मार्च 16, 2026

अवैध खनन के 895 मामले दर्ज, 44.31 लाख रुपये का लगाया जुर्माना

अवैध खनन पर प्रदेशव्यापी निरीक्षण अभियान आरम्भ: डॉ. यूनुस

निदेशक उद्योग डॉ. यूनुस ने कहा कि खनिजों का सदुपयोग न केवल पर्यावरणीय सन्तुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी जरूरी है। अवैध खनन से प्राकृतिक संसाधनों का असमान वितरण और पर्यावरण को क्षति पहुंचती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा अवैध खनन गतिविधियों पर सख्ती से रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता अवैध खनन की रोकथाम, पारदर्शी खनन को बढ़ावा देना और आमजन में जारूकता फैलाना है। विभाग ने जिलों में सक्रिय अभियान चलाकर जुलाई, 2025 तक 895 अवैध खनने के मामले दर्ज किए हैं और दोषियों पर कार्रवाई करते हुए लगभग 44.31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग ने विशेष अभियान के तहत प्रथम अगस्त से प्रदेशव्यापी विशेष अभियान आरम्भ किया है जिसमें विभागीय टीमों द्वारा खनिज नियमों के अनुपालन की विस्तृत जांच की जा रही है। सभी फील्ड स्टाफ को लगातार अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने और नियमित रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने खनन अधिकारी से प्राप्त जानकारी को साझा करते हुए कहा कि अब तक अवैध खनन से संबंधित कुल 122 मामले दर्ज किए गए हैं इनमें से 76 मामलें लम्बित हैं जबकि 46 मामलों में कड़ी कार्रवाई करते हुए माइनिंग एक्ट के तहत 3.55 लाख रुपये की जुर्माना राशि वसूली है।
डॉ. यूनुस ने कहा कि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। विभाग द्वारा निरन्तर विशेष अभियान चलाए जाएंगे ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और पारदर्शी खनन व्यवस्था को बढ़ावा मिले।
डॉ. यूनुस ने कहा कि खनिज संसाधनों का संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। भौमकीय शाखा में स्थापित शिकायत प्रकोष्ठ को अब तक विभिन्न माध्यमों से कुल 267 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें लैंडलाइन के माध्यम से 95, मोबाइल फोन के माध्यम से 35 और व्हाट्सएप के माध्यम से 137 शिकायतें दर्ज की गई हैं। ईमेल भी एक प्रभावी माध्यम साबित हुआ है जिसके माध्यम से प्रतिदिन औसतन 2 से 3 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। प्रत्येक जिला के विश्लेषण अनुसार कांगड़ा से 65, सोलन से 50, बिलासपुर से 23, ऊना से 21 और मंडी से 17 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन को लेकर जन जागरूकता बढ़ रही है और लोग शिकायत दर्ज करवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फील्ड से प्राप्त रिपोर्टों की समीक्षा की जाएगी ताकि अभियान की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कर आगे की रणनीति तय की जा सके। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा की लूट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति या संस्था अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त पाई जाएंगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
डॉ. यूनुस ने आम जनता से किसी भी प्रकार की संदिग्ध खनन गतिविधि की जानकारी तुरंत शिकायत प्रकोष्ठ में दर्ज करने और इस अभियान में भागीदार बनने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में व्हाट्सएप नम्बर 08988500249, लैंडलाइन नम्बर 0177-2990575 तथा ईमेल geologicalwing@gmail.com पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading