मार्च 9, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी क्‍वाड शिखर सम्‍मेलन में भाग लेने के लिए अमरीका की यात्रा पर रवाना हुए

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज सुबह तीन दिन की अमरीका यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरान श्री मोदी कई उच्‍च स्‍तरीय बैंकठ में हिस्‍सा लेंगे। प्रधानमंत्री डेलावेयर में विलमिंगटन में चौथे वार्षिक क्‍वाड शिखर सम्‍मेलन में भाग लेंगे। इस शिखर सम्‍मेलन की मेज़बानी अमरीका के राष्‍ट्रपति जो बाइडेन कर रहे हैं। इस सम्‍मेलन में जलवायु परिवर्तन से लेकर महत्‍वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री क्वाड समूह के अन्य नेताओं सहित अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। भारत अगले वर्ष क्‍वाड शिखर सम्‍मेलन की मेजबानी करेगा।

अमरीका यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि वे क्‍वाड शिखर सम्‍मेलन में अपने सहयोगी अमरीका के राष्‍ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एलबनी‍जी और जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा से बातचीत के लिए उत्‍सुक हैं। उन्‍होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए यह समूह, समान विचारधारा वाले देशों के मंच के रूप में उभरा है। अमरीकी राष्‍ट्रपति के साथ अपनी बैठक के बारे में श्री मोदी ने कहा कि इस बैठक से दोनों देशों के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।

क्‍वाड शिखर सम्‍मेलन में भाग लेने के बाद कल प्रधानमंत्री न्‍यूयॉर्क जायेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। वे दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए शीर्ष अमरीकी कंपनियों के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत भी करेंगे।अपने वक्‍तव्‍य में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे भारतवासियों और अमरीका के प्रमुख उद्योगपतियों से बातचीत के लिए उत्‍सुक हैं। श्री मोदी ने कहा कि विश्‍व के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्रों के बीच इस अनूठी साझेदारी में ये लोग महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसे जीवंतता प्रदान करते हैं।

अपनी यात्रा के अंतिम दिन 23 सितंबर को श्री मोदी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में समिट ऑफ द फ्यूचर यानी भविष्य का शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस शिखर सम्मेलन का विषय है – बेहतर कल के लिए बहुपक्षीय समाधान। इस शिखर सम्‍मेलन का उद्देश्य गंभीर चुनौतियों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है। सम्‍मेलन से इतर प्रधानमंत्री कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत करेंगे। समिट ऑफ द फ्यूचर में भाग लेने के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सम्‍मेलन के जरिए वैश्विक समुदाय को मानवता की भलाई के लिए मार्ग प्रशस्‍त करने का अवसर मिलेगा।

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