मार्च 10, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने तीन वंदे भारत रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो कान्‍फ्रेंसिंग के माध्‍यम से तीन वंदे भारत रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रेलगाड़िया हैं – मेरठ से लखनऊ, मदुरै से बेंगलुरू और चेन्‍नई से नागरकोइल। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि आज उत्‍तर से दक्षिण तक देश की विकास यात्रा में एक नया अध्‍याय जुड़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि वंदेभारत रेलगाड़ियों के विस्‍तार से देश विकसित भारत के लक्ष्‍य की ओर कदम बढ़ाए जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये तीन नई वंदेभारत रेल गाड़ियां महत्‍वपूर्ण और ऐतिहासिक शहरों को जोड़ेंगी। उन्‍होंने कहा कि मंदिरों का शहर मदुरै अब आई टी सिटी बेंगलुरू से जुड़ जाएगा। मोदी ने कहा कि वंदेभारत आधुनिक भारतीय रेलवे का नया चेहरा है। उन्‍होंने कहा कि आज शहर में प्रत्‍येक मार्ग पर वंदेभारत की मांग की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तेज रफ्तार की इन रेलगाड़ियों से लोगों को अपना व्‍यापार, रोजगार बढ़ाने और सपने साकार करने का भरोसा मिलता है। उन्‍होंने कहा कि इस समय देशभर में 102 वंदेभारत रेल सेवा उपलब्‍ध हैं। मोदी ने कहा कि भारत रेलवे स्‍टेशनों में एक बड़ा बदलाव देख रहा है और छोटे स्‍टेशनों को भी हवाई अड्डों की तरह आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे गरीब से लेकर मध्‍यम वर्ग तक के सभी लोगों को आरामदेह यात्रा की गारंटी देने तक अपना कार्य करती रहेगी। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि घरेलू ढांचागत क्षेत्र में वृद्धि से गरीबों को सशक्‍त बनाने में मदद मिलेगी और गरीबी दूर होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिणी राज्‍यों का त्‍वरित विकास विकसित भारत का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने में बहुत महत्‍वपूर्ण है। मोदी ने कहा कि मौजूदा बजट में सरकार ने तमिलनाडु के रेलवे बजट के लिए छह हजार करोड़ से अधिक रूपए आवंटित किए हैं जोकि 2014 के आवंटन से सात गुना अधिक है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद रेलवे में प्रौद्योगिकी और निवेश की कमी थी और दशकों तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ था। उन्‍होंने कहा कि रेलवे एक तकनीकी संस्‍था है लेकिन इसका भी राजनीतिकरण किया गया। वैष्‍णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने रेलवे में कई प्रमुख बदलाव किए हैं, दस गुना निवेश बढ़ाया है और नई प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्‍होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में रेलवे नेटवर्क में 31 हजार 180 किलोमीटर नई रेल लाइनें जोड़ी गई हैं और प्रतिदिन 14 किलोमीटर रेल लाइनें जोड़ी जा रही हैं। रेल मंत्री ने कहा कि आजादी से वर्ष 2014 तक केवल 21 हजार किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण हुआ था लेकिन पिछले दस वर्षों में 40 हजार किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण हुआ। उन्‍होंने बताया कि 1326 रेलवे स्‍टेशनों का पुनर्निर्माण हो रहा है, वंदेभारत मेट्रो का परीक्षण चल रहा है और वंदेभारत स्‍लीपर रेलगाड़ी कुछ ही दिनों में शुरू की जाएगी। वैष्‍णव ने कहा कि रेलवे में आधुनिक कवच प्रणाली पूरे देश में मिशन मोड में लागू की जाएगी। यह प्रणाली देश में ही विकसित की जा रही है।

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