अप्रैल 22, 2026

भारतीय तटरक्षक बल के लिए अगली पीढ़ी के चौथे अपतटीय गश्ती पोत के निर्माण की आधिकारिक शुरुआत मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में इस्पात काटने के समारोह साथ की गई

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित किए जा रहे छह अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों (एनजीओपीवी) की श्रृंखला में चौथे जहाज यार्ड 16404 हेतु इस्पात काटने का समारोह 20 अगस्त, 2025 को मुंबई में आयोजित हुआ। स्वदेशी तकनीक से अभिकल्पित, विकसित एवं निर्मित ये 117 मीटर लंबे जहाज 23 नॉट तक की गति से चल सकते हैं और इनकी परिचालन सीमा 5,000 समुद्री मील है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव प्रणाली, रिमोट पायलटेड ड्रोन, इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम और एकीकृत प्लेटफार्म प्रबंधन प्रणाली सहित उन्नत प्रौद्योगिकियों से लैस अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत भारत के विशाल समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए भारतीय तटरक्षक की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे। इसमें 11 अधिकारियों और 110 कर्मियों के रहने की क्षमता भी होगी। 20 दिसंबर, 2023 को ‘खरीदें (भारतीय-आईडीडीएम)’ श्रेणी के तहत अनुबंधित अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत परियोजना सरकार के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उप महानिदेशक (तकनीकी), मुख्यालय भारतीय तटरक्षक पूर्वी समुद्र तट, महानिरीक्षक एनजी रवींद्रन ने की, जिसमें मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के कार्यकारी निदेशक (जहाज निर्माण), ए. विनोद और भारतीय तटरक्षक तथा मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। यह पहल भारत की बढ़ती रक्षा विनिर्माण शक्ति एवं आत्मनिर्भरता के प्रति सरकार के अटूट विश्वास को प्रदर्शित करती है। यह भारतीय तटरक्षक बल को राष्ट्रीय समुद्री हितों की अधिक प्रभावशीलता के साथ सुरक्षा करने के लिए सशक्त भी बनाती है।

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