प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-IV के तहत पर्यटन और जनजातीय विकास को बढ़ावा
ग्रामीण विकास मंत्रालय, 11 सितंबर 2024 को शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-IV के साथ समन्वय में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के सड़क संपर्कता घटक का कार्यान्वयन कर रहा है। पीएमजीएसवाई-IV का उद्देश्य 2011 की जनगणना के मानदंडों के आधार पर सम्पर्क विहीन 25,000 बस्तियों को बारहमासी सड़क संपर्कता प्रदान करना है।
जनजातीय विकास और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 1,000 होमस्टे स्थापित करने के लक्ष्य जैसी पहलों को सहायता प्रदान करने के लिए, पीएमजीएसवाई-IV के दिशानिर्देशों में उन बस्तियों को प्राथमिकता दी गई है जो निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करती हैं:
- 500 से अधिक आबादी और 50 प्रतिशत या उससे अधिक अनुसूचित जनजाति (एसटी) आबादी वाली बस्तियां।
- आकांक्षी जिलों में 250 से अधिक आबादी श्रेणी में 50 या इससे अधिक अनुसूचित जनजाति आबादी वाली बस्तियां।
पीएमजीएसवाई-IV के तहत पात्र बस्तियों की प्राथमिक पहचान के लिए एक विस्तृत जमीनी सर्वेक्षण किया गया है। दिनांक 28 जुलाई 2025 तक, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत 296.301 किलोमीटर लंबाई वाली 62 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। पीएमजीएसवाई सड़कें जनजातीय होमस्टे तक पहुंच को सुगम बनाएंगी, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देंगी और दूरदराज के इलाकों में आर्थिक अवसर प्रदान करेंगी।
यद्यपि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) व्यक्तिगत समुदायों पर लक्षित योजना नहीं है, फिर भी जनजातीय क्षेत्रों में इसका प्रभाव व्यापक रहा है। बेहतर सड़क संपर्कता से निम्नलिखित तक पहुंच बढ़ी है:
- जनजातीय उत्पादों और वन उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने वाले बाजार।
- स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने के लिए लगने वाले यात्रा के समय में कमी और संस्थागत प्रसव में वृद्धि।
- स्कूलों और छात्रावासों तक पहुंच में सुधार करके शिक्षा सुविधा।
- बैंकिंग, सामाजिक सुरक्षा और ई-गवर्नेंस सहित सरकारी सेवाएं।
कई स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकनों से यह निष्कर्ष निकला है कि पीएमजीएसवाई के कारण:
- ग्रामीण आय और रोजगार के अवसरों में सुधार हुआ है।
- जनजातीय समुदायों की मोबिलिटी और एकीकरण में वृद्धि हुई है।
- शिक्षा और बाज़ार में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा करके, एक विकास गुणक के रूप में कार्य करती है-जनजातीय क्षेत्रों की आर्थिक क्षमता को बढ़ाने के अवसर प्रदान करती है और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी प्रमुख पहलों के लिए पूरक के रूप में कार्य करती है। यह मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सड़क संपर्कता के लाभ से जनजातीय समुदायों का समावेशी और सतत विकास हो सके।
यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।