अप्रैल 29, 2026

आयुष मंत्रालय ने प्रधानमंत्री योग पुरस्कार 2025 के लिए नामांकन शुरू करने की घोषणा की

आयुष मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 2025 के संस्करण (आईडीवाई 2025) के लिए प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री योग पुरस्कारों के लिए नामांकन शुरू करने की घोषणा की है। ये पुरस्कार योग के प्रचार और विकास में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण और निरंतर योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को मान्‍यता देते हैं।

समाज पर योग के गहन प्रभाव को सम्मानित करने के लिए स्थापित प्रधानमंत्री योग पुरस्कारों का उद्देश्य इस क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान का जश्न मनाना, रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन और जीवनशैली से संबंधित विकारों के प्रबंधन में योग की भूमिका को सुदृढ़ करना है।माननीय प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से समर्थित ये पुरस्कार योग के विकास और प्रचार में अमूल्य योगदान को मान्यता देने और उसका जश्न मनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में कार्य करते हैं।

ये पुरस्कार राष्ट्रीय व्यक्ति, राष्ट्रीय संगठन, अंतर्राष्ट्रीय व्यक्ति और अंतर्राष्ट्रीय संगठन श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे, जिसके तहत प्रत्येक विजेता को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और 25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

पुरस्‍कार के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 40 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और योग के प्रचार में कम से कम 20 वर्षों का समर्पित अनुभव होना चाहिए। आवेदन और नामांकन MyGov प्लेटफॉर्म (https://innovateindia.mygov.in/pm-yoga-awards-2025/) के माध्यम से 31 मार्च, 2025 तक या उससे पहले जमा किए जा सकते हैं। यह लिंक आयुष मंत्रालय की वेबसाइट और इसके स्वायत्त निकायों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध होगा। संस्थाएं सीधे आवेदन कर सकती हैं या किसी प्रमुख योग संगठन द्वारा नामांकित हो सकती हैं। प्रत्येक आवेदक/नामांकित व्यक्ति प्रति वर्ष केवल एक श्रेणी (राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय) के लिए आवेदन कर सकता है।

आयुष मंत्रालय द्वारा गठित स्क्रीनिंग कमेटी सभी आवेदनों की समीक्षा करेगी और मूल्यांकन करने वाले निर्णायक मंडल को प्रत्येक पुरस्कार श्रेणी में अधिकतम 50 नामों की सिफारिश करेगी। निर्णायक मंडल में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी और यह निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था होगी।

आयुष मंत्रालय आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी सहित चिकित्सा और कल्याण की हमारी पारंपरिक प्रणालियों को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। मंत्रालय व्यक्तियों और समुदायों की समग्र भलाई को संवर्धित करते हुए इन प्रणालियों को स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में एकीकृत करने के लिए प्रयासरत है।

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