च 8, 2026

इंडियन आर्मी टेरियर साइबर क्वेस्ट 2025: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्वांटम और ड्रोन तकनीक जैसी उभरती तकनीकों पर केंद्रित राष्ट्रीय साइबर चुनौती

भारतीय सेना की टेरिटरियल आर्मी परिवर्तन के दशक के भाग के रूप में आईआईटी मद्रास, भारतीय सेना अनुसंधान प्रकोष्ठ (आईएआरसी) और साइबरपीस के सहयोग से भारतीय सेना टेरियर साइबर क्वेस्ट 2025 का आयोजन कर रही है। यह वास्तविक सुरक्षा और साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की चुनौती है। यह कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

भारतीय सेना की वेबसाइट (www.indianarmy.nic.in/terriercyberquest/2025.pdf) पर विज्ञापित इस पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिक रक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षा, रक्षा उद्योग और सरकार के साथ भारत के प्रतिभाशाली युवाओं को एकजुट करना है। साइबर क्वेस्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), क्वांटम कंप्यूटिंग और ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार व सहयोग को बढ़ावा देगा। यह एक सशक्त डिजिटल रक्षा रणनीति के बढ़ते महत्व को उजागर करता है और कुशल व्यक्तियों को डिजिटल संघर्ष के मैदान में योद्धा बनने के लिए कार्रवाई का आह्वान करता है।

इस प्रतियोगिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उपयोग करके भारत के लिए सशक्त रक्षा प्रणालियां बनाने की दो प्रमुख चुनौतियां शामिल हैं, जो प्रतिभागियों को राष्ट्रीय सुरक्षा में सीधे योगदान करने के उद्देश्य से एक अनूठा मंच प्रदान करती हैं:

  • ट्रैक वन: बग हंटिंग चैलेंज – यह एक उच्च स्तरीय साइबर सुरक्षा हैकथॉन है, जिसका समापन बॉस लिनक्स सिस्टम पर 36 घंटे के लाइव बग हंट के साथ होगा। फाइनलिस्ट भारतीय सेना के सानिध्य में ऑपरेटिंग सिस्टम स्तर की कमजोरियों को उजागर करेंगे, जिससे राष्ट्र के लिए मजबूत प्रणाली बनाने में मदद मिलेगी।
  • ट्रैक टू: डेटाथॉन – यह एक डेटा-केंद्रित चुनौती है, जिसे प्रतिभागियों द्वारा रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सशक्त तकनीकी पेश करने की क्षमता का परीक्षण करने हेतु तैयार किया गया है। 2025 का फोकस बड़े पैमाने के डेटासेट का उपयोग करके पूर्वानुमानित खतरे की खुफिया जानकारी और विसंगति का पता लगाने पर है।

कार्यक्रम का विवरण

  • पंजीकरण: 23 जुलाई – 7 सितंबर 2025
  • प्रारंभिक दौर: 8 – 17 सितंबर 2025
  • ग्रैंड फिनाले: 24 – 26 सितंबर 2025
  • पुरस्कार समारोह: 7 अक्टूबर 2025

यह कार्यक्रम एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा के संबंध में अत्याधुनिक समस्या विवरण भी प्रदान करेगा। ड्रोन उड़ान विसंगति का पता लगाने और क्वांटम-इन्हेस्ड मैलवेयर/रैंसमवेयर पहचान जैसी चुनौतियां प्रतिभागियों को उन्नत वास्तविक समय पहचान प्रणाली विकसित करने में सक्षम बनाएंगी। इस पहल का उद्देश्य क्वांटम मशीन लर्निंग में स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना, आलोचनात्मक सोच को दिशा देना और प्रोटोटाइप समाधान तैयार करना है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा तथा रक्षा प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे को सशक्त कर सके।

ग्रैंड फिनाले में ट्रैक वन के फाइनलिस्ट महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की हैकिंग और रक्षा पर केंद्रित एक आक्रामक-रक्षा शैली की चुनौती में शामिल होंगे, जबकि ट्रैक टू के फाइनलिस्ट के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा मशीन लर्निंग का उपयोग करके पूरी तरह कार्यात्मक डीपफेक डिटेक्शन सिस्टम विकसित करने के लिए 36 घंटे का समय होगा।

विजेताओं को सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा सम्मानित किया जाएगा और उन्हें उनके अभिनव समाधानों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान के लिए विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

इच्छुक प्रतिभागी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.indianarmy.nic.in/terriercyberquest/2025.pdf पर पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण 07 सितंबर, 2025 तक खुला रहेगा।

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