मार्च 14, 2026

सीबीडीटी ने आय का उपयोग करने के उद्देश्‍य से किसी ट्रस्ट/संस्था द्वारा दूसरे ट्रस्ट/संस्थान को दिए गए दान से संबंधित वित्त अधिनियम 2023 के तहत प्रावधानों को स्पष्ट किया है

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 12एए या 12एबी के तहत पंजीकृत कोई भी ट्रस्ट या संस्थान छूट प्राप्त है,  हालांकि कुछ शर्तों को पूरा करना होगा

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 (23सी) के निर्दिष्ट उप-खंडों में उल्लिखित किसी फंड या संस्थान या ट्रस्ट या किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या किसी अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान अथवा अधिनियम की धारा 12एए/12एबी के तहत पंजीकृत किसी भी ट्रस्ट या संस्थान की आय पर छूट प्राप्‍त है। हालांकि, इसके लिए अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत निर्दिष्ट कुछ शर्तों को पूरा करना होगा।

वित्त अधिनियम, 2023 में प्रावधान है कि किसी ट्रस्ट/संस्था द्वारा किए गए दान (किसी कोष में किए गए दान के अलावा) को इस तरह के दान के केवल 85% की अधिकतम सीमा तक ही धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के उपयोग के रूप में माना जाएगा।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को ऐसे ज्ञापन प्राप्त हुए हैं, जिनमें यह चिंता व्यक्त की गई है कि क्या अन्य ट्रस्ट/संस्थान को दिए गए दान का शेष 15 प्रतिशत कर योग्य होगा या 15 प्रतिशत संचय के लिए पात्र होगा क्योंकि पहले ही वितरित कर दिए जाने के कारण यह धनराशि उपलब्ध नहीं होगी।

सीबीडीटी ने ऊपर उठाए गए मुद्दों के संदर्भ में इस मामले पर गौर किया है। एफ. नंबर 370142/5/2024-टीपीएल दिनांक 06.03.2024 में जारी सर्कुलर नंबर 3/2024 के जरिए इस मामले को दृष्टांत उदाहरणों से स्पष्ट किया गया है, ताकि इसे सटीक रूप में समझा जा सके। उक्त परिपत्र circular-3-2024.pdf (incometaxindia.gov.in) पर उपलब्ध है।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading