मार्च 8, 2026

कैपिटल गेन कराधान सरल और युक्तिसंगत बनाया गया

लघु अवधि लाभ पर 20 प्रतिशत की कर दर तथा दीर्घ अवधि के लाभों पर 12.5 प्रतिशत की दर से कर लगेगा
वित्तीय परिसंपत्तियों पर दीर्घ अवधि कैपिटल गेन की छूट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर प्रति वर्ष 1.25 लाख रुपये की गई

केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में ‘केन्‍द्रीय बजट 2024-25’ पेश करते हुए कहा कि कैपिटल गेन टैक्‍स का सरलीकरण और युक्तिसंगत बनाया जाना केन्‍द्रीय बजट 2024-25 के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक था।

सीतारमण ने कहा कि अब से कुछ वित्तीय परिसंपत्तियों पर लघु अवधि के लाभों पर 20 प्रतिशत की दर से कर लगेगा जबकि अन्य सभी वित्तीय परिसंपत्तियों और सभी गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों पर लागू कर दर जारी रहेगी।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सभी वित्तीय और गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों पर दीर्घ अवधि के लाभों पर 12.5 प्रतिशत का कर दर लगेगा। निम्न और मध्यम आय वाले वर्गों के लाभ के लिए उन्‍होंने कुछ परिसंपत्तियों पर कैपि‍टल गेन के छूट की सीमा को 1 लाख रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये प्रति वर्ष करने का प्रस्ताव रखा।

वित्त मंत्री ने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय तक रखी गई सूचीबद्ध वित्तीय परिसंपत्तियों को दीर्घकालिक के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा जबकि गैर-सूचीबद्ध वित्तीय परिसंपत्तियों और सभी गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों को दीर्घकालिक के रूप में वर्गीकृत किए जाने के लिए इन्हें कम से कम दो वर्षों के लिए होल्‍ड करना होगा।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि गैर-सूचीबद्ध बांड और डिबेंचर्स, डेब्ट म्युचुअल फंडों और मार्केट लिंक्ड डिबेंचरों पर, होल्डिंग पीरियड चाहे जो भी हो, कैपि‍टल गेन टैक्स लागू कर दर से देय होगा।

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